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Hapur News: फर्जी बोर्ड ड्यूटी मुक्ति प्रमाण पत्र के मामले में बीईओ ने बीएसए को सौंपी रिपोर्ट, मिली खामी
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हापुड़। झड़ीना स्थित प्राथमिक स्कूल के दो शिक्षकों की ओर से फर्जी बोर्ड ड्यूटी मुक्ति प्रमाण पत्र बनाए जाने के मामले में बीईओ ने रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी है। प्रथम दृष्टता बड़ी खामियां मिली हैं, अब बीएसए कार्यालय इस प्रकरण में सख्त निर्णय ले सकता है।
दरअसल, प्राथमिक स्कूल के दो शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगी थी। इनमें एक शिक्षक ने 15 सत्र तो दूसरे ने छह दिन में सात सत्र की ड्यूटी की थी। लेकिन उपस्थिति लॉक की प्रक्रिया के दौरान इन शिक्षकों ने कुटरचित और फर्जी बोर्ड ड्यूटी मुक्ति प्रमाण पत्र लाकर दिया।
प्रधानाध्यापक ने इस प्रकरण में साक्ष्य जुटाते हुए अधिकारियों से शिकायत की थी। बोर्ड केंद्र के प्रधानाचार्य की ओर से उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड से शिक्षकों द्वारा दिया प्रमाण पत्र भिन्न पाया गया है। इन दस्तावेजों की जांच खंड शिक्षा अधिकारी ने भी की है, क्योंकि बीएसए ने उन्हें जांच सौंपी थी। अब इस प्रकरण की रिपोर्ट बीईओ द्वारा बीएसए को सौंप दी गई है।
बिना अनुमति स्कूल से मारी छुट्टी
इन शिक्षकों में एक ने बोर्ड की सात सत्र ड्यूटी की, जबकि अपने प्राथमिक स्कूल से बिना अधिकारियों को सूचित किए 15 छुट्टियां मारी। अब प्रकरण खुलने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। बता दें कि बीएसए अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई के लिए विख्यात हैं, ऐसे में इन शिक्षकों पर भी बड़ी गाज गिर सकती है।
बीएसए को सौंपी है रिपोर्ट
प्रथम दृष्टता दस्तावेजों में हेराफेरी मिली है, इस प्रकरण से जुड़े साक्ष्य बीएसए कार्यालय प्रेषित कर दिए हैं। बीएसए की ओर से इस प्रकरण में कार्रवाई की जानी है।-- सर्वेश कुमार, बीईओ
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दरअसल, प्राथमिक स्कूल के दो शिक्षकों की ड्यूटी बोर्ड परीक्षा में लगी थी। इनमें एक शिक्षक ने 15 सत्र तो दूसरे ने छह दिन में सात सत्र की ड्यूटी की थी। लेकिन उपस्थिति लॉक की प्रक्रिया के दौरान इन शिक्षकों ने कुटरचित और फर्जी बोर्ड ड्यूटी मुक्ति प्रमाण पत्र लाकर दिया।
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प्रधानाध्यापक ने इस प्रकरण में साक्ष्य जुटाते हुए अधिकारियों से शिकायत की थी। बोर्ड केंद्र के प्रधानाचार्य की ओर से उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड से शिक्षकों द्वारा दिया प्रमाण पत्र भिन्न पाया गया है। इन दस्तावेजों की जांच खंड शिक्षा अधिकारी ने भी की है, क्योंकि बीएसए ने उन्हें जांच सौंपी थी। अब इस प्रकरण की रिपोर्ट बीईओ द्वारा बीएसए को सौंप दी गई है।
बिना अनुमति स्कूल से मारी छुट्टी
इन शिक्षकों में एक ने बोर्ड की सात सत्र ड्यूटी की, जबकि अपने प्राथमिक स्कूल से बिना अधिकारियों को सूचित किए 15 छुट्टियां मारी। अब प्रकरण खुलने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। बता दें कि बीएसए अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई के लिए विख्यात हैं, ऐसे में इन शिक्षकों पर भी बड़ी गाज गिर सकती है।
बीएसए को सौंपी है रिपोर्ट
प्रथम दृष्टता दस्तावेजों में हेराफेरी मिली है, इस प्रकरण से जुड़े साक्ष्य बीएसए कार्यालय प्रेषित कर दिए हैं। बीएसए की ओर से इस प्रकरण में कार्रवाई की जानी है।