{"_id":"69c030fa844cc2a9e709233c","slug":"farmers-will-progress-with-ai-profits-will-get-fertilizer-and-water-hapur-news-c-30-1-gbd1009-847687-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: एआई से उन्नत होंगे किसान, मुनाफे को मिलेगा खाद-पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: एआई से उन्नत होंगे किसान, मुनाफे को मिलेगा खाद-पानी
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़। अन्नदाताओं को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल करना सिखाया जाएगा। जिले के 90 हजार किसानों को डिजिटल एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म से जोड़कर उनके मुनाफे को खाद-पानी देने की योजना है। इसके लिए जिला कृषि अधिकारी का लखनऊ में प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, जल्द ही जिले में किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए पहले से ही कई स्तर पर काम चल रहा है। इसमें उन्नत बीज, सहफसली खेती और आधुनिक कृषि मददगार बन रहे हैं। अब एआई आधारित खेती इस प्रयास को नई गति देगी। सरकार ने कृषि क्षेत्र में एआई को प्राथमिकता देते हुए डिजिटल एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसान अब खेती के हर चरण में तकनीक की मदद ले सकेंगे। इसका सीधा लक्ष्य है उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना और किसानों की आय में स्थायी तौर पर वृद्धि करना।
एआई की मदद से किसान मिट्टी की गुणवत्ता की जांच, फसल की बोआई का सही समय, मौसम का सटीक पूर्वानुमान, सिंचाई प्रबंधन, कीट और रोग नियंत्रण तथा बेहतर उत्पादन तकनीकों की जानकारी मोबाइल अथवा अन्य डिजिटल डिवाइस से पर प्राप्त कर सकेंगे। इससे खेती में जोखिम घटेगा। शिक्षित युवा भी आधुनिक तकनीक और कृषि यंत्रों के संचालन को समझते हुए खेती से जुडऩे के लिए प्रेरित होंगे।
वर्तमान में अधिकांश किसान पारंपरिक अनुभव, स्थानीय सलाह और सीमित जानकारी के आधार पर खेती करते हैं। मौसम की सही जानकारी न मिलने से कई बार बोआई में देरी या फसल खराब होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इससे किसानों को आर्थिक क्षति होती है।
एआई से बदलेगा खेती का भविष्य-
*किसानों को उपज के अच्छे बाजार की मिलेगी जानकारी।
*मृदा स्वास्थ्य, उर्वरकों की उपलब्धता से रहेंगे अपडेट।
*किस सीजन में कौन सी खेती लाभदायक, मिलेगा अपडेट।
*कृषि वैज्ञानिक कीट/रोग नियंत्रण की देंगे जानकारी।
ट्रेनिंग पूरी, एआई से होगी खेती
ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। खेती करने में जिले के किसानों को अब एआई से मदद मिलेगी। इस संबंध में चरणबद्ध तरीके से प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे किसानों को एआई का भरपूर लाभ मिल सके।-- गौरव प्रकाश, जिला कृषि अधिकारी।
Trending Videos
किसानों की आय बढ़ाने के लिए पहले से ही कई स्तर पर काम चल रहा है। इसमें उन्नत बीज, सहफसली खेती और आधुनिक कृषि मददगार बन रहे हैं। अब एआई आधारित खेती इस प्रयास को नई गति देगी। सरकार ने कृषि क्षेत्र में एआई को प्राथमिकता देते हुए डिजिटल एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसान अब खेती के हर चरण में तकनीक की मदद ले सकेंगे। इसका सीधा लक्ष्य है उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना और किसानों की आय में स्थायी तौर पर वृद्धि करना।
विज्ञापन
विज्ञापन
एआई की मदद से किसान मिट्टी की गुणवत्ता की जांच, फसल की बोआई का सही समय, मौसम का सटीक पूर्वानुमान, सिंचाई प्रबंधन, कीट और रोग नियंत्रण तथा बेहतर उत्पादन तकनीकों की जानकारी मोबाइल अथवा अन्य डिजिटल डिवाइस से पर प्राप्त कर सकेंगे। इससे खेती में जोखिम घटेगा। शिक्षित युवा भी आधुनिक तकनीक और कृषि यंत्रों के संचालन को समझते हुए खेती से जुडऩे के लिए प्रेरित होंगे।
वर्तमान में अधिकांश किसान पारंपरिक अनुभव, स्थानीय सलाह और सीमित जानकारी के आधार पर खेती करते हैं। मौसम की सही जानकारी न मिलने से कई बार बोआई में देरी या फसल खराब होने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इससे किसानों को आर्थिक क्षति होती है।
एआई से बदलेगा खेती का भविष्य-
*किसानों को उपज के अच्छे बाजार की मिलेगी जानकारी।
*मृदा स्वास्थ्य, उर्वरकों की उपलब्धता से रहेंगे अपडेट।
*किस सीजन में कौन सी खेती लाभदायक, मिलेगा अपडेट।
*कृषि वैज्ञानिक कीट/रोग नियंत्रण की देंगे जानकारी।
ट्रेनिंग पूरी, एआई से होगी खेती
ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। खेती करने में जिले के किसानों को अब एआई से मदद मिलेगी। इस संबंध में चरणबद्ध तरीके से प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे किसानों को एआई का भरपूर लाभ मिल सके।