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Hapur News: बिजली विभाग...डेढ़ सौ करोड़ की खुराक मिली, पैर फिर भी कमजोर
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गद्दापाड़े में दुकान के बाहर खड़ा जर्जर बिजली का खंभा। संवाद
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फोटो संख्या-- -13
देर रात ऑनलाइन करें-- -
पड़ताल:
बिजली आपूर्ति का बोझ नहीं उठा पा रहे जर्जर खंभे और तार, हादसों का रहता है खतरा
-रिवैंप, बिजनेस प्लान में मोटी रकम खर्चने के बावजूद व्यवस्था बदहाल, गर्मियों में बढ़ेगी कटौती
जतिन त्यागी
हापुड़। जिले की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए 150 करोड़ रुपये की खुराक दी गई लेकिन पैर (खंभे) फिर भी कमजोर रह गए। शहर में कई जगह गल चुके लोहे के खंभों के सहारे ही बिजली व्यवस्था चल रही है। घनी आबादी के बीच इन्हीं खंभों पर हाईटेंशन लाइनों का बोझ है। इससे हर पल हादसे का खतरा रहता है। बिजली विभाग ने अपनी खामियां छिपाने के लिए इन खंभों पर पन्नी बांध दी हैं। कुछ पर खंभों को लोहे की एंगल वेल्ड करके सहारा दिया गया है।
जिले में रिवैंप और बिजनेस प्लान लागू हैं। इन दोनों योजनाओं का बजट 150 करोड़ से ज्यादा है। रिवैंप में 90 फीसदी से अधिक काम किया जा चुका है। इसके बाद भी शहर में बिजली व्यवस्था में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। ढांचा भी जस का तस है। कुछ नई लाइनें जरूर डाली गईं हैं। बहुत से क्षेत्रों में सप्लाई अभी भी दशकों पुराने खंभों से दी जा रही है। घनी आबादी के बीच दर्जनों खंभे नीचे से गले हुए हैं। स्वर्ग आश्रम रोड पर तो इनकी भरमार है।
गद्दा पाड़ा में मस्जिद के सामने जर्राह की दुकान के बाहर लोहे का खंभा नीचे से पूरी तरह गल चुका है। हवा चलने पर यह तारों के सहारे यह भी झूलता है। शिकायत के बावजूद इसे बदला नहीं गया है।
बुलंदशहर रोड पर चर्च के पास हाईटेंशन लाइन जिस खंभे से होकर गुजर रही है, वह नीचे से पूरी तरह गल चुका है। यहां से बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं।
कोठीगेट बेहद भीड़भाड़ वाला इलाका है। यहां हाईटेंशन लाइनें बाजार के ऊपर से गुजर रही हैं। टी प्वाइंट के पास एक खंभा नीचे से पूरी तरह गल चुका है। हवा चलने पर डगमगाता है। इससे हादसे की आशंका रहती है। बिजली आपूर्ति में भी बाधा पहुंचती है।
राजीव विहार में लगे खंभों की हालत बेहद जर्जर है। इन खंभों पर तारों का मकड़जाल है। खंभे नीचे से पूरी तरह गल चुके हैं। स्थानीय लोग खराब मौसम में भगवान सहारे रहते हैं। तमाम योजनाओं के बाजवूद इन्हें नहीं बदला गया है।
जल्द बदलवाए जाएंगे लोहे के खंभे
अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र ने बताया कि लोहे के खंभे जंग लगने से जल्दी जर्जर हो जाते हैं। इसलिए निगम ने अब 11 मीटर के पत्थर वाले खंभों की खरीद करना शुरू किया है। ऐसे खंभों की सूची तैयार की जा रही है, इन्हें जल्द बदलवाया जाएगा।
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-रिवैंप, बिजनेस प्लान में मोटी रकम खर्चने के बावजूद व्यवस्था बदहाल, गर्मियों में बढ़ेगी कटौती
जतिन त्यागी
हापुड़। जिले की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए 150 करोड़ रुपये की खुराक दी गई लेकिन पैर (खंभे) फिर भी कमजोर रह गए। शहर में कई जगह गल चुके लोहे के खंभों के सहारे ही बिजली व्यवस्था चल रही है। घनी आबादी के बीच इन्हीं खंभों पर हाईटेंशन लाइनों का बोझ है। इससे हर पल हादसे का खतरा रहता है। बिजली विभाग ने अपनी खामियां छिपाने के लिए इन खंभों पर पन्नी बांध दी हैं। कुछ पर खंभों को लोहे की एंगल वेल्ड करके सहारा दिया गया है।
जिले में रिवैंप और बिजनेस प्लान लागू हैं। इन दोनों योजनाओं का बजट 150 करोड़ से ज्यादा है। रिवैंप में 90 फीसदी से अधिक काम किया जा चुका है। इसके बाद भी शहर में बिजली व्यवस्था में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। ढांचा भी जस का तस है। कुछ नई लाइनें जरूर डाली गईं हैं। बहुत से क्षेत्रों में सप्लाई अभी भी दशकों पुराने खंभों से दी जा रही है। घनी आबादी के बीच दर्जनों खंभे नीचे से गले हुए हैं। स्वर्ग आश्रम रोड पर तो इनकी भरमार है।
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गद्दा पाड़ा में मस्जिद के सामने जर्राह की दुकान के बाहर लोहे का खंभा नीचे से पूरी तरह गल चुका है। हवा चलने पर यह तारों के सहारे यह भी झूलता है। शिकायत के बावजूद इसे बदला नहीं गया है।
बुलंदशहर रोड पर चर्च के पास हाईटेंशन लाइन जिस खंभे से होकर गुजर रही है, वह नीचे से पूरी तरह गल चुका है। यहां से बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं।
कोठीगेट बेहद भीड़भाड़ वाला इलाका है। यहां हाईटेंशन लाइनें बाजार के ऊपर से गुजर रही हैं। टी प्वाइंट के पास एक खंभा नीचे से पूरी तरह गल चुका है। हवा चलने पर डगमगाता है। इससे हादसे की आशंका रहती है। बिजली आपूर्ति में भी बाधा पहुंचती है।
राजीव विहार में लगे खंभों की हालत बेहद जर्जर है। इन खंभों पर तारों का मकड़जाल है। खंभे नीचे से पूरी तरह गल चुके हैं। स्थानीय लोग खराब मौसम में भगवान सहारे रहते हैं। तमाम योजनाओं के बाजवूद इन्हें नहीं बदला गया है।
जल्द बदलवाए जाएंगे लोहे के खंभे
अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र ने बताया कि लोहे के खंभे जंग लगने से जल्दी जर्जर हो जाते हैं। इसलिए निगम ने अब 11 मीटर के पत्थर वाले खंभों की खरीद करना शुरू किया है। ऐसे खंभों की सूची तैयार की जा रही है, इन्हें जल्द बदलवाया जाएगा।

गद्दापाड़े में दुकान के बाहर खड़ा जर्जर बिजली का खंभा। संवाद

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