{"_id":"6a09f6400f0eb17fce009cc4","slug":"faces-of-instructors-lit-up-after-getting-increased-honorarium-got-respect-hapur-news-c-135-1-hpr1002-141597-2026-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: बढ़ा मानदेय पाकर खिले अनुदेशकों के चेहरे, मिला सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: बढ़ा मानदेय पाकर खिले अनुदेशकों के चेहरे, मिला सम्मान
विज्ञापन
विकास भवन में अनुदेशकों को चेक देती जिला पंचायत सदस्य डीएम व सीडीओ। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हापुड़। विकास भवन सभागार में रविवार को अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाए जाने पर सम्मान समारोह आयोजित हुआ। इसमें अनुदेशकों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वर्चुअल कार्यक्रम दिखाया। साथ ही बढ़ा मानदेय देकर सम्मानित किया गया।
बेसिक शिक्षा विभाग के ऐसे उच्च प्राथमिक स्कूल जिनमें छात्रों की संख्या 100 से अधिक है, उनमें कला विषय, कृषि /गृह विज्ञान एवं शारीरिक शिक्षा के अध्ययन के लिए अनुदेशक नियुक्त किए गए हैं। अभी तक अनुदेशकों को हर महीने नौ हजार रुपये मानदेय मिलता था। लेकिन अब सरकार ने मानदेय बढ़ाकर 17 हजार कर दिया है। इन्हीं के साथ शिक्षामित्रों का मानदेय भी 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार किया गया है।
रविवार को विकास भवन सभागार में अंशकालिक अनुदेशकों का सम्मान समारोह आयोजित हुआ। अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सुना। इसके बाद उन्हें सम्मानित किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर ने कहा कि भाजपा की सरकार हर कर्मचारी, हर वर्ग के उत्थान के बारे में सोचती है। शिक्षामित्रों को सालों बाद उनका हक मिला है, अब अनुदेशकों को भी बढ़े मानदेय का लाभ मिल रहा है।
जिलाधिकारी कविता मीणा ने अनुदेशकों को उनके दायित्वों को लेकर जागरूक किया। सीडीओ श्रुति शर्मा ने अनुदेशकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में तीनों सांसदों के प्रतिनिधि समेत बीएसए रीतु तोमर समेत खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे। मंच संचालन अंजू आजाद और संजय शर्मा द्वारा किया गया।
सालों से अल्प मानदेय पर काम करना पड़ रहा था। सरकार ने अब मानदेय बढ़कर बड़ी राहत दी है। महंगाई के इस दौर में अब बच्चों की शिक्षा, दीक्षा अच्छे से कर सकेंगे।-- प्रतिभा ठाकुर, फोटो संख्या-29
एक समान कार्य एक समान वेतन की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। अब मानदेय में बढ़ोत्तरी से काफी हद तक राहत मिलेगी। सरकार ने सालों बाद हमारी मांगे सुनी हैं।-- मीनू तोमर, फोटो संख्या-- 30
-- -
अनुदेशक लंबे समय से मानदेय बढ़ोत्तरी की लड़ाई लड़ रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों का सपना साकार किया है। अब हमारी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, यह कदम सराहनीय है।-- पूनम, फोटो संख्या-- 31
-- -
स्कूलों में कड़ी मेहनत कर हम पठन पाठन का कार्य जारी रखते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारा मानदेय बढ़ाकर सम्मान दिया है। शिक्षामित्रों के लिए यह फैसला वरदान से कम नहीं है।-- सीमा-- -फोटो संख्या-32
बेसिक शिक्षा विभाग के ऐसे उच्च प्राथमिक स्कूल जिनमें छात्रों की संख्या 100 से अधिक है, उनमें कला विषय, कृषि /गृह विज्ञान एवं शारीरिक शिक्षा के अध्ययन के लिए अनुदेशक नियुक्त किए गए हैं। अभी तक अनुदेशकों को हर महीने नौ हजार रुपये मानदेय मिलता था। लेकिन अब सरकार ने मानदेय बढ़ाकर 17 हजार कर दिया है। इन्हीं के साथ शिक्षामित्रों का मानदेय भी 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को विकास भवन सभागार में अंशकालिक अनुदेशकों का सम्मान समारोह आयोजित हुआ। अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सुना। इसके बाद उन्हें सम्मानित किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर ने कहा कि भाजपा की सरकार हर कर्मचारी, हर वर्ग के उत्थान के बारे में सोचती है। शिक्षामित्रों को सालों बाद उनका हक मिला है, अब अनुदेशकों को भी बढ़े मानदेय का लाभ मिल रहा है।
जिलाधिकारी कविता मीणा ने अनुदेशकों को उनके दायित्वों को लेकर जागरूक किया। सीडीओ श्रुति शर्मा ने अनुदेशकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में तीनों सांसदों के प्रतिनिधि समेत बीएसए रीतु तोमर समेत खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे। मंच संचालन अंजू आजाद और संजय शर्मा द्वारा किया गया।
सालों से अल्प मानदेय पर काम करना पड़ रहा था। सरकार ने अब मानदेय बढ़कर बड़ी राहत दी है। महंगाई के इस दौर में अब बच्चों की शिक्षा, दीक्षा अच्छे से कर सकेंगे।
एक समान कार्य एक समान वेतन की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। अब मानदेय में बढ़ोत्तरी से काफी हद तक राहत मिलेगी। सरकार ने सालों बाद हमारी मांगे सुनी हैं।
अनुदेशक लंबे समय से मानदेय बढ़ोत्तरी की लड़ाई लड़ रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों का सपना साकार किया है। अब हमारी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, यह कदम सराहनीय है।
स्कूलों में कड़ी मेहनत कर हम पठन पाठन का कार्य जारी रखते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारा मानदेय बढ़ाकर सम्मान दिया है। शिक्षामित्रों के लिए यह फैसला वरदान से कम नहीं है।