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Hardoi News: डिजिटल तो न हो पाए विद्यालय, 252 टैबलेट का सॉफ्टवेयर दे गया धोखा
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हरदोई। मंशा और योजना तो बेहतरीन थी लेकिन ठिकाने लग गई। कुछ अध्यापकों का विरोध और कुछ विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से परिषदीय विद्यालयों को हाईटेक बनाने के लिए दिए गए टैबलेट छलावा ही साबित हुए। परिषदीय विद्यालयों की पंजिकाओं को ऑनलाइन करने की व्यवस्था से पहले ही 250 से ज्यादा टैबलेट का सॉफ्टवेयर जवाब दे गया। वजह यह कि लंबे समय तक इनका इस्तेमाल नहीं हुआ और कई माह तक यह अलमारियों और बक्सों में रखे रहे।
शासन ने परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी लगाने के साथ ही 13 अभिलेखों के डिजिटलाइजेशन के लिए टैबलेट उपलब्ध कराए थे। न सिर्फ शिक्षकों की बल्कि विद्यार्थियों की भी ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था रखी गई थी। शिक्षकों की आपत्ति के बाद ऑनलाइन हाजिरी से तो मुक्ति मिल गई थी लेकिन अभिलेखों के डिजिटलाइजेशन का कार्य पूर्व की तरह ही होने पर सहमति बनी थी।
टैबलेट चलाने के लिए विद्यालयों के नाम से सिम भी आवंटित किए गए थे। इन सिम कार्ड को रिचार्ज कराने के लिए कंपोजिट ग्रांट से व्यवस्था की गई थी। बावजूद इसके ज्यादातर विद्यालयों में टैबलेट शोपीस बने हैं। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि 253 टैबलेट तो ऐसे हैं जिनका सॉफ्टवेयर ही बिना इस्तेमाल किए खराब हो गया। इनको अपडेट कराने के लिए भी विभाग की ओर से भेजा गया है।
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जिले को मिले थे 5,212 टैबलेट, अलमारियों में ही रखे
शिक्षा विभाग ने सत्र 2023-24 में छात्र-शिक्षकों की उपस्थिति और 13 अनिवार्य पंजिकाओं के डिजिटलाइजेशन के लिए भारी-भरकम बजट खर्च किया था। जनपद के कुल 3,446 परिषदीय विद्यालयों में से 2,777 स्कूलों को 5,212 टैबलेट मुहैया कराए गए थे। योजना थी कि इससे कागजी खानापूर्ति बंद होगी और पारदर्शिता आएगी लेकिन शिक्षकों के चौतरफा विरोध और तकनीकी अड़चनों के कारण इन टैबलेट का इस्तेमाल ही शुरू नहीं हो सका। नतीजा यह हुआ कि करोड़ों रुपये के यह उपकरण बक्सों में बंद होकर रह गए जो अब चोरों के लिए आसान निशाना बन रहे हैं।
14 टैबलेट हो चुके चोरी
विकास खंड टड़ियावां के प्राथमिक विद्यालय अजीजपुर का टैबलेट चोरी हो चुका है। इसके अलावा संविलियन विद्यालय पिपरी का भी टैबलेट चोरी हो चुका है। इनके संबंध में थाना टड़ियावां में तहरीर भी दी गई। इसके अलावा विभाग को 14 टैबलेट के चोरी होने के प्रार्थना पत्र दिए गए हैं।
टैबलेट के इस्तेमाल को लेकर सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से जानकारी मांगी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर जिन विद्यालयों से टैबलेट चोरी हुए हैं या इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं के संबंध में कार्रवाई की जाएगी। -श्याम किशोर तिवारी, एडी बेसिक, षष्ठ मंडल लखनऊ
शासन ने परिषदीय विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी लगाने के साथ ही 13 अभिलेखों के डिजिटलाइजेशन के लिए टैबलेट उपलब्ध कराए थे। न सिर्फ शिक्षकों की बल्कि विद्यार्थियों की भी ऑनलाइन हाजिरी की व्यवस्था रखी गई थी। शिक्षकों की आपत्ति के बाद ऑनलाइन हाजिरी से तो मुक्ति मिल गई थी लेकिन अभिलेखों के डिजिटलाइजेशन का कार्य पूर्व की तरह ही होने पर सहमति बनी थी।
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टैबलेट चलाने के लिए विद्यालयों के नाम से सिम भी आवंटित किए गए थे। इन सिम कार्ड को रिचार्ज कराने के लिए कंपोजिट ग्रांट से व्यवस्था की गई थी। बावजूद इसके ज्यादातर विद्यालयों में टैबलेट शोपीस बने हैं। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि 253 टैबलेट तो ऐसे हैं जिनका सॉफ्टवेयर ही बिना इस्तेमाल किए खराब हो गया। इनको अपडेट कराने के लिए भी विभाग की ओर से भेजा गया है।
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शिक्षा विभाग ने सत्र 2023-24 में छात्र-शिक्षकों की उपस्थिति और 13 अनिवार्य पंजिकाओं के डिजिटलाइजेशन के लिए भारी-भरकम बजट खर्च किया था। जनपद के कुल 3,446 परिषदीय विद्यालयों में से 2,777 स्कूलों को 5,212 टैबलेट मुहैया कराए गए थे। योजना थी कि इससे कागजी खानापूर्ति बंद होगी और पारदर्शिता आएगी लेकिन शिक्षकों के चौतरफा विरोध और तकनीकी अड़चनों के कारण इन टैबलेट का इस्तेमाल ही शुरू नहीं हो सका। नतीजा यह हुआ कि करोड़ों रुपये के यह उपकरण बक्सों में बंद होकर रह गए जो अब चोरों के लिए आसान निशाना बन रहे हैं।
14 टैबलेट हो चुके चोरी
विकास खंड टड़ियावां के प्राथमिक विद्यालय अजीजपुर का टैबलेट चोरी हो चुका है। इसके अलावा संविलियन विद्यालय पिपरी का भी टैबलेट चोरी हो चुका है। इनके संबंध में थाना टड़ियावां में तहरीर भी दी गई। इसके अलावा विभाग को 14 टैबलेट के चोरी होने के प्रार्थना पत्र दिए गए हैं।
टैबलेट के इस्तेमाल को लेकर सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों से जानकारी मांगी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर जिन विद्यालयों से टैबलेट चोरी हुए हैं या इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं के संबंध में कार्रवाई की जाएगी। -श्याम किशोर तिवारी, एडी बेसिक, षष्ठ मंडल लखनऊ