{"_id":"69c961376345f6e0560030e2","slug":"due-to-non-operation-of-special-trains-there-is-a-scramble-for-reservations-trains-are-full-before-the-holidays-hardoi-news-c-213-1-hra1004-147205-2026-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: विशेष ट्रेनें न चलने से आरक्षण के लिए मारामारी, छुट्टी से पहले ट्रेनें फुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: विशेष ट्रेनें न चलने से आरक्षण के लिए मारामारी, छुट्टी से पहले ट्रेनें फुल
विज्ञापन
विज्ञापन
हरदोई। गर्मी की छुट्टियां भले ही अभी शुरू नहीं हुईं लेकिन इसके पहले ही रेल यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हर साल की तरह यात्रियों को इस बार भी गर्मी विशेष ट्रेनें चलने की उम्मीद है लेकिन रेलवे ने अभी तक कोई विशेष ट्रेन नहीं चलाई। ऐसे में नियमित ट्रेनों में आरक्षण फुल हो चुके हैं और आरक्षण के लिए मारामारी मची हुई है।
स्थानीय रेलवे स्टेशन से दिल्ली, पंजाब, जम्मूतवी, कोलकाता और उत्तराखंड के लिए चलने वाली नियमित ट्रेनों में स्लीपर से लेकर थर्ड एसी तक में लंबी वेटिंग चल रही है। आलम यह है कि मई और जून के लिए अधिकांश ट्रेनों में नो-रूम की स्थिति पैदा हो गई है। यात्रियों का कहना है कि अगर अभी स्पेशल ट्रेनें नहीं चलाई गईं तो उन्हें वैकल्पिक साधनों का प्रयोग करना होगा जो काफी महंगा साबित होता है।
यात्री सुमित वर्मा ने बताया कि सुबह 10 बजे एसी और 11 बजे स्लीपर तत्काल कोटा खुलते ही महज दो से पांच मिनट के भीतर सभी सीटें फुल हो जा रही हैं। कतार में लगे दर्जनों लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। कई यात्री स्टेशन पर रात दो बजे से ही लाइन लगा रहे हैं फिर भी उनके हाथ खाली हैं। वहीं, दिल्ली जाने वाली अवध असम एक्सप्रेस में पूरे अप्रैल से आधी मई तक नो-रूम है। एसी में भी लंबी वेटिंग लिस्ट है। इसी प्रकार सद्भावना एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस, लखनऊ मेल में भी ऐसी ही स्थिति है।
विशेष ट्रेनों का संचालन का फैसला मंडल के अधिकारियों का होता है। हालांकि, रूटों पर दबाव का आकलन किया जा रहा है। जल्द ही चुनिंदा रूटों पर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन कराने की उम्मीद है। -अंबुज मिश्रा, सीएमआई
Trending Videos
स्थानीय रेलवे स्टेशन से दिल्ली, पंजाब, जम्मूतवी, कोलकाता और उत्तराखंड के लिए चलने वाली नियमित ट्रेनों में स्लीपर से लेकर थर्ड एसी तक में लंबी वेटिंग चल रही है। आलम यह है कि मई और जून के लिए अधिकांश ट्रेनों में नो-रूम की स्थिति पैदा हो गई है। यात्रियों का कहना है कि अगर अभी स्पेशल ट्रेनें नहीं चलाई गईं तो उन्हें वैकल्पिक साधनों का प्रयोग करना होगा जो काफी महंगा साबित होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यात्री सुमित वर्मा ने बताया कि सुबह 10 बजे एसी और 11 बजे स्लीपर तत्काल कोटा खुलते ही महज दो से पांच मिनट के भीतर सभी सीटें फुल हो जा रही हैं। कतार में लगे दर्जनों लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। कई यात्री स्टेशन पर रात दो बजे से ही लाइन लगा रहे हैं फिर भी उनके हाथ खाली हैं। वहीं, दिल्ली जाने वाली अवध असम एक्सप्रेस में पूरे अप्रैल से आधी मई तक नो-रूम है। एसी में भी लंबी वेटिंग लिस्ट है। इसी प्रकार सद्भावना एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, पद्मावत एक्सप्रेस, लखनऊ मेल में भी ऐसी ही स्थिति है।
विशेष ट्रेनों का संचालन का फैसला मंडल के अधिकारियों का होता है। हालांकि, रूटों पर दबाव का आकलन किया जा रहा है। जल्द ही चुनिंदा रूटों पर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन कराने की उम्मीद है। -अंबुज मिश्रा, सीएमआई