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Hardoi News: मौसम में बदलाव से बीमारियों ने पसारे पांव, सांस के रोगी भी बढ़े
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हरदोई। मौसम के अचानक बदले मिजाज और कड़ाके की सर्दी ने जनजीवन के साथ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी असर डाला है। मेडिकल कॉलेज और महिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सर्द हवा के प्रभाव से लोग बुखार और जुकाम से पीड़ित हो रहे हैं। साथ ही कड़ाके की सर्दी की वजह से सांस रोगियों की दिक्कतें फिर से बढ़ गई हैं। सर्दी से सही से बचाव न किया गया तो लोग निमोनिया के शिकार भी हो रहे हैं।
कुछ दिन पहले मौसम में बदलाव के बाद गर्मी का अहसास होने लगा था। कुछ समय तक ऐसा ही मौसम रहा, इसके बाद बारिश हो गई और अब बीते तीन दिन से कड़ाके की सर्दी हो रही है। ऐसे में अब स्थिति यह हो रही है कि लोग बीमारियों से जूझ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के पर्चा काउंटर पर मरीजों और उनके तीमारदारों की लंबी लाइनें लग रही हैं। लोगों को केवल पंजीकरण कराने में ही घंटों का समय लग गया।
यही हाल ओपीडी का रहा, यहां चिकित्सक कक्षों के बाहर मरीजों को अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ा। शनिवार को जनरल मेडिसिन की ओपीडी में कुल 345 मरीज पहुंचे, इनमें 250 मरीज वायरल बुखार व पेट दर्द के रहे और इमरजेंसी में भी 12 से अधिक मरीज सांस व जकड़न संबंधी परेशानियों की शिकायत लेकर पहुंचे। ऐसा ही हाल महिला चिकित्सालय में भी रहा। गर्भवती महिलाओं में भी इन दिनों बुखार और हाइपरटेंशन की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
तापमान में अंतर बना रहा निमोनिया
तापमान में अंतर से निमोनिया के मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना चार से पांच बच्चे सर्दी और गंभीर जकड़न की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से कइयों में निमोनिया के लक्षण भी पाए जा रहे हैं। चिकित्सकों ने ऐसे मरीजों का उपचार करने के साथ ही गंभीर होने पर भर्ती करने की सलाह भी दी है।
सर्द हवाओं से बचें और गर्म कपड़े पहनें
जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि मौसम में ऐसे अचानक बदलाव ने सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं को बढ़ा दिया है। ठंडी हवा और बारिश से बचें, गर्म कपड़े पहनें और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और गर्म पेय पदार्थ लेना जरूरी है। इसके साथ ही मास्क पहनना और हाथों की स्वच्छता बनाए रखना भी संक्रमण से बचाव में मददगार साबित होता है। मौसम के बदलते मिजाज से ही वायरल संक्रमण बढ़ा है।
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कुछ दिन पहले मौसम में बदलाव के बाद गर्मी का अहसास होने लगा था। कुछ समय तक ऐसा ही मौसम रहा, इसके बाद बारिश हो गई और अब बीते तीन दिन से कड़ाके की सर्दी हो रही है। ऐसे में अब स्थिति यह हो रही है कि लोग बीमारियों से जूझ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के पर्चा काउंटर पर मरीजों और उनके तीमारदारों की लंबी लाइनें लग रही हैं। लोगों को केवल पंजीकरण कराने में ही घंटों का समय लग गया।
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यही हाल ओपीडी का रहा, यहां चिकित्सक कक्षों के बाहर मरीजों को अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ा। शनिवार को जनरल मेडिसिन की ओपीडी में कुल 345 मरीज पहुंचे, इनमें 250 मरीज वायरल बुखार व पेट दर्द के रहे और इमरजेंसी में भी 12 से अधिक मरीज सांस व जकड़न संबंधी परेशानियों की शिकायत लेकर पहुंचे। ऐसा ही हाल महिला चिकित्सालय में भी रहा। गर्भवती महिलाओं में भी इन दिनों बुखार और हाइपरटेंशन की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
तापमान में अंतर बना रहा निमोनिया
तापमान में अंतर से निमोनिया के मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना चार से पांच बच्चे सर्दी और गंभीर जकड़न की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें से कइयों में निमोनिया के लक्षण भी पाए जा रहे हैं। चिकित्सकों ने ऐसे मरीजों का उपचार करने के साथ ही गंभीर होने पर भर्ती करने की सलाह भी दी है।
सर्द हवाओं से बचें और गर्म कपड़े पहनें
जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि मौसम में ऐसे अचानक बदलाव ने सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याओं को बढ़ा दिया है। ठंडी हवा और बारिश से बचें, गर्म कपड़े पहनें और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और गर्म पेय पदार्थ लेना जरूरी है। इसके साथ ही मास्क पहनना और हाथों की स्वच्छता बनाए रखना भी संक्रमण से बचाव में मददगार साबित होता है। मौसम के बदलते मिजाज से ही वायरल संक्रमण बढ़ा है।
