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Hardoi News: बिजली गुल, उमस की मार, लोकल फॉल्ट में भारी उछाल
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फोटो-28- विद्युत उपकेंद्र मन्नापुरवा पर पैनल की मरम्मत करते बिजली कर्मी। स्रोत वितरण निगम
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हरदोई। भीषण गर्मी और उमस ने जिले में बिजली व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि कूलर और एसी लगातार चलने के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। पिछले एक सप्ताह से जिले की कुल मांग लगातार 400 मेगावाट के ऊपर बनी हुई है जिससे बिजली के फॉल्ट बढ़ गए और उपभोक्ताओं को बिना बिजली के कई-कई घंटे रहना पड़ रहा है।
जिले में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के छह लाख उपभोक्ता हैं। आमतौर पर प्रतिदिन 300 से 320 मेगावाट तक बिजली की मांग रहती है मगर गर्मी के दिनों में मांग 400 मेगावाट तक पहुंच जाती है। इस माह उमस व चिपचिपी गर्मी के कारण एक सप्ताह से बिजली की मांग 400 मेगावाट तक पहुंच गई है। बिजली की मांग बढ़ने से उपकरण ओवरलोड हो रहे हैं। इससे बिजली कटौती बढ़ रही है और उपभोक्ताओं को उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती से परेशान होना पड़ रहा है।
मौसम के तल्ख तेवरों के बीच रविवार को जिले में बिजली की खपत रिकॉर्ड 420 मेगावाट दर्ज की गई। डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (वितरण प्रणाली) पर लोड अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते इसी अंतर के कारण पूरे जिले में बिजली संकट गहरा गया है। क्षमता से अधिक लोड पड़ने के कारण कॉलोनियों और ग्रामीण इलाकों में लगे ट्रांसफार्मर हांफने लगे हैं। कहीं केबल जल रहे तो कहीं जंपर उड़ने की वजह से लोकल फॉल्ट की बाढ़ आ गई है। इससे कई इलाकों में रात-रात भर बिजली गुल रह रही।
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ओवरलोड के कारण समस्या आ रही है जिसका निदान कराया जाता है। शहर में आपूर्ति सुचारू रूप से संचालित रहे इसके लिए टीमें लगाई गई हैं। यह टीमें लगातार पेट्रोलिंग करती हैं। -प्रेम प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता
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जिले में शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के छह लाख उपभोक्ता हैं। आमतौर पर प्रतिदिन 300 से 320 मेगावाट तक बिजली की मांग रहती है मगर गर्मी के दिनों में मांग 400 मेगावाट तक पहुंच जाती है। इस माह उमस व चिपचिपी गर्मी के कारण एक सप्ताह से बिजली की मांग 400 मेगावाट तक पहुंच गई है। बिजली की मांग बढ़ने से उपकरण ओवरलोड हो रहे हैं। इससे बिजली कटौती बढ़ रही है और उपभोक्ताओं को उमस भरी गर्मी में बिजली कटौती से परेशान होना पड़ रहा है।
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मौसम के तल्ख तेवरों के बीच रविवार को जिले में बिजली की खपत रिकॉर्ड 420 मेगावाट दर्ज की गई। डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (वितरण प्रणाली) पर लोड अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया। मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते इसी अंतर के कारण पूरे जिले में बिजली संकट गहरा गया है। क्षमता से अधिक लोड पड़ने के कारण कॉलोनियों और ग्रामीण इलाकों में लगे ट्रांसफार्मर हांफने लगे हैं। कहीं केबल जल रहे तो कहीं जंपर उड़ने की वजह से लोकल फॉल्ट की बाढ़ आ गई है। इससे कई इलाकों में रात-रात भर बिजली गुल रह रही।
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ओवरलोड के कारण समस्या आ रही है जिसका निदान कराया जाता है। शहर में आपूर्ति सुचारू रूप से संचालित रहे इसके लिए टीमें लगाई गई हैं। यह टीमें लगातार पेट्रोलिंग करती हैं। -प्रेम प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता