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Hapur News: धौलाना में बन रही थी नकली एथिलीन करीब पांच करोड़ का माल बरामद
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धौलाना में फैक्टरी से जब्त किए गए नकली केमिकल के कार्टून। संवाद
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धौलाना (हापुड़)। थाना क्षेत्र के यूपीएसआईडीसी क्षेत्र स्थित मॉर्डन इंटरप्राइजेज फैक्टरी पर मेरठ व नागपुर महाराष्ट्र की फैक्टरियों के एक अधिकृत कर्मचारी ने पुलिस के साथ बृहस्पतिवार देर शाम छापा मारा। इस दौरान फैक्टरी से दोनों नामचीन कंपनियों का फल पकाने में काम आने वाला नकली एथिलीन बड़ी मात्रा में बरामद किया गया। बरामद माल की कीमत करीब पांच करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने कर्मचारी की तहरीर पर फैक्टरी मालिक व कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि नकली माल से तैयार हुए फलों से मुंबई में हुई फूड प्वाइजनिंग जैसी घटना हो सकती है।
जिला गाजियाबाद के स्वर्ण जयंती पुरम निवासी आर्यन राघव ने रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि वह मैसर्स गोल्ड राइप इंटरनेशनल प्रा. लि. मेरठ व लोग फ्रेश बायोटेक्नोलॉजी प्रा. लि. नागपुर महाराष्ट्र के अधिकृत कर्मचारी हैं। दोनों कंपनियों ने उन्हें नकली माल बनाने व बेचने की जांच करने व पुलिस से शिकायत करने के लिए अधिकृत किया हुआ है। उनकी मैसर्स गोल्ड राइप कंपनी एथिलीन राइपनर (फल पकाने का केमिकल) को गोल्ड राइप के ब्रांड नाम से व लोग फ्रेश बॉयोटेक्नोलॉजी कंपनी एफवाईके के ब्रांड नाम से बनाने व बेचने का कार्य करती हैं।
उनकी कंपनियों के नाम से नकली सामान बनाने व बेचने की काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं। यह सामान बनाकर पूरे देश में बेचा जा रहा था। इस पर उन्होंने बृहस्पतिवार को एसपी ज्ञानंजय सिंह से मामले की शिकायत की। एसपी ने थाना धौलाना प्रभारी को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आर्यन राघव ने बताया कि इसके बाद उन्होंने थाना धौलाना पुलिस की मौजूदगी में यूपीएसआईडीसी क्षेत्र स्थित मॉर्डन इंटरप्राइजेज फैक्टरी में छापा मारा।
इस दौरान फैक्टरी में अर्पित मोदी मिले। उन्होंने खुद को फैक्टरी का मैनेजर बताया था। बाद में पता चला कि अर्पित मोदी ही फैक्टरी का मालिक है, जो मौके से भाग गया। इसके बाद फैक्टरी की तलाशी के दौरान उन्होंने पुलिस के साथ दोनों कंपनियों के नाम से बड़ी मात्रा में नकली माल बरामद किया। इनमें एथिलीन राइपनर साल्ट मिला था। इसके अलावा उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में फैक्टरी से कंपनियों को खाली पैकेट, पाउच, कार्टून पैक व माल और पाउच बनाने वाली कई मशीनें भी बरामद कीं। पुलिस ने कंपनियों के नकली माल, सामान व मशीनों को जब्त कर इन्हें सीज कर दिया है।
सीओ अनीता चौहान ने बताया कि कंपनी के अधिकृत कर्मचारी की तहरीर पर अर्पित मोदी व कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों की तलाश की रही है।
पांच साल से चल रहा था काम
कंपनी के लीगल एडवाइजर संजीव कुमार राघव ने बताया कि उनकी कंपनियों सरकार की निगरानी में एक मानकों के हिसाब से फल पकाने में काम आने वाले इस केमिकल को प्रयोग करते हैं, लेकिन नकली माल तैयार करने वालों का कोई मानक नहीं होता। ऐसे में यह बेहद घातक हो सकता है। उन्होंने बताया कि मुंबई में तरबूज खाने से फूड प्वाइनिंग से हुई चार लोगों की मौत का ऐसी ही केमिकल कारण हो सकता है। पुलिस की ओर से जब्त किए गए माल की कीमत करीब पांच करोड़ रुपये है और आरोपी पिछले करीब पांच साल से यहां इसे तैयार कर रहे थे और देशभर की मंडियों में इसकी सप्लाई थी। इससे पहले भी इसी ग्रुप के कुछ आरोपियों ने पुडुचेरी और फिर गाजियाबाद में फैक्टरी लगाई थी, जिसे कंपनी की सतर्कता के बाद पकड़ा गया था।
हो सकती है फूड प्वाइजनिंग
फिजीशियन डाॅ. पराग शर्मा ने बताया कि सामान्य प्रक्रिया से पके फल लोगों के स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर हैं। फलों को पकाने के लिए एथिलीन जैसे केमिकलों का प्रयोग सही मात्रा में ही होना चाहिए। केमिकल की मात्रा में गड़बड़ी होने पर यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। नकली एथिलीन से पकाए गए फलों से फूड प्वाइजनिंग हो सकती है। इसके अलावा यह एक धीमे जहर के रूप में भी काम करता है।
