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Hardoi News: दहेज हत्या के आरोपी पति समेत तीन की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
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== अदालत से का लोगो ==
- जिला जज रीता कौशिक ने आरोपों को माना गंभीर, कहा असामान्य परिस्थितियों में हुई थी नवविवाहिता की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। विवाह के महज एक माह बाद विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पति, सास और ससुर की अग्रिम जमानत अर्जी जिला जज रीता कौशिक ने खारिज कर दी।
मल्लावां के शोभित सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि ने उसने अपनी बहन महिमा की शादी बघौली थाना क्षेत्र के बर्रा घूमन निवासी सत्यम सिंह के साथ 26 अप्रैल 2026 को की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज में पांच लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर महिमा को प्रताड़ित करते थे। 27 मई 2026 को महिमा ने अपने भाई को मोबाइल पर संदेश भेजकर प्रताड़ना की जानकारी दी और कथित तौर पर जहर की शीशी की तस्वीर भी भेजी थी। इसके कुछ देर बाद उसे गंभीर हालत में लखनऊ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मृतका ने आत्महत्या की थी। दहेज की कोई मांग नहीं की गई थी और घटना के समय उसका पति अपने बीमार दादा का इलाज लखनऊ में करा रहा था। जिला जज ने दोनों पक्षों की दलीलों और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कहा कि नवविवाहिता की मृत्यु एक माह के भीतर असामान्य परिस्थितियों में हुई है। मृत्यु से पहले प्रताड़ना से संबंधित संदेश भी रिकॉर्ड पर है। मामले की विवेचना अभी जारी है और विसरा रिपोर्ट आना शेष है। ऐसे में प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रतीत होते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए पति सत्यम सिंह, सास रेनू सिंह और ससुर अवध कुमार सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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- जिला जज रीता कौशिक ने आरोपों को माना गंभीर, कहा असामान्य परिस्थितियों में हुई थी नवविवाहिता की मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। विवाह के महज एक माह बाद विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पति, सास और ससुर की अग्रिम जमानत अर्जी जिला जज रीता कौशिक ने खारिज कर दी।
मल्लावां के शोभित सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि ने उसने अपनी बहन महिमा की शादी बघौली थाना क्षेत्र के बर्रा घूमन निवासी सत्यम सिंह के साथ 26 अप्रैल 2026 को की थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुरालीजन दहेज में पांच लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर महिमा को प्रताड़ित करते थे। 27 मई 2026 को महिमा ने अपने भाई को मोबाइल पर संदेश भेजकर प्रताड़ना की जानकारी दी और कथित तौर पर जहर की शीशी की तस्वीर भी भेजी थी। इसके कुछ देर बाद उसे गंभीर हालत में लखनऊ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि मृतका ने आत्महत्या की थी। दहेज की कोई मांग नहीं की गई थी और घटना के समय उसका पति अपने बीमार दादा का इलाज लखनऊ में करा रहा था। जिला जज ने दोनों पक्षों की दलीलों और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कहा कि नवविवाहिता की मृत्यु एक माह के भीतर असामान्य परिस्थितियों में हुई है। मृत्यु से पहले प्रताड़ना से संबंधित संदेश भी रिकॉर्ड पर है। मामले की विवेचना अभी जारी है और विसरा रिपोर्ट आना शेष है। ऐसे में प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रतीत होते हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए पति सत्यम सिंह, सास रेनू सिंह और ससुर अवध कुमार सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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