{"_id":"6a6f7fafa4a59a35cd0bcdd6","slug":"despite-tall-claims-of-tb-eradication-tb-patients-have-not-received-their-nutritional-allowance-for-a-year-hardoi-news-c-213-1-hra1004-154192-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: टीबी उन्मूलन के दावे बड़े पर क्षय रोगियों को एक साल से नहीं मिला पोषण भत्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: टीबी उन्मूलन के दावे बड़े पर क्षय रोगियों को एक साल से नहीं मिला पोषण भत्ता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। निक्षय पोषण योजना के तहत क्षय रोगियों को उपचार के दौरान पौष्टिक आहार के लिए आर्थिक सहायता देने का दावा किया जाता है लेकिन जिले में अब यह योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। बीते करीब एक वर्ष से जिले के क्षय रोगियों के खातों में पोषण सहायता राशि नहीं पहुंची है। इससे हजारों मरीजों को इलाज के साथ पर्याप्त पोषण भी नहीं मिल पा रहा है।
जिले में वर्तमान में 14 हजार से अधिक क्षय रोगी चिह्नित हैं जिनका उपचार चल रहा है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शासन की ओर से टीबी रोगियों को प्रत्येक माह इलाज के लिए एक हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। ताकि मरीज पौष्टिक आहार लेकर जल्द स्वस्थ हो सकें। इसके लिए मरीज क्षय रोग केंद्र पर आवेदन करते हैं। इसके बाद खाते में राशि भेजी जाती है।
जिले में करीब 14,020 मरीजों ने योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया है। बता दें कि जुलाई 2025 से क्षय रोगियों को पोषण भत्ता नहीं मिल सका है। एक साल से पोषण भत्ता न मिलने से रोगियों को परेशानी हो रही है। हालांकि विभाग के अनुसार टीबी मरीजों के उपचार की नियमित निगरानी की जा रही है और दवाओं की उपलब्धता भी बनी हुई है लेकिन पोषण सहायता राशि का भुगतान लंबित होने से योजना का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह राशि इलाज के दौरान बड़ा सहारा मानी जाती है।
विज्ञापन
500 से बढ़ाकर 1000 की गई थी धनराशि
क्षय रोगियों का बेहतर उपचार हो सके इसके लिए सरकार ने निक्षय पोषण योजना के तहत नवंबर 2024 से सहायता राशि को 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है। बता दें कि टीबी रोगियों का इलाज सामान्य तौर पर छह से नौ माह तक चलता है। इस दौरान नियमित रूप से पौष्टिक आहार के साथ-साथ दवाएं लेनी पड़ती हैं। वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पोषण युक्त भोजन की अहम भूमिका होती है।
केस-1
बिलग्राम के मुरौली गांव से आए अवनीश ने बताया कि इलाज नियमित चल रहा है लेकिन कई महीनों से पोषण राशि नहीं मिली। आर्थिक परेशानी में पौष्टिक भोजन जुटाना मुश्किल हो रहा है।
केस-2
पिहानी के सरैया निवासी मनोज ने बताया कि सरकार की सहायता मिलने की उम्मीद थी लेकिन एक साल से खाते में कोई राशि नहीं आई।
सरकार ने पोर्टल में कुछ बदलाव किए हैं ताकि पात्र व्यक्तियों को ही प्रोत्साहन राशि मिल सके। इसी को लेकर पात्रों की फीडिंग करवाई जा रही है। बीते मार्च में कुछ पात्रों को धनराशि भेज कर ट्रायल भी कर लिया गया है। पात्रों की फीडिंग पूरी होते ही धनराशि भेज दी जाएगी। -डॉ. नौमानउल्ला, जिला क्षय रोग अधिकारी
विज्ञापन
जिले में वर्तमान में 14 हजार से अधिक क्षय रोगी चिह्नित हैं जिनका उपचार चल रहा है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शासन की ओर से टीबी रोगियों को प्रत्येक माह इलाज के लिए एक हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। ताकि मरीज पौष्टिक आहार लेकर जल्द स्वस्थ हो सकें। इसके लिए मरीज क्षय रोग केंद्र पर आवेदन करते हैं। इसके बाद खाते में राशि भेजी जाती है।
विज्ञापन
जिले में करीब 14,020 मरीजों ने योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन किया है। बता दें कि जुलाई 2025 से क्षय रोगियों को पोषण भत्ता नहीं मिल सका है। एक साल से पोषण भत्ता न मिलने से रोगियों को परेशानी हो रही है। हालांकि विभाग के अनुसार टीबी मरीजों के उपचार की नियमित निगरानी की जा रही है और दवाओं की उपलब्धता भी बनी हुई है लेकिन पोषण सहायता राशि का भुगतान लंबित होने से योजना का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह राशि इलाज के दौरान बड़ा सहारा मानी जाती है।
विज्ञापन
500 से बढ़ाकर 1000 की गई थी धनराशि
क्षय रोगियों का बेहतर उपचार हो सके इसके लिए सरकार ने निक्षय पोषण योजना के तहत नवंबर 2024 से सहायता राशि को 500 से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है। बता दें कि टीबी रोगियों का इलाज सामान्य तौर पर छह से नौ माह तक चलता है। इस दौरान नियमित रूप से पौष्टिक आहार के साथ-साथ दवाएं लेनी पड़ती हैं। वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पोषण युक्त भोजन की अहम भूमिका होती है।
केस-1
बिलग्राम के मुरौली गांव से आए अवनीश ने बताया कि इलाज नियमित चल रहा है लेकिन कई महीनों से पोषण राशि नहीं मिली। आर्थिक परेशानी में पौष्टिक भोजन जुटाना मुश्किल हो रहा है।
केस-2
पिहानी के सरैया निवासी मनोज ने बताया कि सरकार की सहायता मिलने की उम्मीद थी लेकिन एक साल से खाते में कोई राशि नहीं आई।
सरकार ने पोर्टल में कुछ बदलाव किए हैं ताकि पात्र व्यक्तियों को ही प्रोत्साहन राशि मिल सके। इसी को लेकर पात्रों की फीडिंग करवाई जा रही है। बीते मार्च में कुछ पात्रों को धनराशि भेज कर ट्रायल भी कर लिया गया है। पात्रों की फीडिंग पूरी होते ही धनराशि भेज दी जाएगी। -डॉ. नौमानउल्ला, जिला क्षय रोग अधिकारी