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Hardoi News: नंदी गोशाला बनाने और चारा बोवाई में ढिलाई पर 14 अधिकारियों को चेतावनी
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हरदोई। निराश्रित गोवंश संरक्षण योजना में नंदी गोशाला बनाने और हरा चारा की बोवाई में ढिलाई पर सीडीओ नेहा ब्याडवाल ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सात विकास खंडों के खंड विकास अधिकारियों के साथ ही उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी और पशु चिकित्साधिकारियों को चेतावनी दी है।
सीडीओ ने बुधवार को पशु चिकित्साधिकारियों की विकास भवन में बैठक ली, जबकि बीडीओ से वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने पशु आश्रयस्थलों की व्यवस्थाओं के साथ चारा बोवाई और नवीन शेड बनवाए जाने की जानकारी ली। मॉडल गोशाला और नंदी गोशाला और चारा बोवाई पर विशेष जोर दिया। बीडीओ से कहा कि सभी सीसी कैमरा क्रियाशील रहने चाहिए। चारा उत्पादन के लिए दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष भूमि का प्रबंधन न करा पाने और प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक नंदी गोशाला बनाए जाने में जीरो स्थिति पर नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने इसके लिए ब्लॉक बिलग्राम, माधौगंज, हरपालपुर, भरखनी, शाहाबाद, कछौना और बेहंदर के बीडीओ और उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व पशु चिकित्साधिकारी को चेतावनी दी। कहा कि अगली बैठक में शून्य स्थिति पर जवाबदेही तय की जाएगी। काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि भूमि का प्रबंध एसडीएम और तहसीलदार से मिलकर कराया जाए।
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गोशालाओं की चारदीवारी वीबीजीरामजी से बनवाए जाने के लिए कार्ययोजना तैयार कराएं। वर्मी कंपोस्ट की पैकेजिंग कर किसानों को उचित और प्रतिस्पर्धी मूल्य पर उपलब्ध कराया जाए। किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित भी किया जाए। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन कुमार, डॉ. हरिश्चंद्र, डॉ. सतेंद्र कुमार, डॉ. अमित सक्सेना सहित पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।
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सीडीओ ने बुधवार को पशु चिकित्साधिकारियों की विकास भवन में बैठक ली, जबकि बीडीओ से वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने पशु आश्रयस्थलों की व्यवस्थाओं के साथ चारा बोवाई और नवीन शेड बनवाए जाने की जानकारी ली। मॉडल गोशाला और नंदी गोशाला और चारा बोवाई पर विशेष जोर दिया। बीडीओ से कहा कि सभी सीसी कैमरा क्रियाशील रहने चाहिए। चारा उत्पादन के लिए दिए गए लक्ष्य के सापेक्ष भूमि का प्रबंधन न करा पाने और प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक नंदी गोशाला बनाए जाने में जीरो स्थिति पर नाराजगी जाहिर की।
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उन्होंने इसके लिए ब्लॉक बिलग्राम, माधौगंज, हरपालपुर, भरखनी, शाहाबाद, कछौना और बेहंदर के बीडीओ और उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व पशु चिकित्साधिकारी को चेतावनी दी। कहा कि अगली बैठक में शून्य स्थिति पर जवाबदेही तय की जाएगी। काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। कहा कि भूमि का प्रबंध एसडीएम और तहसीलदार से मिलकर कराया जाए।
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गोशालाओं की चारदीवारी वीबीजीरामजी से बनवाए जाने के लिए कार्ययोजना तैयार कराएं। वर्मी कंपोस्ट की पैकेजिंग कर किसानों को उचित और प्रतिस्पर्धी मूल्य पर उपलब्ध कराया जाए। किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित भी किया जाए। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन कुमार, डॉ. हरिश्चंद्र, डॉ. सतेंद्र कुमार, डॉ. अमित सक्सेना सहित पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।