फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Devotees, along with groups of Kanwariyas, will perform the worship of Lord Shiva at Shiva temples.

Hardoi News: कांवड़ियों के जत्थों के साथ श्रद्धालु शिवालयों में करेंगे शिवार्चन

Sun, 02 Aug 2026 11:04 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 11:04 PM IST
विज्ञापन
Devotees, along with groups of Kanwariyas, will perform the worship of Lord Shiva at Shiva temples.
फोटो 18: सूर्य कमल गोस्वामी। स्रोत : स्वयं
हरदोई। आज सावन का पहला सोमवार है। भगवान श्रीहरि विष्णु के शयन में जाने और संसार की जिम्मेदारी संभालने के लिए पृथ्वी पर आए भगवान श्रीशिव की विशेष पूजा-अर्चना पूरे माह होती है। वहीं सोमवार को जिलेभर के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ता है। कांवड़ियों के जत्थों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजन-अर्चन करते हैं। घरों से लेकर शिव मंदिरों तक पूरे दिन हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष गूंजते हैं।
विज्ञापन

सावन में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना होती है। आचार्य सनत्कुमार मिश्रा और शास्त्री उमाकांत अवस्थी, आचार्य श्याम सुंदर शुक्ल ने बताया कि पौराणिक ग्रंथों में वर्णन मिलता है और मान्यता है कि देवशयनी एकादशी पर भगवान श्रीहरि विष्णु शयन में चले जाते हैं। ऐसे में संसार के संचालन की जिम्मेदारी भगवान शिव संभालते हैं। इसके लिए वह कैलाश से पृथ्वी पर आते हैं। भगवान श्रीशिव देवों के देव महादेव हैं। भगवान महादेव को मां भगवती सहित प्रसन्न करने के लिए सावन माह में विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। मंदिरों और शिवालयों में सुबह चार बजे से ही कपाट खुल जाते हैं।
विज्ञापन

श्रद्धालु सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही शिवालयों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का दुग्धाभिषेक, जलाभिषेक करते हैं। बेलपत्र, धतूरा, भांग और फल-फूल और अक्षत अर्पित करते हैं। शिव भक्तों के जत्थे गंगाजल लेकर मंदिरों में कांवड़ अर्पित करते हैं। पहले सोमवार को लेकर रविवार को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों में पूरे दिन तैयारियां चलती रहीं। मंदिर परिसरों की साफ-सफाई, सजवाट की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों के इंतजाम किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
शहर से 18 किलोमीटर की दूरी पर ब्लॉक बावन के सकाहा गांव में पौराणिक श्रीशिव संकटहरण मंदिर है। ऐसी मान्यता है कि श्रीशिव संकटहरण शिवलिंग स्वयंभू है। सावन माह में यहां पर कांवड़ अर्पित किए जाने के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजन-अर्चन और भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए आते हैं। मंदिर की व्यवस्था देख रहे सूर्य कमल गोस्वामी ने बताया कि सावन भर यहां श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना के लिए भीड़ रहती है। श्रद्धालुओं की संख्या और देर रात तक पूजन-अर्चन के चलते सावन के सोमवार को यहां पर रूद्राभिषेक नहीं कराए जाते हैं। वहीं अन्य दिनों में रूद्राभिषेक होते हैं और शाम को भगवान शिव का शृंगार होता है। बताया कि रूद्राभिषेक कराने वाले श्रद्धालुओं को सिर्फ नैवेद्य और फल आदि लाने होते हैं। बाकी की व्यवस्था मंदिर प्रबंधन की तरफ से की जाती है और पूजन व सामग्री सहित 11 हजार रुपये दक्षिणा तय की गई है।

फोटो 18: सूर्य कमल गोस्वामी। स्रोत : स्वयं

फोटो 18: सूर्य कमल गोस्वामी। स्रोत : स्वयं

फोटो 18: सूर्य कमल गोस्वामी। स्रोत : स्वयं

फोटो 18: सूर्य कमल गोस्वामी। स्रोत : स्वयं

फोटो 18: सूर्य कमल गोस्वामी। स्रोत : स्वयं

फोटो 18: सूर्य कमल गोस्वामी। स्रोत : स्वयं

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed