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Hardoi News: आधार के फेर में अपार संकट, सात लाख विद्यार्थी प्रभावित
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हरदोई। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक रजिस्ट्री (अपार आईडी) फिलहाल जनपद में खुद अधर में लटकी नजर आ रही है। तकनीकी पेच और आधार कार्ड की त्रुटियों के कारण अपार आईडी नहीं बन पा रही है। जनपद के कक्षा एक से 12 तक के सात लाख से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य एक डिजिटल नंबर के इंतजार में थम सा गया है।
जिले के 7,80,519 विद्यार्थियों में प्रत्येक विद्यार्थी की एक विशिष्ट अपार आईडी बनाई जानी अनिवार्य है जो उसके पूरे शैक्षणिक कॅरिअर का आधार बनेगी। इसके लिए विद्यार्थी के आधार कार्ड का डेटा पोर्टल पर सत्यापित (वेरिफाई) होना जरूरी है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हजारों छात्रों के पास या तो आधार कार्ड उपलब्ध नहीं हैं या फिर आधार में दर्ज जानकारी स्कूल रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही है। नतीजतन, वेरिफिकेशन की प्रक्रिया बार-बार फेल हो रही है। अपार आईडी न बनने का असर विद्यार्थियों के स्कूल ट्रांसफर (प्रवेश) पर पड़ रहा है। एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में प्रवेश लेने के लिए अब इस यूनिक आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है। आईडी के अभाव में पोर्टल पर छात्रों का डेटा माइग्रेट नहीं हो पा रहा है जिससे अभिभावक और छात्र दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
यह आ रहीं समस्याएं
ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कई प्राथमिक छात्रों के आधार कार्ड नहीं बने हैं स्कूल के रजिस्टर और आधार कार्ड में दर्ज नाम की स्पेलिंग या जन्मतिथि अलग होने से सत्यापन नहीं हो पा रहा है, आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक न होने के कारण ओटीपी आधारित सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
एक नजर आंकड़ों पर
कुल विद्यालय- 5,581
कुल पंजीकरण-7,80,519
आधारविहीन-94,314
सत्यापन लंबित-2,002
आधार सत्यापन फेल-87,156
सत्यापन हुआ-5,97,047
अपार आईडी बनाने में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। उनके निदान के लिए सभी प्रधानाचार्यों काे पत्र जारी किया गया है। विद्यालय में विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क कर शिक्षक आधार संबंधित समस्या के निदान का प्रयास कर रहे हैं। -बाल मुकुंद प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक
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जिले के 7,80,519 विद्यार्थियों में प्रत्येक विद्यार्थी की एक विशिष्ट अपार आईडी बनाई जानी अनिवार्य है जो उसके पूरे शैक्षणिक कॅरिअर का आधार बनेगी। इसके लिए विद्यार्थी के आधार कार्ड का डेटा पोर्टल पर सत्यापित (वेरिफाई) होना जरूरी है लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि हजारों छात्रों के पास या तो आधार कार्ड उपलब्ध नहीं हैं या फिर आधार में दर्ज जानकारी स्कूल रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही है। नतीजतन, वेरिफिकेशन की प्रक्रिया बार-बार फेल हो रही है। अपार आईडी न बनने का असर विद्यार्थियों के स्कूल ट्रांसफर (प्रवेश) पर पड़ रहा है। एक विद्यालय से दूसरे विद्यालय में प्रवेश लेने के लिए अब इस यूनिक आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है। आईडी के अभाव में पोर्टल पर छात्रों का डेटा माइग्रेट नहीं हो पा रहा है जिससे अभिभावक और छात्र दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कई प्राथमिक छात्रों के आधार कार्ड नहीं बने हैं स्कूल के रजिस्टर और आधार कार्ड में दर्ज नाम की स्पेलिंग या जन्मतिथि अलग होने से सत्यापन नहीं हो पा रहा है, आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक न होने के कारण ओटीपी आधारित सत्यापन नहीं हो पा रहा है।
एक नजर आंकड़ों पर
कुल विद्यालय- 5,581
कुल पंजीकरण-7,80,519
आधारविहीन-94,314
सत्यापन लंबित-2,002
आधार सत्यापन फेल-87,156
सत्यापन हुआ-5,97,047
अपार आईडी बनाने में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं। उनके निदान के लिए सभी प्रधानाचार्यों काे पत्र जारी किया गया है। विद्यालय में विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क कर शिक्षक आधार संबंधित समस्या के निदान का प्रयास कर रहे हैं। -बाल मुकुंद प्रसाद, जिला विद्यालय निरीक्षक