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Hapur News: नगर पालिका ने नहीं लौटाई दो करोड़ की आईटीसी
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 03 Feb 2026 09:47 PM IST
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हापुड़। नगर पालिका ने जीएसटी विभाग की करीब दो करोड़ रुपये की आईटीसी जमा नहीं की है। जीएसटी विशेष अनुसंधान शाखा एसआईबी की टीम मंगलवार शाम नगर पालिका में जांच करने पहुंची। इससे अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
नगर पालिका परिषद में सौ से अधिक ठेकेदार पंजीकृत हैं। विकास कार्यों के भुगतान के बाद पंजीकृत फर्म को जीएसटी चुकानी पड़ती है। कुछ विकास कार्यों में ठेकेदार द्वारा बिल जारी किए जाते हैं। इसके बाद ठेकेदार की आईटीसी क्लेम हो जाती है, जो विभाग को वापस करनी होती है, लेकिन नगर पालिका परिषद ने करीब दो करोड़ रुपये की आईटीसी नहीं लौटाई है।
एसआईबी संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में मंगलवार शाम उपायुक्त विमल कुमार दुबे, सहायक आयुक्त विपिन शुक्ला और सीटीओ सतीश तिवारी नगर पालिका में जांच करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दस्तावेज की जांच की। संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह ने बताया कि नगर पालिका में होने वाले विकास कार्यों के भुगतान पर सेक्शन 42 और 43 के तहत आईटीसी रिटर्न करनी होती है, लेकिन नगर पालिका ने विभाग को आईटीसी नहीं लौटाई है। इसकी जांच करने के लिए टीम नगर पालिका पहुंची थी।
नगर पालिका पर राज्य और केंद्र कर विभाग की एक एक करोड़ रुपये आईटीसी लेजर में पड़ी हुई थी। नगर पालिका द्वारा अन्य भुगतान में भी आईटीसी समायोजित की गई है, इसकी भी जांच की जा रही है। नगर पालिका अधिकारियों को लेजर उपलब्ध कराने और आईटीसी जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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नगर पालिका परिषद में सौ से अधिक ठेकेदार पंजीकृत हैं। विकास कार्यों के भुगतान के बाद पंजीकृत फर्म को जीएसटी चुकानी पड़ती है। कुछ विकास कार्यों में ठेकेदार द्वारा बिल जारी किए जाते हैं। इसके बाद ठेकेदार की आईटीसी क्लेम हो जाती है, जो विभाग को वापस करनी होती है, लेकिन नगर पालिका परिषद ने करीब दो करोड़ रुपये की आईटीसी नहीं लौटाई है।
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एसआईबी संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में मंगलवार शाम उपायुक्त विमल कुमार दुबे, सहायक आयुक्त विपिन शुक्ला और सीटीओ सतीश तिवारी नगर पालिका में जांच करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दस्तावेज की जांच की। संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह ने बताया कि नगर पालिका में होने वाले विकास कार्यों के भुगतान पर सेक्शन 42 और 43 के तहत आईटीसी रिटर्न करनी होती है, लेकिन नगर पालिका ने विभाग को आईटीसी नहीं लौटाई है। इसकी जांच करने के लिए टीम नगर पालिका पहुंची थी।
नगर पालिका पर राज्य और केंद्र कर विभाग की एक एक करोड़ रुपये आईटीसी लेजर में पड़ी हुई थी। नगर पालिका द्वारा अन्य भुगतान में भी आईटीसी समायोजित की गई है, इसकी भी जांच की जा रही है। नगर पालिका अधिकारियों को लेजर उपलब्ध कराने और आईटीसी जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
