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Hardoi News: पसली टूटकर फेफड़े में घुस जाने से हुई थी बुजुर्ग की मौत
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हरदोई। हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के ईसेपुर में चकरोड के विवाद के दौरान ग्राम प्रधान के ताऊ की मौत होने का मामला उलझ गया है। दरअसल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पसली टूटकर फेफड़े में घुस जाने और खून जम जाने के कारण मौत की बात सामने आई है। हालांकि शव पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं।
ईसेपुर निवासी राजेंद्र सिंह यादव (70) खेती करते थे। गांव में चकरोड को लेकर विवाद चल रहा है। शिकायत की जांच के सिलसिले में लेखपाल मनोज कनौजिया रविवार शाम चकरोड देखने गए थे। इस दौरान गांव निवासी चकरोड़ पर कब्जे के आरोपी दो लोगों के साथ ही राजेंद्र भी मौजूद थे। इसी दौरान राजेंद्र वहीं गिर गए थे और उनकी मौत हो गई थी। मृतक के भतीजे संदीप यादव उर्फ रारा ग्राम प्रधान हैं। उन्होंने रॉड से हमला कर हत्या किए जाने का आरोप गांव के पांच लोगों पर लगाया था।
सीएचसी में शव ले जाने पर चोट के कोई निशान नहीं मिले, तो पुलिस ने पैनल और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम में राजेंद्र की मौत पसली टूटकर फेफड़े में घुस जाने और खून जम जाने के कारण होने की बात सामने आई है। नाम न छापने के अनुरोध पर चिकित्सकों का कहना है कि आम तौर पर गिर जाने के दौरान पसली टूटकर फेफड़े में घुस जाती है। हत्या की बात फिलहाल इसलिए नहीं कही जा सकती,क्योेंकि शव पर कहीं चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। आशंका है कि चकरोड़ में गिर जाने से बुजुर्ग की मौत हुई है।
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मृतक के बेटे ने पुलिस से की शिकायत
मृतक के पुत्र विनोद कुमार यादव ने सोमवार देर शाम पुलिस से शिकायत की है। इसमें रास्ते के निकास को लेकर गांव के ही पांच लोगाें पर बुजुर्ग की हत्या का आरोप लगाया है। दावा है कि पीट पीटकर हत्या की गई है। आरोपियों में दो सगे भाई और उनके बेटे शामिल हैं।
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ईसेपुर निवासी राजेंद्र सिंह यादव (70) खेती करते थे। गांव में चकरोड को लेकर विवाद चल रहा है। शिकायत की जांच के सिलसिले में लेखपाल मनोज कनौजिया रविवार शाम चकरोड देखने गए थे। इस दौरान गांव निवासी चकरोड़ पर कब्जे के आरोपी दो लोगों के साथ ही राजेंद्र भी मौजूद थे। इसी दौरान राजेंद्र वहीं गिर गए थे और उनकी मौत हो गई थी। मृतक के भतीजे संदीप यादव उर्फ रारा ग्राम प्रधान हैं। उन्होंने रॉड से हमला कर हत्या किए जाने का आरोप गांव के पांच लोगों पर लगाया था।
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सीएचसी में शव ले जाने पर चोट के कोई निशान नहीं मिले, तो पुलिस ने पैनल और वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम में राजेंद्र की मौत पसली टूटकर फेफड़े में घुस जाने और खून जम जाने के कारण होने की बात सामने आई है। नाम न छापने के अनुरोध पर चिकित्सकों का कहना है कि आम तौर पर गिर जाने के दौरान पसली टूटकर फेफड़े में घुस जाती है। हत्या की बात फिलहाल इसलिए नहीं कही जा सकती,क्योेंकि शव पर कहीं चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। आशंका है कि चकरोड़ में गिर जाने से बुजुर्ग की मौत हुई है।
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मृतक के बेटे ने पुलिस से की शिकायत
मृतक के पुत्र विनोद कुमार यादव ने सोमवार देर शाम पुलिस से शिकायत की है। इसमें रास्ते के निकास को लेकर गांव के ही पांच लोगाें पर बुजुर्ग की हत्या का आरोप लगाया है। दावा है कि पीट पीटकर हत्या की गई है। आरोपियों में दो सगे भाई और उनके बेटे शामिल हैं।