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Hardoi News: एसटीएफ के छापे के बाद लिए गए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के नमूने जांच में फेल
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हरदोई। माधौगंज विकास खंड के भिठाई गांव स्थित गोदावरी एग्रो केमिकल्स से लिए गए माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के नमूने जांच में फेल हो गए हैं। बीती 19 दिसंबर को एसटीएफ लखनऊ की टीम ने यहां बिना लाइसेंस मिक्स्चर प्लांट संचालित होने की सूचना पर छापा मारा था। लाइसेंस मिलने पर एसटीएफ की टीम वापस चली गई थी लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों ने यहां मिले माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के दो नमूने जांच के लिए लिए थे।
भिठाई गांव में गोदावरी एग्रो केमिकल्स के नाम से मिक्स्चर प्लांट स्थापित है। इसके संचालक पुष्पेंद्र कुमार कुशवाहा हैं जबकि शिव प्रताप उनके साझेदार हैं। यहां आयरन सल्फेट और जिंक सल्फेट का मिक्स्चर तैयार किया जाता है। कई जनपदों के बाजारों में इसकी आपूर्ति की जाती है। बिलग्राम के नायब तहसीलदार और जिला कृषि अधिकारी ने 19 दिसंबर को यहां से फेरस सल्फेट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का नमूना भरा था। दरअसल, उक्त प्लांट का संचालन बिना लाइसेंस के संचालित किए जाने की जानकारी पर एसटीएफ ने छापा मारा था। मौके पर आए फर्म के साझेदार शिव प्रताप ने लाइसेंस दिखा दिया था। इस पर एसटीएफ की टीम बिना कार्रवाई के चली गई थी। मौके पर 800 किलोग्राम माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और एक हजार किलो फेरस सल्फेट बना हुआ मिला था। इसका नमूना लेकर वाराणसी स्थित उर्वरक विश्लेषक, उर्वरक एवं कीटनाशी गुण नियंत्रण प्रयोगशाला भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में दोनों नमूने अधोमानक पाए गए हैं। सामान्य भाषा में कहें तो नमूने फेल हो गए हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नमूने फेल होने के बाद फर्म के प्रोपराइटर पुष्पेंद्र कुमार कुशवाहा को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ के छापे के बाद निलंबित कर दिया गया लाइसेंस
मेसर्स गोदावरी एग्रो केमिकल्स में 19 दिसंबर 2025 को एसटीएफ ने छापा मारा था। एसटीएफ की टीम के पहुंचने की जानकारी पर कृषि विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उससे पहले तक विभागीय अधिकारियों को पता भी नहीं चला कि यहां कोई ऐसा प्लांट संचालित है जो शासन के रडार पर है। इस प्लांट का लाइसेंस चार अगस्त 2025 को निदेशक के कार्यालय से जारी हुआ था। एसटीएफ का छापा पड़ने की जानकारी के साथ ही लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने शासन से की थी। उनका दावा है कि लाइसेंस निलंबित चल रहा है और फिलहाल प्लांट बंद है।
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भिठाई गांव में गोदावरी एग्रो केमिकल्स के नाम से मिक्स्चर प्लांट स्थापित है। इसके संचालक पुष्पेंद्र कुमार कुशवाहा हैं जबकि शिव प्रताप उनके साझेदार हैं। यहां आयरन सल्फेट और जिंक सल्फेट का मिक्स्चर तैयार किया जाता है। कई जनपदों के बाजारों में इसकी आपूर्ति की जाती है। बिलग्राम के नायब तहसीलदार और जिला कृषि अधिकारी ने 19 दिसंबर को यहां से फेरस सल्फेट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का नमूना भरा था। दरअसल, उक्त प्लांट का संचालन बिना लाइसेंस के संचालित किए जाने की जानकारी पर एसटीएफ ने छापा मारा था। मौके पर आए फर्म के साझेदार शिव प्रताप ने लाइसेंस दिखा दिया था। इस पर एसटीएफ की टीम बिना कार्रवाई के चली गई थी। मौके पर 800 किलोग्राम माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और एक हजार किलो फेरस सल्फेट बना हुआ मिला था। इसका नमूना लेकर वाराणसी स्थित उर्वरक विश्लेषक, उर्वरक एवं कीटनाशी गुण नियंत्रण प्रयोगशाला भेजा गया था। इसकी रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में दोनों नमूने अधोमानक पाए गए हैं। सामान्य भाषा में कहें तो नमूने फेल हो गए हैं।
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जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नमूने फेल होने के बाद फर्म के प्रोपराइटर पुष्पेंद्र कुमार कुशवाहा को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
एसटीएफ के छापे के बाद निलंबित कर दिया गया लाइसेंस
मेसर्स गोदावरी एग्रो केमिकल्स में 19 दिसंबर 2025 को एसटीएफ ने छापा मारा था। एसटीएफ की टीम के पहुंचने की जानकारी पर कृषि विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। उससे पहले तक विभागीय अधिकारियों को पता भी नहीं चला कि यहां कोई ऐसा प्लांट संचालित है जो शासन के रडार पर है। इस प्लांट का लाइसेंस चार अगस्त 2025 को निदेशक के कार्यालय से जारी हुआ था। एसटीएफ का छापा पड़ने की जानकारी के साथ ही लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने शासन से की थी। उनका दावा है कि लाइसेंस निलंबित चल रहा है और फिलहाल प्लांट बंद है।
