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Hardoi News: प्रधान और प्रधानाध्यापिका में टकराव से 141 विद्यार्थी मिड-डे मील से दूर
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शाहाबाद। विकास खंड की ग्राम पंचायत आगापुर के प्राथमिक विद्यालय में पिछले 17 दिन से मध्यान्ह भोजन योजना के तहत मिड-डे मील नहीं मिल रहा है। विद्यालय में पंजीकृत 141 विद्यार्थी हर रोज भूखे पेट ही वापस घर जा रहे हैं। प्रधानाध्यापिका का आरोप है कि ग्राम प्रधान (प्रशासक) मिड-डे मील के रजिस्टर और चेक पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। प्रधान का कहना है कि प्रधानाध्यापिका आठ माह की जगह 12 माह के चेक पर हस्ताक्षर करने का दबाव बना रही हैं।
योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए दिनवार मेन्यू भी बना हुआ है। आगापुर के प्राथमिक विद्यालय में 141 विद्यार्थी हैं। यहां भोजन वितरण न होने की शिकायत गोपनीय तौर पर पंचायत राज विभाग के कुछ अधिकारियों से की गई थी। इस पर खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार शर्मा ने एडीओ पंचायत नितांत रस्तोगी को विद्यालय भेजा। यहां पता चला कि पिछले 17 दिन से एक भी बार यहां भोजन न तो बना है न ही वितरण हुआ है।
प्रधानाध्यापिका श्वेता देवी का कहना है कि वह पिछले 14 माह से निजी संसाधनों से मिड-डे मील का वितरण करा रही हैं। आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान मिड-डे मील रजिस्टर और चेक पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। ग्राम प्रधान अखिलेश से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह आठ माह के वितरण पर हस्ताक्षर करने को तैयार हैं। प्रधानाध्यापिका 12 माह के हस्ताक्षर करने का दबाव बना रही हैं। इस सबके बीच बीडीओ ने बताया कि भोजन वितरण व्यवस्था ठप होने के लिए प्रधान दोषी हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को दे दी गई है।
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योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को निशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इसके लिए दिनवार मेन्यू भी बना हुआ है। आगापुर के प्राथमिक विद्यालय में 141 विद्यार्थी हैं। यहां भोजन वितरण न होने की शिकायत गोपनीय तौर पर पंचायत राज विभाग के कुछ अधिकारियों से की गई थी। इस पर खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार शर्मा ने एडीओ पंचायत नितांत रस्तोगी को विद्यालय भेजा। यहां पता चला कि पिछले 17 दिन से एक भी बार यहां भोजन न तो बना है न ही वितरण हुआ है।
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प्रधानाध्यापिका श्वेता देवी का कहना है कि वह पिछले 14 माह से निजी संसाधनों से मिड-डे मील का वितरण करा रही हैं। आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान मिड-डे मील रजिस्टर और चेक पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। ग्राम प्रधान अखिलेश से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वह आठ माह के वितरण पर हस्ताक्षर करने को तैयार हैं। प्रधानाध्यापिका 12 माह के हस्ताक्षर करने का दबाव बना रही हैं। इस सबके बीच बीडीओ ने बताया कि भोजन वितरण व्यवस्था ठप होने के लिए प्रधान दोषी हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी को दे दी गई है।
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