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Hapur News: कागजों में फर्जी ढंग से कारोबार दर्शाकर हड़पी करोड़ों रुपये की आईटीसी
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हापुड़। धौलाना औद्योगिक क्षेत्र में स्थित खेकड़ा फेब्रिकेशन एंड रीसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कागजों पर ही कारोबार करके राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग (एसजीएसटी) को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया। एसजीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा (एसआईबी) की जांच में हेराफेरी का खुलासा हुआ। इसके बाद विभाग ने फर्म से 60 लाख रुपये राज्य कर विभाग के खाते में जमा कराए।
राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग के खंड तीन में पंजीकृत खेकड़ा फेब्रिकेशन एंड रीसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी स्क्रैप का कारोबार करती है। फर्म वर्ष 2024-25 में 5.83 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और वर्ष 2025-26 में 1.29 करोड़ रुपये की आईटीसी कर देयता को समायोजित कर दी लेकिन फर्म ने फरवरी 2026 के बाद कोई रिटर्न दाखिल नहीं किया।
एसआईबी के संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एसआईबी उपायुक्त विमल कुमार दुबे, सीटीओ सतीश तिवारी धौलाना औद्योगिक क्षेत्र स्थित फर्म पर जांच करने पहुंचे। इस दौरान मुजफ्फरनगर स्थित व्यापार स्थल पर भी एसआईबी टीम जांच करने पहुंची लेकिन वहां कोई व्यापार स्थल नहीं मिला। धौलाना क्षेत्र में स्थित फर्म की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि फर्म ने बोगस फर्म से 4.25 लाख रुपये की खरीद फरोख्त की है, जबकि इन फर्मों का रजिस्ट्रेशन पूर्व में ही कैंसिल हो चुका है।
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जांच के दौरान पता लगा कि फर्म ने वर्ष 2024-25 में 5.31 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आईटीसी भी क्लेम कर रखी है। फर्म पर व्यापार की तुलना में स्टॉक भी नहीं मिला। जांच में पता लगा कि फर्म तो अस्तित्व में है लेकिन व्यापार कागजों में ही किया जा रहा है। बोगस फर्मों से कारोबार कर फर्जी तरीके से आईटीसी क्लेम और समायोजित कर विभाग को चूना लगाया जा रहा है। जांच के दौरान फर्म के खाते से विभाग के खाते में 60 लाख रुपये जमा करा दिए गए हैं।
56 फर्मों से पकड़ी 68.29 करोड़ की टैक्स चोरी
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जीएसटी एसआईबी टीम ने जिले में 56 फर्मों पर छापा मारकर जांच की तो 68.29 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ में आई। इन सभी फर्मों से बोगस फर्मों से कारोबार दिखाकर फर्जी तरीके से आईटीसी क्लेम कर विभाग को चूना लगाया था। वहीं जिले में कई स्थानों पर फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराकर विभाग को चूना लगाने के मामले भी प्रकाश में आए थे।
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राज्य वस्तु एवं सेवा कर विभाग के खंड तीन में पंजीकृत खेकड़ा फेब्रिकेशन एंड रीसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी स्क्रैप का कारोबार करती है। फर्म वर्ष 2024-25 में 5.83 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और वर्ष 2025-26 में 1.29 करोड़ रुपये की आईटीसी कर देयता को समायोजित कर दी लेकिन फर्म ने फरवरी 2026 के बाद कोई रिटर्न दाखिल नहीं किया।
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एसआईबी के संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एसआईबी उपायुक्त विमल कुमार दुबे, सीटीओ सतीश तिवारी धौलाना औद्योगिक क्षेत्र स्थित फर्म पर जांच करने पहुंचे। इस दौरान मुजफ्फरनगर स्थित व्यापार स्थल पर भी एसआईबी टीम जांच करने पहुंची लेकिन वहां कोई व्यापार स्थल नहीं मिला। धौलाना क्षेत्र में स्थित फर्म की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि फर्म ने बोगस फर्म से 4.25 लाख रुपये की खरीद फरोख्त की है, जबकि इन फर्मों का रजिस्ट्रेशन पूर्व में ही कैंसिल हो चुका है।
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जांच के दौरान पता लगा कि फर्म ने वर्ष 2024-25 में 5.31 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आईटीसी भी क्लेम कर रखी है। फर्म पर व्यापार की तुलना में स्टॉक भी नहीं मिला। जांच में पता लगा कि फर्म तो अस्तित्व में है लेकिन व्यापार कागजों में ही किया जा रहा है। बोगस फर्मों से कारोबार कर फर्जी तरीके से आईटीसी क्लेम और समायोजित कर विभाग को चूना लगाया जा रहा है। जांच के दौरान फर्म के खाते से विभाग के खाते में 60 लाख रुपये जमा करा दिए गए हैं।
56 फर्मों से पकड़ी 68.29 करोड़ की टैक्स चोरी
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जीएसटी एसआईबी टीम ने जिले में 56 फर्मों पर छापा मारकर जांच की तो 68.29 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ में आई। इन सभी फर्मों से बोगस फर्मों से कारोबार दिखाकर फर्जी तरीके से आईटीसी क्लेम कर विभाग को चूना लगाया था। वहीं जिले में कई स्थानों पर फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराकर विभाग को चूना लगाने के मामले भी प्रकाश में आए थे।