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Hardoi News: रिश्तेदारों और पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगा बच्चों के साथ मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक
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फोटो-18-टावर से नीचे उतरने के बाद सीओ राम सूरत सोनकर को जानकारी देता बबलू व मौजूद लोग। संवाद
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मल्लावां। पुलिस और रिश्तेदारों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर शनिवार को एक युवक दो बच्चों के साथ मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सीओ ने कार्रवाई के प्रति आश्वस्त किया तो लगभग ढाई घंटे बाद टावर से नीचे उतरा। पुलिस पर 20 हजार रुपये लेने और पीटने के बाद चालान करने का आरोप लगाया। सगे साढू और साले पर भी पीटने का आरोप है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के नीर निवासी बबलू की ससुराल मल्लावां के मोहल्ला भगवंतनगर में है। बबलू के ससुर राकेश को कैंसर है। इस कारण उनकी देखभाल के लिए बबलू की पत्नी छाया दो बच्चों के साथ पिछले ढाई साल से मायके में ही रह रही हैं। बबलू का भी यहां आना-जाना बना रहता है। बबलू शनिवार को मोहल्ले स्थित मोबाइल टावर पर अपने दो बच्चों वैभव (7) और गौरी (5) को लेकर चढ़ गया। छत पर मौजूद कुछ लोगों ने उसे टावर पर चढ़े देखा तो परिजन को जानकारी दी। कुछ ही देर में यहां भीड़ लग गई।
सीओ बिलग्राम राम सूरत सोनकर और नायब तहसीलदार पुरुषोत्तम ओझा भी मौके पर पहुंच गए। जब बबलू से टावर पर चढ़ने की वजह पूछी गई तो उसने बताया कि पत्नी की बड़ी बहन रमा और उनके पति अंकित सांडी थाना क्षेत्र के पिंडारी के रहने वाले हैं। यह लोग राकेश की देखभाल किए जाने को लेकर बबलू और छाया से नाराज रहते हैं।
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आरोप है कि 15 जुलाई की रात अंकित, रमादेवी छह लोगों के साथ भगवंतनगर आए। इस दौरान बबलू की पिटाई कर दी। बबलू का दावा है कि उसने रात में ही पुलिस से शिकायत की। अगले दिन थाने में तैनात एक दरेागा और सिपाही ने कोतवाली बुलाकर सुलह का दबाव बनाया। सुलह न करने पर उसके ससुर राकेश से शिकायती पत्र ले लिया।
शुक्रवार को वह एक मुकदमे में पेशी से वापस घर जा रहा था तो फिर से उसे काेतवाली बुलाया गया। दावा है कि इस दौरान दरोगा और सिपाही ने उसे पीट दिया और 20 हजार रुपये भी मांगे। रुपये न देने पर शांतिभंग की आशंका में उसका चालान कर दिया गया। सीओ रामसूरत सोनकर ने पूरे मामले पर कार्रवाई का भरोसा दिया तो लगभग ढाई घंटे बाद बबलू टावर से नीचे उतरा। सीओ ने बताया कि पुलिस पर जो आरोप लगे हैं उनकी जांच की जा रही है।
दो कागज टावर से फेंक बताया कौन जिम्मेदार
बबलू ने टावर पर चढ़ने के बाद दो कागज नीचे फेंके। इनमें से एक कागज पर उसने अपनी मौत के लिए दरोगा, सिपाही, पत्नी की बड़ी बहन, उसके पति और एक साले के दोषी होने की बात लिखी। दूसरे कागज पर दरोगा और सिपाही पर 20 हजार रुपये लेने और पिटाई कर चालान किए जाने का जिक्र है।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के नीर निवासी बबलू की ससुराल मल्लावां के मोहल्ला भगवंतनगर में है। बबलू के ससुर राकेश को कैंसर है। इस कारण उनकी देखभाल के लिए बबलू की पत्नी छाया दो बच्चों के साथ पिछले ढाई साल से मायके में ही रह रही हैं। बबलू का भी यहां आना-जाना बना रहता है। बबलू शनिवार को मोहल्ले स्थित मोबाइल टावर पर अपने दो बच्चों वैभव (7) और गौरी (5) को लेकर चढ़ गया। छत पर मौजूद कुछ लोगों ने उसे टावर पर चढ़े देखा तो परिजन को जानकारी दी। कुछ ही देर में यहां भीड़ लग गई।
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सीओ बिलग्राम राम सूरत सोनकर और नायब तहसीलदार पुरुषोत्तम ओझा भी मौके पर पहुंच गए। जब बबलू से टावर पर चढ़ने की वजह पूछी गई तो उसने बताया कि पत्नी की बड़ी बहन रमा और उनके पति अंकित सांडी थाना क्षेत्र के पिंडारी के रहने वाले हैं। यह लोग राकेश की देखभाल किए जाने को लेकर बबलू और छाया से नाराज रहते हैं।
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आरोप है कि 15 जुलाई की रात अंकित, रमादेवी छह लोगों के साथ भगवंतनगर आए। इस दौरान बबलू की पिटाई कर दी। बबलू का दावा है कि उसने रात में ही पुलिस से शिकायत की। अगले दिन थाने में तैनात एक दरेागा और सिपाही ने कोतवाली बुलाकर सुलह का दबाव बनाया। सुलह न करने पर उसके ससुर राकेश से शिकायती पत्र ले लिया।
शुक्रवार को वह एक मुकदमे में पेशी से वापस घर जा रहा था तो फिर से उसे काेतवाली बुलाया गया। दावा है कि इस दौरान दरोगा और सिपाही ने उसे पीट दिया और 20 हजार रुपये भी मांगे। रुपये न देने पर शांतिभंग की आशंका में उसका चालान कर दिया गया। सीओ रामसूरत सोनकर ने पूरे मामले पर कार्रवाई का भरोसा दिया तो लगभग ढाई घंटे बाद बबलू टावर से नीचे उतरा। सीओ ने बताया कि पुलिस पर जो आरोप लगे हैं उनकी जांच की जा रही है।
दो कागज टावर से फेंक बताया कौन जिम्मेदार
बबलू ने टावर पर चढ़ने के बाद दो कागज नीचे फेंके। इनमें से एक कागज पर उसने अपनी मौत के लिए दरोगा, सिपाही, पत्नी की बड़ी बहन, उसके पति और एक साले के दोषी होने की बात लिखी। दूसरे कागज पर दरोगा और सिपाही पर 20 हजार रुपये लेने और पिटाई कर चालान किए जाने का जिक्र है।