सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   BPHU could not be built at Kachhauna CHC, patients wandering for tests

Hardoi News: कछौना सीएचसी पर नहीं बन पाई बीपीएचयू, जांच के लिए भटकते मरीज

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jan 2026 11:21 PM IST
विज्ञापन
BPHU could not be built at Kachhauna CHC, patients wandering for tests
फोटो- 25- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कछौना की इमारत। संवाद
विज्ञापन
हरदोई/कछौना। जिले में तमाम ब्लॉकों पर बीपीएचयू बनाकर संचालित की जा चुकी हैं लेकिन कछौना सीएचसी पर अभी मरीजों को सुविधा मिल नहीं पाई है। बीपीएचयू की स्वीकृति के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ। ऐसे में दो सैकड़ा से अधिक मरीजों को निजी लैबों पर जाकर जांच कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
Trending Videos

चिकित्सीय व्यवस्था बेहतर करने के साथ ही जांच की सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही हैं। शासन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पब्लिक हेल्थ यूनिट शुरू की हैं। 15वें वित्त आयोग की धनराशि से बने एक बीपीएचयू पर करीब 48 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। भवन निर्माण के साथ ही करीब आठ से 10 लाख रुपये की बायोकेमिस्ट्री मशीन भी रक्त नमूनों के परीक्षण के लिए लगाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बावन, सवायजपुर, हरपालपुर, हरियावां समेत कई ब्लॉकों में बीपीएचयू बनकर संचालित होने लगी हैं जबकि कछौना सीएचसी पर अभी यूनिट ही नहीं बनी। बजट स्वीकृत हो चुका है और स्थान भी चिह्नित है। इसके बावजूद बीपीएचयू का लाभ न मिलने से मरीजों को निजी लैबों पर जांच कराने के लिए जाना पड़ रहा है। रोजाना दौ सैकड़ा से अधिक मरीजाें की जांच लिखी जाती है। शुगर, एचबी और रक्तचाप व किटों से होने वाली जांचों के अतिरिक्त महत्वपूर्ण जांचों के लिए मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है।



बीपीएचयू में लगेगी बायोकेमिस्ट्री मशीन
ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट में बायोकेमिस्ट्री मशीन लगने के बाद जांचों का दायरा बढ़ाया जाएगा। बायोकेमिस्ट्री मशीन से एक साथ कई जांचें की जा सकती हैं। इसके लिए रक्त का नमूना लेना होता है। लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, शुगर आदि की जांचें इस मशीन से हो सकती हैं।


सीएचसी पर लैब टेक्नीशियन भी तैनात

सीएचसी पर बीपीएचयू तो नहीं बन पाई है लेकिन जांचों को करने के लिए बायोकेमिस्ट्री मशीन आ चुकी है और लैब टेक्नीशियन भी नियुक्त है लेकिन मशीन से काम नहीं लिया जा पा रहा है और टेक्नीशियन किटों से जांच कर खानापूर्ति कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की हीलाहवाली से मरीजों को जांच के लिए भटकना पड़ रहा है।



ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट के लिए स्थान चिह्नित हो चुका है। बजट भी है लेकिन काम क्यों नहीं कराया जा रहा है इसके लिए कई बार सीएमओ को अवगत कराया जा चुका है। कार्यदायी संस्था से बात कर जल्द ही काम शुरू कराया जाएगा। सीएचसी पर हो सकने वाली जांचें मरीजों की हो रही हैं। अन्य जांचें मरीज बाहर से ही कराते हैं। -डॉ. शैलेंद्र शुक्ला, सीएचसी अधीक्षक, कछौना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed