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Hapur News: सेहल में गरजा बुलडोजर, तालाब की जमीन से पक्का निर्माण ध्वस्त कराया
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गांव सेहल में तालाब से अवैध कब्जा हटवाती प्रशासनिक टीम। संवाद
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गढ़मुक्तेश्वर। बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव सेहल में बुधवार को प्रशासन का बुलडोजर जमकर गरजा। तालाब की भूमि पर लंबे समय से किए गए अवैध कब्जे को हटाने के लिए राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान महिलाओं ने विरोध जताया और टीम के साथ तीखी नोकझोंक करते हुए अभद्रता की। लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए करीब तीन घंटे में पूरे कब्जे को ध्वस्त कर दिया।
एसडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि तालाब की भूमि पर अवैध निर्माण की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम गठित कर जांच कराई गई, जिसमें मौके पर कब्जा पाया गया। जांच में सामने आया कि करीब 300 गज जमीन पर पक्का मकान, एक दुकान और शौचालय बनाकर कब्जा किया गया था। ग्रामीण राजाराम और हरीसिंह द्वारा लंबे समय से तालाब की जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। इस संबंध में पहले भी उप्र राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत कार्रवाई की जा चुकी थी। पूर्व में तहसीलदार द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया, जिसके चलते प्रशासन को यह कठोर कदम उठाना पड़ा। बुधवार को जैसे ही राजस्व टीम से लेखपाल नितिश त्यागी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा, वहां मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। महिलाओं ने आगे आकर कार्रवाई रोकने का प्रयास किया और अधिकारियों से तीखी बहस हुई। हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया और बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण को गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे गांव में हडक़ंप मचा रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। एसडीएम ने कहा कि तालाब जैसी सार्वजनिक संपत्तियों को मुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखा जा सके।
शिकायतों का अंबार बना कार्रवाई की वजह
गांव सेहल में तालाब की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद जांच कर सख्त कदम उठाया गया।
चेतावनी के बावजूद नहीं हटाया कब्जा
प्रशासन द्वारा पहले नोटिस देकर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अनदेखी की गई। आखिरकार बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माण को हटाया गया, जिससे अन्य अतिक्रमणकारियों में भी हड़कंप मच गया।
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एसडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि तालाब की भूमि पर अवैध निर्माण की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम गठित कर जांच कराई गई, जिसमें मौके पर कब्जा पाया गया। जांच में सामने आया कि करीब 300 गज जमीन पर पक्का मकान, एक दुकान और शौचालय बनाकर कब्जा किया गया था। ग्रामीण राजाराम और हरीसिंह द्वारा लंबे समय से तालाब की जमीन पर अतिक्रमण किया गया था। इस संबंध में पहले भी उप्र राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत कार्रवाई की जा चुकी थी। पूर्व में तहसीलदार द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया, जिसके चलते प्रशासन को यह कठोर कदम उठाना पड़ा। बुधवार को जैसे ही राजस्व टीम से लेखपाल नितिश त्यागी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा, वहां मौजूद लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। महिलाओं ने आगे आकर कार्रवाई रोकने का प्रयास किया और अधिकारियों से तीखी बहस हुई। हालांकि पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया और बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण को गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान पूरे गांव में हडक़ंप मचा रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। एसडीएम ने कहा कि तालाब जैसी सार्वजनिक संपत्तियों को मुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखा जा सके।
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शिकायतों का अंबार बना कार्रवाई की वजह
गांव सेहल में तालाब की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद जांच कर सख्त कदम उठाया गया।
चेतावनी के बावजूद नहीं हटाया कब्जा
प्रशासन द्वारा पहले नोटिस देकर कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अनदेखी की गई। आखिरकार बुलडोजर कार्रवाई कर अवैध निर्माण को हटाया गया, जिससे अन्य अतिक्रमणकारियों में भी हड़कंप मच गया।