{"_id":"6a0b4b03ae3921259700b206","slug":"30-years-imprisonment-to-two-accused-of-gang-rape-of-a-minor-hapur-news-c-135-1-hpr1001-141656-2026-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को 30 वर्ष का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को 30 वर्ष का कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हापुड़। नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में दो आरोपियों को अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत ने दोषी करार दिया है। दोनों को 30 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा न्यायालय ने दोषियों को 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
थाना सिंभावली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पांच मार्च 2018 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि दो मार्च की शाम करीब साढ़े सात बजे उनकी 14 वर्षीय पुत्री उनके चाचा के घर से अपने घर के लिए आ रही थी। जब वह गुफरान के घर के पास पहुंची तो सोनू ने उनकी पुत्री को गुफरान के घर में खींच लिया और सामूहिक दुष्कर्म किया। पुत्री के शोर मचाने पर मोहल्ले के कुछ लोग वहां पहुंच गए। आरोपी सोनू उनकी पुत्री को जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। सोनू के साथ दो अज्ञात व्यक्ति भी शामिल थे। किशोरी के बयान और पुलिस की जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में सोनू, रिजवान और जीशान के खिलाफ नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म व अन्य धाराओं में आरोप पत्र प्रेषित किया था। कोर्ट में विचाराधीन मामले के दौरान सोनू की मौत हो गई थी।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही थी। सोमवार को न्यायाधीश ने रिजवान व जीशान को दोषी करार देते हुए 30 वर्ष सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की दशा में दोषियों को पांच पांच माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
विज्ञापन
Trending Videos
थाना सिंभावली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पांच मार्च 2018 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि दो मार्च की शाम करीब साढ़े सात बजे उनकी 14 वर्षीय पुत्री उनके चाचा के घर से अपने घर के लिए आ रही थी। जब वह गुफरान के घर के पास पहुंची तो सोनू ने उनकी पुत्री को गुफरान के घर में खींच लिया और सामूहिक दुष्कर्म किया। पुत्री के शोर मचाने पर मोहल्ले के कुछ लोग वहां पहुंच गए। आरोपी सोनू उनकी पुत्री को जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। सोनू के साथ दो अज्ञात व्यक्ति भी शामिल थे। किशोरी के बयान और पुलिस की जांच के बाद पुलिस ने कोर्ट में सोनू, रिजवान और जीशान के खिलाफ नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म व अन्य धाराओं में आरोप पत्र प्रेषित किया था। कोर्ट में विचाराधीन मामले के दौरान सोनू की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही थी। सोमवार को न्यायाधीश ने रिजवान व जीशान को दोषी करार देते हुए 30 वर्ष सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की दशा में दोषियों को पांच पांच माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।