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Hardoi News: गर्भवतियों में हाइपरटेंशन से बढ़ रहा अवसाद, निगरानी जरूरी

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jan 2026 11:02 PM IST
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Hypertension is increasing depression in pregnant women, monitoring is necessary
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हरदोई। हाइपरटेंशन की बीमारी गर्भवती महिलाओं में तेजी से बढ़ रही है। जिला महिला अस्पताल में आने वालीं 10 में से दो महिलाएं हाइपरटेंशन का शिकार होती हैं। हाइपरटेंशन में जरा सी लापरवाही मां और गर्भस्थ शिशु को कई बीमारियों की चपेट में ला सकती है। वहीं, समय पर जांच और दवाएं न खाने से जटिलताएं बढ़ सकती हैं। इन पर लगाम लगाने के लिए चिकित्सीय सलाह आवश्यक है।
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गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में खून की मात्रा बढ़ जाती है साथ ही वजन भी बढ़ जाता है। ऐसे में हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की समस्या उत्पन्न होने लगती है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हर 10 में से दो महिलाओं में हाइपरटेंशन की समस्या आ रही है। आंकड़ों पर भी गौर करें तो हर माह 30 से 35 महिलाओं में उच्च रक्तचाप की समस्या देखने को मिल रही है।
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मेडिकल कॉलेज की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. बुशरा बहार ने बताया कि हाइपरटेंशन की समस्या गर्भावस्था के 20वें सप्ताह से सामने आने लगती है। इसका असर मां और गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। कहा कि गर्भधारण से पहले स्वस्थ वजन बनाए रखें। फोलेट और प्रीनेटल विटामिन लेना शुरू करें। नियमित चेकअप करवाकर रक्तचाप की निगरानी करें। जटिलताओं को जल्द पता करने से उन्हें रोका जा सकता है।

मां और शिशु के लिए खतरा

डॉ. अल्फिशा हुसैन ने बताया कि प्रीएक्लेम्पसिया हाई बीपी का गंभीर रूप है। इससे गुर्दे और यकृत को नुकसान हो सकता है। उच्च रक्तचाप के कारण समय से पहले डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है। हाई बीपी से प्लेसेंटा गर्भाशय की दीवार से अलग हो सकती है जो जानलेवा स्थिति है। प्लेसेंटा में रक्त का प्रवाह कम होने से बच्चे का विकास प्रभावित होता है।


लक्षणों पर दें विशेष ध्यान
उच्च रक्तचाप के दौरान गंभीर सिर दर्द, धुंधला दिखाई देना व चमकती रोशनी होना, चेहरे या हाथों में सूजन, ऊपरी पेट में दर्द, सांस लेने में कठिनाई आदि हो सकती है। डॉ. बुशरा बहार ने बताया कि घर पर ब्लड प्रेशर चेक करें और डायरी बनाए, दवाएं खाएं, कभी भी खुराक छूटने न दें। यूरिन जांच और भ्रूण की निगरानी के लिए हर दिन किक काउंट करें।


ऐसे करें बचाव
-गुनगुना पानी, सूप और ताजे फलों का जूस पर्याप्त मात्रा में लें।
-कम नमक व तेल वाला पौष्टिक आहार लें।
-हरी पत्तेदार सब्जियां, फल और साबुत अनाज शामिल करें।

-डॉक्टर की सलाह पर घर के अंदर हल्की वॉक या योग करें ताकि रक्त संचार बेहतर बना रहे।



हाइपरटेंशन की नहीं मिल रही दवा
महिलाओं में हाइपरटेंशन की समस्या बढ़ने के बावजूद मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त दवा नहीं है। हाइपरटेंशन की टेल मी कॉर्टन दवा न होने से मरीजों को मेडिकल स्टोर से लेना पड़ रहा है। प्राचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने बताया कि दवाओं के लिए डिमांड भेज दी गई है। बृहस्पतिवार तक दवा उपलब्ध हो जाएगी।
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