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Hardoi News: एक साल में ही खराब होने लगी सड़क, रख रखाव का नियम बोर्ड तक सिमटा
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हरदोई। अनुबंध के मुताबिक, मार्गों के रख-रखाव की जिम्मेदारी भी काम कराने वाली फर्म की है। फर्म और कार्यदायी संस्था की लापरवाही से मार्ग बनने के एक साल में ही क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और रख-रखाव न किए जाने से लोगों को आवागमन में हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। शासन की तरफ से नौ मार्गों को बनवाए जाने की साल-2021-22 में स्वीकृति मिली थी। उप्र ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी (यूपीआरआरडीए) के माध्यम से मार्गों को बनवाए जाने का काम मेसर्स एलएसआर इंफ्राकॉन प्रा. लि. को मिला। काम के साथ ही मार्गों की पांच साल तक रख-रखाव की भी जिम्मेदारी फर्म को ही मिली है।
यूपीआरआरडीए के माध्यम से बनवाए जाने वाले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मार्गों में अनुबंध के साथ ही उनके पांच साल तक रख-रखाव की भी व्यवस्था दी गई है। यहां पर साल-2021-22 में करीब नौ मार्गों के काम को स्वीकृति के साथ ही निविदा प्रक्रिया को पूरा कराया गया। इन मार्गों को बनवाए जाने पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मार्गों को बनवाने का काम एलएसआर इंफ्राकॉन प्रा. लि. को मिला। वैसे तो काम एक साल में पूरा होना था।
साल-2024 तक मार्गों का काम पूरा हुआ। वहीं, मार्ग करीब एक साल की अवधि में ही क्षतिग्रस्त होने लगे। इससे इन मार्गों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना लाजिमी है। पांच साल तक मार्गों के रख-रखाव की शर्त के बाद मार्ग क्षतिग्रस्त हैं और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षतिग्रस्त मार्गों के कारण लोगों को आवागमन में समस्या के साथ ही हादसों की भी आशंका रहती है।
यूपीएफडीआर-25 और 27 के माध्यम से जिले में मार्गों को बनवाए जाने की प्रक्रिया पूरी की गई, इसमें काम को पूरा कराने में ही फर्म ने देरी की। अब मरम्मत और रख-रखाव में भी लापरवाही की जा रही है।
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में इन मार्गों पर यह काम कराया गया :
-कछौना क्षेत्र के हथौड़ा मार्ग से टिकारी तक करीब 5.60 किलोमीटर लंबाई में मार्ग को 3.75 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-माधौगंज से मटियामऊ तक लंबाई करीब 12.87 किलोमीटर में 5.50 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-हरदोई-पिहानी मार्ग से संधिनवा तक लंबाई करीब 5.00 किलोमीटर में 5.50 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-गोपामऊ रोड से शिवरी तक लंबाई करीब 6.80 किलोमीटर में 3.75 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-सांडी-बघौली मार्ग से सुरसा मार्ग लंबाई करीब 5.70 किलोमीटर में 3.75 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-शाहाबाद-सांडी मार्ग से जसरथपुर मार्ग लंबाई करीब 5.00 किलोमीटर में 3.75 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-धियर महोलिया से मुरलीगंज तक लंबाई करीब 5.25 किलोमीटर में 3.75 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-टड़ियावां से दधनामऊ तक लंबाई करीब 15.60 किलोमीटर में 5.50 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
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ये है नियम
