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Hapur News: 125 करोड़ की योजना में झोल बिना खंभे लगाए खींच दी लाइन
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बुलंदशहर रोड पर गलत तरीके से खींची गई विद्युत लाइन। संवाद
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हापुड़। रिवैंप योजना के तहत विद्युत लाइन बनाने में फर्जीवाड़ा हुआ है। उपखंड द्वितीय क्षेत्र के बुलंदशहर रोड गोल चक्कर के पास कम लंबाई के पीसीसी (पत्थर के खंभों) पोल पर ऊर्जा निगम की लाइन के नीचे ही रिवैंप योजना में एक और हाईटेंशन लाइन बना दी गई। जबकि एस्टीमेट लोहे के खंभों का लिया गया था, सामग्री बचाने के लिए ऐसा किया गया। एक्सईन ने जांच कर, कंपनी को पत्र लिखा है, साथ ही एसई को भी जांच आख्या भेजी है।
बुलंदशहर रोड गोल चक्कर से होते हुए इमटौरी फीडर की लाइन गुजर रही है, जोकि आनंद विहार बिजलीघर से बनकर आ रही है। पिछले साल ही यह लाइन शिफ्टिंग के बाद आठ मीटर वाले पत्थर के खंभों पर बनाई गई है, जिस पर पहले भी सवालिया निशान लगे थे।
इस लाइन में लगे खंभों की लंबाई मानक से कम है, फिर भी मानकों को दरकिनार करते हुए योजना में एक अन्य हाईटेंशन लाइन भी इन्हीं खंभों पर पूर्व में बनी लाइन के नीचे खींच दी गई है।
अधिकारियों का दावा है कि एस्टीमेट में 11 मीटर लंबाई वाले लोहे के खंभे लिए गए थे, लेकिन नई लाइन बनाने के दौरान लोहे के खंभे नहीं लिए गए, पूर्व में बनी लाइन के नीचे ही एक अन्य लाइन बना दी गई, जोकि पूरी तरह गलत है।
हाईवे किनारे की लाइन पर पहले भी उठे सवाल : दिल्ली गढ़ हाईवे बनने के दौरान एनएचएआई द्वारा 11 मीटर लोहे के खंभों पर हाईटेंशन लाइन तैयार की गई थी लेकिन पिछले साल उक्त पुरानी लाइन को एक कॉलोनी के अंदर से बाहर हाईवे की तरफ ही शिफ्ट कर दिया गया। जब यह लाइन बनाई तो इसमें महज 8 मीटर लंबाई के पत्थर के खंभे लगा दिए गए। जबकि ऐसी लाइनें 11 मीटर लंबे लोहे के खंभों पर बनाने के निर्देश हैं।
बिजलीघर के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध : इमटौरी फीडर से अनेकों गांव जुड़े हैं, रिवैंप योजना के तहत जब इस फीडर की लाइन को शट डाउन में लिया गया तब बिजलीघर के जिम्मेदारों को इसका आभास था। क्योंकि शट डाउन कई घंटे का था लेकिन ऊर्जा निगम की लाइन के नीचे ही दूसरी लाइन बन जाने का जब मामला खुला तब जिम्मेदार पल्ला झाड़ते नजर आए। लाइनमैनों को दोष दिया जाने लगा लेकिन मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने से कार्रवाई की तलवार लटकी है।
विधान परिषद की बैठक में उठा था मुद्दा : रिवैंप के कार्यों को लेकर जिला मुख्यालय में पिछले दिनों आयोजित विधान परिषद की बैठक में धौलाना विधायक ने गंभीर आरोप लगाए थे। 10 मई तक तमाम कार्य पूरे करने का अल्टीमेटम भी दिया गया। इसके बावजूद लाइन बनाने में फर्जीवाड़ा, गंभीर मामला है। क्योंकि यह योजना करीब 125 करोड़ की है।
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बुलंदशहर रोड गोल चक्कर से होते हुए इमटौरी फीडर की लाइन गुजर रही है, जोकि आनंद विहार बिजलीघर से बनकर आ रही है। पिछले साल ही यह लाइन शिफ्टिंग के बाद आठ मीटर वाले पत्थर के खंभों पर बनाई गई है, जिस पर पहले भी सवालिया निशान लगे थे।
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इस लाइन में लगे खंभों की लंबाई मानक से कम है, फिर भी मानकों को दरकिनार करते हुए योजना में एक अन्य हाईटेंशन लाइन भी इन्हीं खंभों पर पूर्व में बनी लाइन के नीचे खींच दी गई है।
अधिकारियों का दावा है कि एस्टीमेट में 11 मीटर लंबाई वाले लोहे के खंभे लिए गए थे, लेकिन नई लाइन बनाने के दौरान लोहे के खंभे नहीं लिए गए, पूर्व में बनी लाइन के नीचे ही एक अन्य लाइन बना दी गई, जोकि पूरी तरह गलत है।
हाईवे किनारे की लाइन पर पहले भी उठे सवाल : दिल्ली गढ़ हाईवे बनने के दौरान एनएचएआई द्वारा 11 मीटर लोहे के खंभों पर हाईटेंशन लाइन तैयार की गई थी लेकिन पिछले साल उक्त पुरानी लाइन को एक कॉलोनी के अंदर से बाहर हाईवे की तरफ ही शिफ्ट कर दिया गया। जब यह लाइन बनाई तो इसमें महज 8 मीटर लंबाई के पत्थर के खंभे लगा दिए गए। जबकि ऐसी लाइनें 11 मीटर लंबे लोहे के खंभों पर बनाने के निर्देश हैं।
बिजलीघर के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध : इमटौरी फीडर से अनेकों गांव जुड़े हैं, रिवैंप योजना के तहत जब इस फीडर की लाइन को शट डाउन में लिया गया तब बिजलीघर के जिम्मेदारों को इसका आभास था। क्योंकि शट डाउन कई घंटे का था लेकिन ऊर्जा निगम की लाइन के नीचे ही दूसरी लाइन बन जाने का जब मामला खुला तब जिम्मेदार पल्ला झाड़ते नजर आए। लाइनमैनों को दोष दिया जाने लगा लेकिन मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचने से कार्रवाई की तलवार लटकी है।
विधान परिषद की बैठक में उठा था मुद्दा : रिवैंप के कार्यों को लेकर जिला मुख्यालय में पिछले दिनों आयोजित विधान परिषद की बैठक में धौलाना विधायक ने गंभीर आरोप लगाए थे। 10 मई तक तमाम कार्य पूरे करने का अल्टीमेटम भी दिया गया। इसके बावजूद लाइन बनाने में फर्जीवाड़ा, गंभीर मामला है। क्योंकि यह योजना करीब 125 करोड़ की है।

बुलंदशहर रोड पर गलत तरीके से खींची गई विद्युत लाइन। संवाद