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Hardoi News: 8,728 अधेड़ 12 हजार रुपये के लिए बन गए बुजुर्ग
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हरदोई। वृद्धावस्था पेंशन में अधिक भूमि वालों के साथ ही कम आयु वाले भी लाभ ले रहे हैं। जिले में ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र में करीब 8,728 अधेड़ (60 साल से कम आयु) सालाना 12 हजार रुपये पाने के लिए बुजुर्ग बन गए हैं। यह लोग पेंशन की रकम हासिल करते रहे। अब अपात्र श्रेणी में चिह्नित हुए हैं।
समाज कल्याण विभाग के माध्यम से सामाजिक सहायता कार्यक्रम में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बुजुर्गों को भरण-पोषण के लिए एक हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। पेंशन के रुपये शासन स्तर से लाभार्थी सूची में शामिल लोगों के बैंक खातों में सीधे भेजे जाते हैं। जिले में 1,69,105 लाभार्थी पेंशनर्स की सूची में शामिल हैं। इन पेंशनर्स में से दो हेक्टेयर तक भूमि का मालिकाना हक रखने वाले ग्रामीण क्षेत्र के 3,370 और शहरी क्षेत्र के 40 पेंशनर्स चिह्नित हो चुके हैं। वहीं पेंशन पाने वाली सूची में शामिल लाभार्थियों में अब 60 साल से कम आयु वाले भी चिह्नित किए गए हैं।
जिले में पात्रता की शर्त 60 साल आयु को दरकिनार कर पात्र बुजुर्गों के भरण-पोषण के रुपये में सेंध लगाते हुए अधेड़ भरण-पोषण के नाम पर सालाना रुपये पाने के लिए कागजों पर बुजुर्ग बन गए। ऐसे अपात्र अधेड़ पेंशनर्स को चिह्नित किए जाने से विभाग सहित पात्रता की श्रेणी में लाने वाले लोगों में खलबली है।
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60 साल आयु वर्ग से कम आयु के चिह्नित पेंशनर्स
ब्लॉक : पेंशनर्स
. अहिरोरी : 313
. बावन : 637
. बेहंदर : 258
. भरावन : 238
. भरखनी : 521
. बिलग्राम : 792
. हरियावां : 357
. हरपालपुर : 1109
. कछौना : 91
. कोथावां : 225
. माधौगंज : 357
. मल्लावां : 138
. पिहानी : 251
. सांडी : 1,490
. संडीला : 225
. शाहाबाद : 349
. सुरसा : 353
. टड़ियावां : 570
. टोडरपुर : 319
. नगरीय निकाय : 135
सत्यापन के बाद भी गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित की तय होगी जवाबदेही
जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि सामाजिक सहायता कार्यक्रम में 60 साल व इससे अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों को पेंशन दिए जाने की व्यवस्था है। जिले में भरण-पोषण के लिए पेंशन पा रहे लाभार्थियों में से 60 साल से कम आयु वाले 8728 पेंशनर्स चिह्नित किए गए हैं। इन पेंशनर्स का सत्यापन एसडीएम और बीडीओ के माध्यम से कराया जा रहा है। सत्यापन के लिए ऐसे संदिग्ध डेटा वाले पेंशनर्स की सूची भी तैयार कराई गई है। अधिकारियों से कहा गया कि सत्यापन पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता से करें। एक भी अपात्र को पात्रता की श्रेणी में न आने दिया जाए। सत्यापन बाद भी गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।
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समाज कल्याण विभाग के माध्यम से सामाजिक सहायता कार्यक्रम में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के बुजुर्गों को भरण-पोषण के लिए एक हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाती है। पेंशन के रुपये शासन स्तर से लाभार्थी सूची में शामिल लोगों के बैंक खातों में सीधे भेजे जाते हैं। जिले में 1,69,105 लाभार्थी पेंशनर्स की सूची में शामिल हैं। इन पेंशनर्स में से दो हेक्टेयर तक भूमि का मालिकाना हक रखने वाले ग्रामीण क्षेत्र के 3,370 और शहरी क्षेत्र के 40 पेंशनर्स चिह्नित हो चुके हैं। वहीं पेंशन पाने वाली सूची में शामिल लाभार्थियों में अब 60 साल से कम आयु वाले भी चिह्नित किए गए हैं।
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जिले में पात्रता की शर्त 60 साल आयु को दरकिनार कर पात्र बुजुर्गों के भरण-पोषण के रुपये में सेंध लगाते हुए अधेड़ भरण-पोषण के नाम पर सालाना रुपये पाने के लिए कागजों पर बुजुर्ग बन गए। ऐसे अपात्र अधेड़ पेंशनर्स को चिह्नित किए जाने से विभाग सहित पात्रता की श्रेणी में लाने वाले लोगों में खलबली है।
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60 साल आयु वर्ग से कम आयु के चिह्नित पेंशनर्स
ब्लॉक : पेंशनर्स
. अहिरोरी : 313
. बावन : 637
. बेहंदर : 258
. भरावन : 238
. भरखनी : 521
. बिलग्राम : 792
. हरियावां : 357
. हरपालपुर : 1109
. कछौना : 91
. कोथावां : 225
. माधौगंज : 357
. मल्लावां : 138
. पिहानी : 251
. सांडी : 1,490
. संडीला : 225
. शाहाबाद : 349
. सुरसा : 353
. टड़ियावां : 570
. टोडरपुर : 319
. नगरीय निकाय : 135
सत्यापन के बाद भी गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित की तय होगी जवाबदेही
जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि सामाजिक सहायता कार्यक्रम में 60 साल व इससे अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों को पेंशन दिए जाने की व्यवस्था है। जिले में भरण-पोषण के लिए पेंशन पा रहे लाभार्थियों में से 60 साल से कम आयु वाले 8728 पेंशनर्स चिह्नित किए गए हैं। इन पेंशनर्स का सत्यापन एसडीएम और बीडीओ के माध्यम से कराया जा रहा है। सत्यापन के लिए ऐसे संदिग्ध डेटा वाले पेंशनर्स की सूची भी तैयार कराई गई है। अधिकारियों से कहा गया कि सत्यापन पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता से करें। एक भी अपात्र को पात्रता की श्रेणी में न आने दिया जाए। सत्यापन बाद भी गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।