अनुबंध की शर्तों के मुताबिक, मार्गों का रख-रखाव न किए जाने से क्षतिग्रस्त और सतह आदि उखड़ने की दशा में अनुबंध की धारा-43.4 में कार्यदायी संस्था को किसी दूसरी एजेंसी से भी रख-रखाव कराने का अधिकार मिला है। वहीं, इसी धारा में प्रावधान दिया गया है कि कार्यदायी संस्था संबंधित फर्म से मरम्मत पर खर्च होने वाले रुपये की वसूली कर सकती है। साथ ही 20 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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मार्गों के खराब होने की जानकारी है। काम देख रही फर्म के निदेशकों का आपसी विवाद था इससे मार्गों की मरम्मत नहीं हो पा रही थी। चंडीगढ़ के न्यायालय में इन लोगों का विवाद चला था, अब इनका विवाद निपट गया है। इससे जल्द ही मरम्मत और रख-रखाव भी कराया जाएगा ताकि आमजन को दिक्कतें न होने पाएं। -प्रदीप पाल, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई
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यूपीआरआरडीए के माध्यम से बनवाए जाने वाले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के मार्गों में अनुबंध के साथ ही उनके पांच साल तक रख-रखाव की भी व्यवस्था दी गई है। यहां पर साल-2021-22 में करीब नौ मार्गों के काम को स्वीकृति के साथ ही निविदा प्रक्रिया को पूरा कराया गया। इन मार्गों को बनवाए जाने पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मार्गों को बनवाने का काम एलएसआर इंफ्राकॉन प्रा. लि. को मिला। वैसे तो काम एक साल में पूरा होना था।
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साल-2024 तक मार्गों का काम पूरा हुआ। वहीं, मार्ग करीब एक साल की अवधि में ही क्षतिग्रस्त होने लगे। इससे इन मार्गों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना लाजिमी है। पांच साल तक मार्गों के रख-रखाव की शर्त के बाद मार्ग क्षतिग्रस्त हैं और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षतिग्रस्त मार्गों के कारण लोगों को आवागमन में समस्या के साथ ही हादसों की भी आशंका रहती है।
यूपीएफडीआर-25 और 27 के माध्यम से जिले में मार्गों को बनवाए जाने की प्रक्रिया पूरी की गई, इसमें काम को पूरा कराने में ही फर्म ने देरी की। अब मरम्मत और रख-रखाव में भी लापरवाही की जा रही है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में इन मार्गों पर यह काम कराया गया :
-कछौना क्षेत्र के हथौड़ा मार्ग से टिकारी तक करीब 5.60 किलोमीटर लंबाई में मार्ग को 3.75 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-माधौगंज से मटियामऊ तक लंबाई करीब 12.87 किलोमीटर में 5.50 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-हरदोई-पिहानी मार्ग से संधिनवा तक लंबाई करीब 5.00 किलोमीटर में 5.50 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-गोपामऊ रोड से शिवरी तक लंबाई करीब 6.80 किलोमीटर में 3.75 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-सांडी-बघौली मार्ग से सुरसा मार्ग लंबाई करीब 5.70 किलोमीटर में 3.75 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-शाहाबाद-सांडी मार्ग से जसरथपुर मार्ग लंबाई करीब 5.00 किलोमीटर में 3.75 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-धियर महोलिया से मुरलीगंज तक लंबाई करीब 5.25 किलोमीटर में 3.75 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
-टड़ियावां से दधनामऊ तक लंबाई करीब 15.60 किलोमीटर में 5.50 मीटर चौड़ाई में बनवाया गया।
ये है नियम
अनुबंध की शर्तों के मुताबिक, मार्गों का रख-रखाव न किए जाने से क्षतिग्रस्त और सतह आदि उखड़ने की दशा में अनुबंध की धारा-43.4 में कार्यदायी संस्था को किसी दूसरी एजेंसी से भी रख-रखाव कराने का अधिकार मिला है। वहीं, इसी धारा में प्रावधान दिया गया है कि कार्यदायी संस्था संबंधित फर्म से मरम्मत पर खर्च होने वाले रुपये की वसूली कर सकती है। साथ ही 20 प्रतिशत जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
मार्गों के खराब होने की जानकारी है। काम देख रही फर्म के निदेशकों का आपसी विवाद था इससे मार्गों की मरम्मत नहीं हो पा रही थी। चंडीगढ़ के न्यायालय में इन लोगों का विवाद चला था, अब इनका विवाद निपट गया है। इससे जल्द ही मरम्मत और रख-रखाव भी कराया जाएगा ताकि आमजन को दिक्कतें न होने पाएं। -प्रदीप पाल, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई
