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Hardoi News: टेंडर अभी बिके भी नहीं, विकास भवन की मरम्मत का काम पूरा होने को
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हरदोई। टेंडर प्रक्रिया में नियमों का पालन सख्ती से हो, पारदर्शिता बनाए रखी जाए। गुणवत्ता से कोई समझौता न हो... शायद ही कोई ऐसी बैठक हो जिसमें जिले के आला अधिकारी यह बातें मातहतों को न समझाते हों। बावजूद इसके अगर अफसरों की नाक के नीचे ही नियम कानूनों की धज्जियां उड़ने लगें तो सवाल उठना स्वाभाविक है। इन दिनों विकास भवन की मरम्मत (अनुरक्षण) का काम चल रहा है। काम लगभग पूरा होने को है लेकिन इसके टेंडर 24 अगस्त को होने हैं।
विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी के साथ ही विभिन्न विभागों के लगभग 15 जिला स्तरीय अधिकारी बैठते हैं। कृषि विभाग से लेकर पंचायत राज विभाग तक का कार्यालय विकास भवन में ही है। बीते कई दिनों से विकास भवन की मरम्मत का काम चल रहा है। एक पखवाड़ा पहले इमारत के बाहरी हिस्से का प्लास्टर तोड़ा गया था। आधे से ज्यादा हिस्से में नए सिरे से प्लास्टर भी करा दिया गया है। बुधवार को भी यहां जोर शोर से काम चलता रहा।
मरम्मत का कार्य ग्रामीण अभियंत्रण विभाग करा रहा है। निविदा प्रपत्र के मुताबिक इन कार्याें पर 8.33 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। काम तो चल रहा है लेकिन लापरवाही यह है कि निविदा बिकने का समय भी अभी पूरा नहीं हो पाया है। उक्त कार्य की निविदा सूचना खंगालने पर पता चला कि टेंडर बिकने के लिए 19 और 20 अगस्त की तारीख तय है। निविदा जमा करने की तारीख 24 अगस्त है। 24 को दोपहर बाद ही टेंडर खुलने भी हैं। सवाल यह है कि अगर अभी टेंडर प्रक्रिया ही नहीं हुई तो निर्माण कार्य कैसे शुरू हो गए और आखिर किसके इशारे पर फर्म का चयन हो गया। इस संंबंध में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रदीप पाल का कहना है कि विकास भवन में मरम्मत के जिस काम की टेंडर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है वो काम हो ही नहीं रहा। उधर, विकास भवन में चल रहे निर्माण कार्य के संबंध में जब उनसे पूछा तो वह जवाब देने से बचते रहे।
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विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी के साथ ही विभिन्न विभागों के लगभग 15 जिला स्तरीय अधिकारी बैठते हैं। कृषि विभाग से लेकर पंचायत राज विभाग तक का कार्यालय विकास भवन में ही है। बीते कई दिनों से विकास भवन की मरम्मत का काम चल रहा है। एक पखवाड़ा पहले इमारत के बाहरी हिस्से का प्लास्टर तोड़ा गया था। आधे से ज्यादा हिस्से में नए सिरे से प्लास्टर भी करा दिया गया है। बुधवार को भी यहां जोर शोर से काम चलता रहा।
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मरम्मत का कार्य ग्रामीण अभियंत्रण विभाग करा रहा है। निविदा प्रपत्र के मुताबिक इन कार्याें पर 8.33 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। काम तो चल रहा है लेकिन लापरवाही यह है कि निविदा बिकने का समय भी अभी पूरा नहीं हो पाया है। उक्त कार्य की निविदा सूचना खंगालने पर पता चला कि टेंडर बिकने के लिए 19 और 20 अगस्त की तारीख तय है। निविदा जमा करने की तारीख 24 अगस्त है। 24 को दोपहर बाद ही टेंडर खुलने भी हैं। सवाल यह है कि अगर अभी टेंडर प्रक्रिया ही नहीं हुई तो निर्माण कार्य कैसे शुरू हो गए और आखिर किसके इशारे पर फर्म का चयन हो गया। इस संंबंध में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रदीप पाल का कहना है कि विकास भवन में मरम्मत के जिस काम की टेंडर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है वो काम हो ही नहीं रहा। उधर, विकास भवन में चल रहे निर्माण कार्य के संबंध में जब उनसे पूछा तो वह जवाब देने से बचते रहे।
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