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Hardoi News: क्षेत्र पंचायतों के कामों, खर्च की निगरानी करेंगे एडीओ
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हरदोई। अब क्षेत्र पंचायतों के कामों की एडीओ निगरानी करेंगे। शासन ने व्यवस्था में बदलाव के साथ ही शासनादेश भी जारी कर दिया है। इसमें पंचायतीराज विभाग की योजनाओं और कामों के अभिलेख एडीओ की तरफ से मांगे जाने पर खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को प्राप्त कराने का दायित्व सौंपा गया है। वहीं डीपीआरओ को भी क्षेत्र पंचायत कार्यालय, कार्यों के अनुश्रवण व निरीक्षण का अधिकार दिया गया है।
पंचायतीराज विभाग के माध्यम से राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग की मद सहित अन्य मदों के रुपये से काम को बीडीओ निपटाते थे। क्षेत्र पंचायत की कार्ययोजना में कामों को शामिल किए जाने में बीडीओ महत्ती भूमिका निभाते आ रहे हैं। वहीं अब एडीओ का दखल बढ़ गया है। इस संबंध में मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने शासनादेश भी जारी कर दिया है। इसमें विकास कार्यों को गति दिए जाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को तात्कालिक प्रभाव से लागू किए जाने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायतों को मिले राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग सहित पंचायतीराज मद के रुपये के खर्च, खर्च न किए जाने और भुगतान किए गए रुपये के उपभोग और दुरुपयोग की जांच एडीओ और डीपीआरओ कर सकेंगे। कहा कि क्षेत्र पंचायतों के नियामक और विकासात्मक कार्यकलापों को प्रभावी बनाए जाने के लिए क्षेत्र पंचायत स्तर पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बीडीओ के अधीन एडीओ क्षेत्र पंचायत के सभी नियामक कार्यों को करेंगे। जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार ने बताया कि शासनादेश प्राप्त हो गया है।
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फिर ग्राम्य विकास और पंचायतीराज में रार की आशंका
क्षेत्र पंचायतों की तरफ से बीडीओ के माध्यम से कामों को कराया जाता है। वहीं पंचायतीराज विभाग के कार्यक्रमों को प्रभावी बनाए जाने के लिए हाल ही में जारी शासनादेश से एक बार फिर से ग्राम्य विकास और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के मध्य रार की आशंका बलवती हो गई है। कारण है कि बीडीओ के कामों का पंचायतीराज विभाग के सहायक विकास अधिकारी निरीक्षण करेंगे। वहीं पंचायतीराज विभाग से वित्त पोषित योजनाओं का अनुश्रवण भी करेंगे।
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पंचायतीराज विभाग के माध्यम से राज्य वित्त और केंद्रीय वित्त आयोग की मद सहित अन्य मदों के रुपये से काम को बीडीओ निपटाते थे। क्षेत्र पंचायत की कार्ययोजना में कामों को शामिल किए जाने में बीडीओ महत्ती भूमिका निभाते आ रहे हैं। वहीं अब एडीओ का दखल बढ़ गया है। इस संबंध में मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने शासनादेश भी जारी कर दिया है। इसमें विकास कार्यों को गति दिए जाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को तात्कालिक प्रभाव से लागू किए जाने की बात कही है।
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उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायतों को मिले राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग सहित पंचायतीराज मद के रुपये के खर्च, खर्च न किए जाने और भुगतान किए गए रुपये के उपभोग और दुरुपयोग की जांच एडीओ और डीपीआरओ कर सकेंगे। कहा कि क्षेत्र पंचायतों के नियामक और विकासात्मक कार्यकलापों को प्रभावी बनाए जाने के लिए क्षेत्र पंचायत स्तर पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बीडीओ के अधीन एडीओ क्षेत्र पंचायत के सभी नियामक कार्यों को करेंगे। जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार ने बताया कि शासनादेश प्राप्त हो गया है।
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फिर ग्राम्य विकास और पंचायतीराज में रार की आशंका
क्षेत्र पंचायतों की तरफ से बीडीओ के माध्यम से कामों को कराया जाता है। वहीं पंचायतीराज विभाग के कार्यक्रमों को प्रभावी बनाए जाने के लिए हाल ही में जारी शासनादेश से एक बार फिर से ग्राम्य विकास और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के मध्य रार की आशंका बलवती हो गई है। कारण है कि बीडीओ के कामों का पंचायतीराज विभाग के सहायक विकास अधिकारी निरीक्षण करेंगे। वहीं पंचायतीराज विभाग से वित्त पोषित योजनाओं का अनुश्रवण भी करेंगे।