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Hardoi News: बारिश ने महकाई फूलों की कीमतें, आवक घटी तो महंगे हुए गुलाब-गेंदा
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फोटो- 39- दुकान पर बिक्री के लिए रखे फूल। संवाद
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फोटो- 39- दुकान पर बिक्री के लिए रखे फूल। संवाद
फोटो- 40- विक्रेता धीरज। संवाद
फोटो- 41- व्यापारी अजय सैनी। संवाद
- अधिक नमी से जल्दी खराब हो रहे फूल, कारोबार प्रभावित
- सावन माह में कीमतों और उछाल आने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बारिश का मौसम शुरू होते ही जिले में फूलों का कारोबार प्रभावित हो गया है। अधिक नमी और परिवहन में देरी के कारण जिले में फूलों की आवक घट गई है, जो फूल आ भी रहे हैं वे भी जल्दी खराब हो रहे हैं। इससे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। नुकसान की भरपाई के लिए फूल विक्रेताओं ने कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है।
फूलों का प्रयोग धार्मिक आयोजन से लेकर शादी समारोह और अन्य सभी कार्यक्रमों में होता है। इन दिनों बारिश शुरू हो गई है और कई- कई स्थानों पर बेतहाशा बरसात हो रही है। इसका असर फूलों के कारोबार पर पड़ा है। नमी के कारण फूलों समय से पहले खराब हो रहे हैं। इससे आवक घट गई है और अब इनके दाम आसमान छूने लगे हैं। फूल विक्रेता धीरज का कहना है कि गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा और अन्य सजावटी फूल मुख्य रूप से लखनऊ, कानपुर और आसपास की मंडियों से आते हैं। बारिश के कारण आपूर्ति समय पर नहीं हो पा रही है। गेंदा की कीमतें 120 रुपये प्रति किग्रा और गुलाब 200 से 300 रुपये प्रति किग्रा तक बिक रहा है। अधिक नमी के चलते फूलों की ताजगी भी कम समय तक ही बनी रहती है, इस वजह से फूलों के खराब होने की संभावना बढ़ जाती है।
महंगाई से सजावट का बजट घटा
फूलों की कीमत बढ़ने का सीधा असर मंदिरों में होने वाली पूजा-अर्चना, धार्मिक आयोजनों, समारोहों और जन्मदिन जैसे कार्यक्रमों की सजावट पर पड़ रहा है। कई लोगों ने बढ़ी कीमतों के कारण फूलों की खरीद कम कर दी है या सजावट का बजट घटा दिया है। विक्रेता अजय ने बताया कि बारिश के चलते फूलों में 10 से प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सावन माह में दामों में उछाल की संभावना है।
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- बारिश के कारण बाहर की मंडियों से फूल आने में समय लग रहा है। गाड़ियों में नमी के चलते गेंदा और गुलाब की पंखुड़ियां काली पड़कर गलने लगती हैं। मंडी तक आधा माल खराब पहुंचता है। - विक्रेता, धीरज
- सावन का महीना शुरू होने वाला है और इस दौरान फूलों की मांग सबसे ज्यादा रहती है। लेकिन अगर बारिश ऐसे ही होती रही तो माल की सप्लाई और कम हो जाएगी। आवक घटने से सावन में फूलों के दाम में और भारी उछाल आ सकता है। - व्यापारी, अजय सैनी
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फोटो- 40- विक्रेता धीरज। संवाद
फोटो- 41- व्यापारी अजय सैनी। संवाद
- अधिक नमी से जल्दी खराब हो रहे फूल, कारोबार प्रभावित
- सावन माह में कीमतों और उछाल आने की संभावना
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बारिश का मौसम शुरू होते ही जिले में फूलों का कारोबार प्रभावित हो गया है। अधिक नमी और परिवहन में देरी के कारण जिले में फूलों की आवक घट गई है, जो फूल आ भी रहे हैं वे भी जल्दी खराब हो रहे हैं। इससे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। नुकसान की भरपाई के लिए फूल विक्रेताओं ने कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है।
फूलों का प्रयोग धार्मिक आयोजन से लेकर शादी समारोह और अन्य सभी कार्यक्रमों में होता है। इन दिनों बारिश शुरू हो गई है और कई- कई स्थानों पर बेतहाशा बरसात हो रही है। इसका असर फूलों के कारोबार पर पड़ा है। नमी के कारण फूलों समय से पहले खराब हो रहे हैं। इससे आवक घट गई है और अब इनके दाम आसमान छूने लगे हैं। फूल विक्रेता धीरज का कहना है कि गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा और अन्य सजावटी फूल मुख्य रूप से लखनऊ, कानपुर और आसपास की मंडियों से आते हैं। बारिश के कारण आपूर्ति समय पर नहीं हो पा रही है। गेंदा की कीमतें 120 रुपये प्रति किग्रा और गुलाब 200 से 300 रुपये प्रति किग्रा तक बिक रहा है। अधिक नमी के चलते फूलों की ताजगी भी कम समय तक ही बनी रहती है, इस वजह से फूलों के खराब होने की संभावना बढ़ जाती है।
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महंगाई से सजावट का बजट घटा
फूलों की कीमत बढ़ने का सीधा असर मंदिरों में होने वाली पूजा-अर्चना, धार्मिक आयोजनों, समारोहों और जन्मदिन जैसे कार्यक्रमों की सजावट पर पड़ रहा है। कई लोगों ने बढ़ी कीमतों के कारण फूलों की खरीद कम कर दी है या सजावट का बजट घटा दिया है। विक्रेता अजय ने बताया कि बारिश के चलते फूलों में 10 से प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सावन माह में दामों में उछाल की संभावना है।
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- बारिश के कारण बाहर की मंडियों से फूल आने में समय लग रहा है। गाड़ियों में नमी के चलते गेंदा और गुलाब की पंखुड़ियां काली पड़कर गलने लगती हैं। मंडी तक आधा माल खराब पहुंचता है। - विक्रेता, धीरज
- सावन का महीना शुरू होने वाला है और इस दौरान फूलों की मांग सबसे ज्यादा रहती है। लेकिन अगर बारिश ऐसे ही होती रही तो माल की सप्लाई और कम हो जाएगी। आवक घटने से सावन में फूलों के दाम में और भारी उछाल आ सकता है। - व्यापारी, अजय सैनी

फोटो- 39- दुकान पर बिक्री के लिए रखे फूल। संवाद

फोटो- 39- दुकान पर बिक्री के लिए रखे फूल। संवाद