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Hardoi News: पक्के मकान और लाभान्वित परिवार शून्य पावर्टी में चिह्नित, आवास के लिए पात्र बताए
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हरदाेई। सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिम्मेदारों ने नियमों को ताक पर रख दिया। पक्के मकान, आवास योजना में लाभान्वित, पिता-पुत्र और ट्रैक्टर और कृषि भूमि वाले परिवारों को जीरो पावर्टी में चिह्नित किया गया है। इन परिवारों को बेघर श्रेणी में शामिल कर आवास योजना के लिए पात्र बता दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों को गरीबी मुक्त बनाए जाने के अभियान में जीरो पावर्टी अभियान में पात्र परिवारों को चिह्नित कराया गया। विकास खंड भरावन की ग्राम पंचायत महीठा में जीरो पावर्टी में चिह्नित करीब 20 से अधिक लोगों में सिर्फ शांति और सुधा देवी दो ही महिलाएं आवास के लिए पात्र मिलीं जबकि बाकी अपात्रों को चिह्नित किए जाने की पुष्टि हुई। बीडीओ भरावन राजीव गुप्ता की ओर से भेजी गई जांच आख्या के मुताबिक, ग्राम पंचायत महीठा में जीरो पावर्टी में चिह्नित और आवास योजना की पात्रता सूची में शामिल किए गए नामों में बड़ी संख्या में अपात्र शामिल होने की पुष्टि हुई है।
जांच आख्या में कहा कि अभिनव और अमरेंद शुक्ला के नाम जीरो पावर्टी में चिह्नित हैं। अभिनव और अमरेंद्र पिता-पुत्र हैं। अमरेंद्र शुक्ला के पास एक हेक्टेयर से अधिक भूमि है। ऐसे ही एक ही परिवार से तीन लोगों को जीरो पावर्टी में चुना गया इसमें बबीता पत्नी सर्वेश कुमार, इनके भाई लवकुश और पिता गुरु प्रसाद शामिल है। इनके नाम भूमि भी है। मीरा देवी पत्नी प्रमोद कुमार का पक्का मकान है। अंबुज शुक्ला, नीलम पत्नी मनोज कुमार, विपिन शुक्ला, सताना, लालता प्रसाद शुक्ला, रजनी पत्नी रामनाथ, रामपती पत्नी बाबूलाल, फूलमती पत्नी कल्लू के पक्के मकान बने हैं। बीडीओ ने प्रधान गीता और ग्राम रोजगार सेवक के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की है। (संवाद)
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केस एक :
नाम : पीयूष कुमार, निवासी महीठा। अविवाहित होने के साथ ही वर्तमान में क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। इनके पास मकान पक्का है। पक्का मकान होने के साथ ही पंचायत प्रतिनिधि होने के बाद भी प्रधान और जिम्मेदारों ने पीयूष कुमार को शून्य पावर्टी में चिह्नित कर लिया। इतना ही नहीं आवास योजना के लिए भी पात्रता की श्रेणी में शामिल कर लिया।
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केस दो :
नाम : सपना पत्नी नीरज, निवासी महीठा। नीरज के पिता मुन्नीलाल के पास ट्रैक्टर है और पक्का मकान भी है। वहीं, सपना की सास आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। जिम्मेदारों ने शून्य पावर्टी में चयन कर आवास के लिए पात्रता सूची में नाम जोड़ दिया।
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केस तीन :
नाम : शर्मावती पत्नी प्यारे, निवासी महीठा। शर्मावती के दो पुत्र शिवकुमार और रमेश की पत्नियों के नाम से आवास योजना में लाभान्वित किया जा चुका है। दोनों के आवास बन गए हैं। शर्मावती का नाम जीरो पावर्टी में शामिल करते हुए आवास के लिए पात्र बताया गया।
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लाभ के लिए पक्का मकान छोड़ तिरपाल में बनाया बसेरा
सरकारी योजनाओं का मुफ्त में लाभ पाने के लिए लोग पक्के मकान तक को छोड़ने के लिए तैयार हैं। ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत महीठा में जांच-पड़ताल के दौरान सामने आया। महीठा निवासी सर्वेश कुमार के पास पक्का मकान है। उन्होंने अपनी पत्नी बबीता को जीरो पावर्टी में चिह्नित कराए जाने और आवास योजना का लाभ पाने के लिए पक्का मकान छोड़कर कुछ दिन पहले ही तिरपाल डालकर रहना शुरू कर दिया। ताकि सर्वे के दौरान तिरपाल में रहने की फोटो से आवास योजना का लाभ मिल सके।
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जांच आख्या में कहा कि अभिनव और अमरेंद शुक्ला के नाम जीरो पावर्टी में चिह्नित हैं। अभिनव और अमरेंद्र पिता-पुत्र हैं। अमरेंद्र शुक्ला के पास एक हेक्टेयर से अधिक भूमि है। ऐसे ही एक ही परिवार से तीन लोगों को जीरो पावर्टी में चुना गया इसमें बबीता पत्नी सर्वेश कुमार, इनके भाई लवकुश और पिता गुरु प्रसाद शामिल है। इनके नाम भूमि भी है। मीरा देवी पत्नी प्रमोद कुमार का पक्का मकान है। अंबुज शुक्ला, नीलम पत्नी मनोज कुमार, विपिन शुक्ला, सताना, लालता प्रसाद शुक्ला, रजनी पत्नी रामनाथ, रामपती पत्नी बाबूलाल, फूलमती पत्नी कल्लू के पक्के मकान बने हैं। बीडीओ ने प्रधान गीता और ग्राम रोजगार सेवक के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की है। (संवाद)
केस एक :
नाम : पीयूष कुमार, निवासी महीठा। अविवाहित होने के साथ ही वर्तमान में क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। इनके पास मकान पक्का है। पक्का मकान होने के साथ ही पंचायत प्रतिनिधि होने के बाद भी प्रधान और जिम्मेदारों ने पीयूष कुमार को शून्य पावर्टी में चिह्नित कर लिया। इतना ही नहीं आवास योजना के लिए भी पात्रता की श्रेणी में शामिल कर लिया।
केस दो :
नाम : सपना पत्नी नीरज, निवासी महीठा। नीरज के पिता मुन्नीलाल के पास ट्रैक्टर है और पक्का मकान भी है। वहीं, सपना की सास आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। जिम्मेदारों ने शून्य पावर्टी में चयन कर आवास के लिए पात्रता सूची में नाम जोड़ दिया।
केस तीन :
नाम : शर्मावती पत्नी प्यारे, निवासी महीठा। शर्मावती के दो पुत्र शिवकुमार और रमेश की पत्नियों के नाम से आवास योजना में लाभान्वित किया जा चुका है। दोनों के आवास बन गए हैं। शर्मावती का नाम जीरो पावर्टी में शामिल करते हुए आवास के लिए पात्र बताया गया।
लाभ के लिए पक्का मकान छोड़ तिरपाल में बनाया बसेरा
सरकारी योजनाओं का मुफ्त में लाभ पाने के लिए लोग पक्के मकान तक को छोड़ने के लिए तैयार हैं। ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत महीठा में जांच-पड़ताल के दौरान सामने आया। महीठा निवासी सर्वेश कुमार के पास पक्का मकान है। उन्होंने अपनी पत्नी बबीता को जीरो पावर्टी में चिह्नित कराए जाने और आवास योजना का लाभ पाने के लिए पक्का मकान छोड़कर कुछ दिन पहले ही तिरपाल डालकर रहना शुरू कर दिया। ताकि सर्वे के दौरान तिरपाल में रहने की फोटो से आवास योजना का लाभ मिल सके।