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Hapur News: शिवालयों की ओर बढ़ने लगे कांवड़िये, 11 अगस्त को शिवरात्रि पर करेंगे जलाभिषेक
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हापुड़। सावन मास प्रारंभ होने के साथ की कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है। शिवभक्त हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ने लगे हैं। आज सावन मास का प्रथम सोमवार के चलते शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। 11 अगस्त को शिवरात्रि पर शिवालयों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर बोल बम के जयकारों के साथ कांवड़ियों के जत्थे अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि अभी सड़कों पर कांवड़ियों की संख्या काफी कम है लेकिन दिन-प्रतिदिन कांवड़ियों की संख्या में अब इजाफा देखने को मिलेगा। वहीं सोमवार को गांव सबली स्थित प्राचीन महादेव मंदिर, छपकौली स्थित श्री श्यामेश्वर मंदिर सहित शहर और देहात क्षेत्रों के शिवालयों में पूजा अर्चना, जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगेगा।
पंडित सुबोध पांडेय ने बताया कि इस बार श्रावण माह में चार सोमवार हैं। पहला श्रावण सोमवार तीन अगस्त, दूसरा सोमवार 10 अगस्त, तीसरा सोमवार 17 अगस्त और चौथा सोमवार 24 अगस्त को है। जबकि श्रावण कृष्ण शिवरात्रि 11 अगस्त को है। सुबह 5:30 बजे से कांवड़िये भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकेंगे। श्रावण शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का बहुत शुभ दिन माना जाता है और इस दिन उपवास, रुद्राभिषेक और रात्रि पूजा का विशेष महत्व है।
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शिवरात्रि पर सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें। शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प, भस्म, दूब घास और फल अर्पित करें। शिवरात्रि में जागरण और शिव पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार विभिन्न द्रव्यों से रुद्राभिषेक करने पर अलग-अलग प्रकार के शुभ फल प्राप्त होते हैं।
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हरिद्वार से गंगाजल लेकर बोल बम के जयकारों के साथ कांवड़ियों के जत्थे अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि अभी सड़कों पर कांवड़ियों की संख्या काफी कम है लेकिन दिन-प्रतिदिन कांवड़ियों की संख्या में अब इजाफा देखने को मिलेगा। वहीं सोमवार को गांव सबली स्थित प्राचीन महादेव मंदिर, छपकौली स्थित श्री श्यामेश्वर मंदिर सहित शहर और देहात क्षेत्रों के शिवालयों में पूजा अर्चना, जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगेगा।
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पंडित सुबोध पांडेय ने बताया कि इस बार श्रावण माह में चार सोमवार हैं। पहला श्रावण सोमवार तीन अगस्त, दूसरा सोमवार 10 अगस्त, तीसरा सोमवार 17 अगस्त और चौथा सोमवार 24 अगस्त को है। जबकि श्रावण कृष्ण शिवरात्रि 11 अगस्त को है। सुबह 5:30 बजे से कांवड़िये भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकेंगे। श्रावण शिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का बहुत शुभ दिन माना जाता है और इस दिन उपवास, रुद्राभिषेक और रात्रि पूजा का विशेष महत्व है।
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शिवरात्रि पर सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें। शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प, भस्म, दूब घास और फल अर्पित करें। शिवरात्रि में जागरण और शिव पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार विभिन्न द्रव्यों से रुद्राभिषेक करने पर अलग-अलग प्रकार के शुभ फल प्राप्त होते हैं।