{"_id":"69750836b8f6e8b8440f2d4d","slug":"fir-against-nine-accountants-for-verifying-landless-people-three-suspended-hardoi-news-c-12-1-knp1086-1406057-2026-01-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: भूमिहीनों का सत्यापन करने में नौ लेखपालों पर प्राथमिकी, तीन निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: भूमिहीनों का सत्यापन करने में नौ लेखपालों पर प्राथमिकी, तीन निलंबित
विज्ञापन
विज्ञापन
हरदोई। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए भूमिहीनों का सत्यापन करने वाले चकबंदी विभाग के नौ लेखपालों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पांच लेखपालों पर पिहानी और तीन पर संडीला कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई है। संडीला तहसील के तीन चकबंदी लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। चकबंदी के छह लेखपाल पूर्व से ही बाजरा और धान के मामले में निलंबित चल रहे हैं।
जनपद की दो तहसीलों के 11 गांवों में 1,380 भूमिहीन किसानों का सत्यापन कर डेढ़ लाख क्विंटल धान की खरीद हो गई थी। गोपनीय शिकायत मिलने पर डीएम अनुनय झा ने उपसंचालक चकबंदी और बंदोबस्त अधिकारी से जांच कराई थी। इसमें पता चला कि संडीला तहसील क्षेत्र के छह गांवों और शाहाबाद तहसील क्षेत्र के पांच गांवों में भूमिहीनों का सत्यापन कर धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच दिया गया। कुल 11 गांवों के 1,380 किसानों के फर्जी सत्यापन से 1,50,061 क्विंटल धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा गया।
संडीला तहसील के टिकारी, जाजूपुर, मलेहरा, रसूलपुर आंट, भीखपुर एमा, भटपुर और शाहाबाद तहसील के राभा, दत्योनापुर, महमूदपुर सरैंया, वाजिदनगर, अंदा इब्राहिमपुर में जमीन दिखाकर सत्यापन किया गया था। इस मामले में डीएम ने संबंधित लेखपालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही दो चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा था। इसी क्रम में टिकारी, जाजूपुर और मलेहरा के लेखपाल धर्मेंद्र चौधरी, रसूलपुर आंट की लेखपाल अंकिता श्रीवास्तव, भटपुर के अंकुर मलिक और भीखपुर एमा के अनिल कुमार के खिलाफ संडीला कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इसी तरह महमूदपुर सरैंया और दत्योनापुर के चकबंदी लेखपाल अंकित, राभा के रोहित राठी, वाजिदनगर के सचिन कुमार और अंदा इब्राहिमपुर के कौशलेंद्र कुमार पर प्राथमिकी पिहानी कोतवाली में दर्ज की गई है। बंदोबस्त अधिकारी पीसी उत्तम ने बताया कि अंकिता श्रीावस्तव, अंकुर मलिक और अनिल कुमार को निलंबित भी कर दिया गया है। बाकी लेखपाल पूर्व में ही निलंबित किए जा चुके हैं।
कंप्यूटर ऑपरेटर पर भी प्राथमिकी
भूमिहीनों का सत्यापन करने के मामले में संडीला तहसील में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर नीरज कुमार के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज हुई है। दरअसल, जांच में पता चला था कि सभी लेखपालों की लॉग इन आईडी नीरज के पास रहती थी। वह लेखपालों से ओटीपी पूछकर सत्यापन कर देता था। सीओ संडीला संतोष सिंह ने बताया कि सहायक चकबंदी अधिकारी की शिकायत में नीरज का नाम भी शामिल था। इसलिए उस पर भी प्राथमिकी दर्ज हुई है।
Trending Videos
जनपद की दो तहसीलों के 11 गांवों में 1,380 भूमिहीन किसानों का सत्यापन कर डेढ़ लाख क्विंटल धान की खरीद हो गई थी। गोपनीय शिकायत मिलने पर डीएम अनुनय झा ने उपसंचालक चकबंदी और बंदोबस्त अधिकारी से जांच कराई थी। इसमें पता चला कि संडीला तहसील क्षेत्र के छह गांवों और शाहाबाद तहसील क्षेत्र के पांच गांवों में भूमिहीनों का सत्यापन कर धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच दिया गया। कुल 11 गांवों के 1,380 किसानों के फर्जी सत्यापन से 1,50,061 क्विंटल धान सरकारी क्रय केंद्रों पर बेचा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
संडीला तहसील के टिकारी, जाजूपुर, मलेहरा, रसूलपुर आंट, भीखपुर एमा, भटपुर और शाहाबाद तहसील के राभा, दत्योनापुर, महमूदपुर सरैंया, वाजिदनगर, अंदा इब्राहिमपुर में जमीन दिखाकर सत्यापन किया गया था। इस मामले में डीएम ने संबंधित लेखपालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही दो चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा था। इसी क्रम में टिकारी, जाजूपुर और मलेहरा के लेखपाल धर्मेंद्र चौधरी, रसूलपुर आंट की लेखपाल अंकिता श्रीवास्तव, भटपुर के अंकुर मलिक और भीखपुर एमा के अनिल कुमार के खिलाफ संडीला कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इसी तरह महमूदपुर सरैंया और दत्योनापुर के चकबंदी लेखपाल अंकित, राभा के रोहित राठी, वाजिदनगर के सचिन कुमार और अंदा इब्राहिमपुर के कौशलेंद्र कुमार पर प्राथमिकी पिहानी कोतवाली में दर्ज की गई है। बंदोबस्त अधिकारी पीसी उत्तम ने बताया कि अंकिता श्रीावस्तव, अंकुर मलिक और अनिल कुमार को निलंबित भी कर दिया गया है। बाकी लेखपाल पूर्व में ही निलंबित किए जा चुके हैं।
कंप्यूटर ऑपरेटर पर भी प्राथमिकी
भूमिहीनों का सत्यापन करने के मामले में संडीला तहसील में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर नीरज कुमार के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज हुई है। दरअसल, जांच में पता चला था कि सभी लेखपालों की लॉग इन आईडी नीरज के पास रहती थी। वह लेखपालों से ओटीपी पूछकर सत्यापन कर देता था। सीओ संडीला संतोष सिंह ने बताया कि सहायक चकबंदी अधिकारी की शिकायत में नीरज का नाम भी शामिल था। इसलिए उस पर भी प्राथमिकी दर्ज हुई है।