कोट
कंपनी के कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई है। इसमें बड़ी मात्रा में नकली एथिलीन बरामद की गई है। मामले में फैक्टरी मालिक और अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। -ज्ञानंजय सिंह,एसपी हापुड़
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जिला गाजियाबाद के स्वर्ण जयंती पुरम निवासी आर्यन राघव ने रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि वह मैसर्स गोल्ड राइप इंटरनेशनल प्रा. लि. मेरठ व लोग फ्रेश बायोटेक्नोलॉजी प्रा. लि. नागपुर महाराष्ट्र के अधिकृत कर्मचारी हैं। दोनों कंपनियों ने उन्हें नकली माल बनाने व बेचने की जांच करने व पुलिस से शिकायत करने के लिए अधिकृत किया हुआ है। उनकी मैसर्स गोल्ड राइप कंपनी एथिलीन राइपनर (फल पकाने का केमिकल) को गोल्ड राइप के ब्रांड नाम से व लोग फ्रेश बॉयोटेक्नोलॉजी कंपनी एफवाईके के ब्रांड नाम से बनाने व बेचने का कार्य करती हैं।
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उनकी कंपनियों के नाम से नकली सामान बनाने व बेचने की काफी समय से शिकायतें मिल रही थीं। यह सामान बनाकर पूरे देश में बेचा जा रहा था। इस पर उन्होंने बृहस्पतिवार को एसपी ज्ञानंजय सिंह से मामले की शिकायत की। एसपी ने थाना धौलाना प्रभारी को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आर्यन राघव ने बताया कि इसके बाद उन्होंने थाना धौलाना पुलिस की मौजूदगी में यूपीएसआईडीसी क्षेत्र स्थित मॉर्डन इंटरप्राइजेज फैक्टरी में छापा मारा।
इस दौरान फैक्टरी में अर्पित मोदी मिले। उन्होंने खुद को फैक्टरी का मैनेजर बताया था। बाद में पता चला कि अर्पित मोदी ही फैक्टरी का मालिक है, जो मौके से भाग गया। इसके बाद फैक्टरी की तलाशी के दौरान उन्होंने पुलिस के साथ दोनों कंपनियों के नाम से बड़ी मात्रा में नकली माल बरामद किया। इनमें एथिलीन राइपनर साल्ट मिला था। इसके अलावा उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में फैक्टरी से कंपनियों को खाली पैकेट, पाउच, कार्टून पैक व माल और पाउच बनाने वाली कई मशीनें भी बरामद कीं। पुलिस ने कंपनियों के नकली माल, सामान व मशीनों को जब्त कर इन्हें सीज कर दिया है।
सीओ अनीता चौहान ने बताया कि कंपनी के अधिकृत कर्मचारी की तहरीर पर अर्पित मोदी व कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों की तलाश की रही है।
पांच साल से चल रहा था काम
कंपनी के लीगल एडवाइजर संजीव कुमार राघव ने बताया कि उनकी कंपनियों सरकार की निगरानी में एक मानकों के हिसाब से फल पकाने में काम आने वाले इस केमिकल को प्रयोग करते हैं, लेकिन नकली माल तैयार करने वालों का कोई मानक नहीं होता। ऐसे में यह बेहद घातक हो सकता है। उन्होंने बताया कि मुंबई में तरबूज खाने से फूड प्वाइनिंग से हुई चार लोगों की मौत का ऐसी ही केमिकल कारण हो सकता है। पुलिस की ओर से जब्त किए गए माल की कीमत करीब पांच करोड़ रुपये है और आरोपी पिछले करीब पांच साल से यहां इसे तैयार कर रहे थे और देशभर की मंडियों में इसकी सप्लाई थी। इससे पहले भी इसी ग्रुप के कुछ आरोपियों ने पुडुचेरी और फिर गाजियाबाद में फैक्टरी लगाई थी, जिसे कंपनी की सतर्कता के बाद पकड़ा गया था।
हो सकती है फूड प्वाइजनिंग
फिजीशियन डाॅ. पराग शर्मा ने बताया कि सामान्य प्रक्रिया से पके फल लोगों के स्वास्थ्य के लिए सबसे बेहतर हैं। फलों को पकाने के लिए एथिलीन जैसे केमिकलों का प्रयोग सही मात्रा में ही होना चाहिए। केमिकल की मात्रा में गड़बड़ी होने पर यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। नकली एथिलीन से पकाए गए फलों से फूड प्वाइजनिंग हो सकती है। इसके अलावा यह एक धीमे जहर के रूप में भी काम करता है।
कोट
कंपनी के कर्मचारी की शिकायत पर पुलिस के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई है। इसमें बड़ी मात्रा में नकली एथिलीन बरामद की गई है। मामले में फैक्टरी मालिक और अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। -ज्ञानंजय सिंह,एसपी हापुड़
