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Hapur News: सीएचसी में करीब 50 साल पहले बने आशियाने हुए जर्जर, बरसात में हादसे का खतरा
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गढ़ रोड सीएचसी में बने क्वाटरों का आगे से टूटा पड़ा छज्जा। संवाद
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हापुड़। शहर के कुछ पुराने सरकारी आवासीय क्वार्टर काफी जर्जर हालत में हैं। गढ़ रोड स्थित सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे बने सरकारी आवासीय भवनों की हालत इतनी खराब हो गई है कि उनमें रहने वाले परिवार हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका के साये में जीवन बिताने को मजबूर हैं। कई क्वार्टरों की छतों से प्लास्टर लगातार झड़ रहा है, दीवारों में चौड़ी दरारें पड़ चुकी हैं और बरसात के दिनों में छतों से पानी टपकना आम बात हो गई है।
यहां रहने वाले कर्मचारियों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। कुछ स्थानों पर केवल औपचारिक मरम्मत कर दी जाती है। जिससे कुछ समय के लिए राहत मिलती है, लेकिन भवनों की मूल स्थिति जस की तस बनी रहती है। क्वार्टरों में रहने वाले परिवारों के सदस्यों ने बताया कि लगभग तीन एकड़ में विभाग ने 25 से 30 क्वार्टर आज से लगभग 50 साल पहले अस्पताल काम में करने वाले कर्मचारियों के लिए बनवाए थे। जिनमें आज 30 कर्मचारी अपने परिवार के साथ रह रहे हैं, लेकिन अब सभी क्वार्टरों की स्थिति जर्जर हो चुकी है।
सीएचसी प्रभारी दिनेश खत्री के क्वार्टर की छत का अचानक से प्लास्टर टूट गया था। गनीमत रही कि प्लास्टर गिरने से किसी को चोट नहीं लगी। सीएमओ डॉ. किशोर आहूजा का कहना है कि भवनों की स्थिति का समय-समय पर निरीक्षण कराया जाता है। जिन क्वार्टरों की मरम्मत की आवश्यकता होती है, उनकी समय-समय पर मरम्मत भी कराई जाती है। जल्द ही जर्जर हुए क्वार्टरों का निरीक्षण भी कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उच्च अधिकारियों को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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हापुड़। शहर के कुछ पुराने सरकारी आवासीय क्वार्टर काफी जर्जर हालत में हैं। गढ़ रोड स्थित सामूदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे बने सरकारी आवासीय भवनों की हालत इतनी खराब हो गई है कि उनमें रहने वाले परिवार हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका के साये में जीवन बिताने को मजबूर हैं। कई क्वार्टरों की छतों से प्लास्टर लगातार झड़ रहा है, दीवारों में चौड़ी दरारें पड़ चुकी हैं और बरसात के दिनों में छतों से पानी टपकना आम बात हो गई है।
यहां रहने वाले कर्मचारियों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। कुछ स्थानों पर केवल औपचारिक मरम्मत कर दी जाती है। जिससे कुछ समय के लिए राहत मिलती है, लेकिन भवनों की मूल स्थिति जस की तस बनी रहती है। क्वार्टरों में रहने वाले परिवारों के सदस्यों ने बताया कि लगभग तीन एकड़ में विभाग ने 25 से 30 क्वार्टर आज से लगभग 50 साल पहले अस्पताल काम में करने वाले कर्मचारियों के लिए बनवाए थे। जिनमें आज 30 कर्मचारी अपने परिवार के साथ रह रहे हैं, लेकिन अब सभी क्वार्टरों की स्थिति जर्जर हो चुकी है।
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सीएचसी प्रभारी दिनेश खत्री के क्वार्टर की छत का अचानक से प्लास्टर टूट गया था। गनीमत रही कि प्लास्टर गिरने से किसी को चोट नहीं लगी। सीएमओ डॉ. किशोर आहूजा का कहना है कि भवनों की स्थिति का समय-समय पर निरीक्षण कराया जाता है। जिन क्वार्टरों की मरम्मत की आवश्यकता होती है, उनकी समय-समय पर मरम्मत भी कराई जाती है। जल्द ही जर्जर हुए क्वार्टरों का निरीक्षण भी कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उच्च अधिकारियों को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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गढ़ रोड सीएचसी में बने क्वाटरों का आगे से टूटा पड़ा छज्जा। संवाद
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गढ़ रोड सीएचसी में बने क्वाटरों का आगे से टूटा पड़ा छज्जा। संवाद
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