{"_id":"6a72211728a90e24c405d5d6","slug":"bsp-office-rent-unpaid-for-13-months-commotion-and-scuffle-ensue-hapur-news-c-135-1-hpr1001-146097-2026-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: 13 महीने से बसपा कार्यालय के किराए का नहीं हुआ भुगतान, हंगामे के साथ धक्का-मुक्की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: 13 महीने से बसपा कार्यालय के किराए का नहीं हुआ भुगतान, हंगामे के साथ धक्का-मुक्की
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हापुड़। दिल्ली रोड स्थित बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिला कार्यालय में मंगलवार को किराए के विवाद को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हंगामा हुआ। कार्यालय का 13 महीने का किराया बकाया होने का आरोप लगाते हुए पूर्व जिलाध्यक्ष व वर्तमान में मेरठ मंडल के प्रभारी डॉ. एके कर्दम और बसपा नेता दिलीप जाटव के बीच धक्का-मुक्की तक हो गई। इसके बाद अन्य कार्यकर्ताओं ने दोनों के बीच बीच-बचाव कराया।
बसपा की ओर से मंगलवार को जिला कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें बसपा के सभी पदाधिकारी जुटे थे। मेरठ व आगरा मंडल के मुख्य प्रभारी सूरजपाल सिंह पार्टी कार्यालय पर बैठक करने आए थे। इसी दौरान कार्यालय के 13 महीने के किराए के भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
आरोप है कि इसी मुद्दे पर बसपा नेता एडवोकेट दिलीप सिंह ने किराया देने की बात कही। उन्होंने कहा कि 13 महीने का करीब 20 हजार रुपया बकाया है, जो डॉ. एके कर्दम के कार्यकाल का था। इसको लेकर दोनों नेताओं के बीच कहासुनी शुरू हुई, जिसके बाद माहौल गरमा गया और धक्का-मुक्की होने लगी। इस दौरान बैठक में जिलाध्यक्ष जगमाल पाल भी मौजूद थे। अन्य लोगों ने मामले को संभालते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया। पूर्व जिलाध्यक्ष डाॅ. एके कर्दम और दिलीप जाटव का कहना है कि मामले मात्र कहासुनी हुई थी। आपसी सहमति के बाद मामला शांत हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
बसपा की ओर से मंगलवार को जिला कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें बसपा के सभी पदाधिकारी जुटे थे। मेरठ व आगरा मंडल के मुख्य प्रभारी सूरजपाल सिंह पार्टी कार्यालय पर बैठक करने आए थे। इसी दौरान कार्यालय के 13 महीने के किराए के भुगतान को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
विज्ञापन
आरोप है कि इसी मुद्दे पर बसपा नेता एडवोकेट दिलीप सिंह ने किराया देने की बात कही। उन्होंने कहा कि 13 महीने का करीब 20 हजार रुपया बकाया है, जो डॉ. एके कर्दम के कार्यकाल का था। इसको लेकर दोनों नेताओं के बीच कहासुनी शुरू हुई, जिसके बाद माहौल गरमा गया और धक्का-मुक्की होने लगी। इस दौरान बैठक में जिलाध्यक्ष जगमाल पाल भी मौजूद थे। अन्य लोगों ने मामले को संभालते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया। पूर्व जिलाध्यक्ष डाॅ. एके कर्दम और दिलीप जाटव का कहना है कि मामले मात्र कहासुनी हुई थी। आपसी सहमति के बाद मामला शांत हो गया था।
विज्ञापन