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Hardoi News: 13 साल से फरार 50 हजार के इनामी हत्यारोपी को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
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फोटो-28-विपिन। संवाद
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हरदोई। एसटीएफ ने 13 साल से फरार 50 हजार रुपये के इनामी हत्यारोपी को गिरफ्तार किया है। उस पर हत्या के दो मामले समेत चार मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के आंझी रेलवे स्टेशन के पास से मंगलवार दोपहर हुई। दावा है कि हत्यारोपी अपने रिश्तेदारों से मिलने जा रहा था।
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के खेड़ा अजमत खां निवासी विपिन कुमार सिंह के खिलाफ वर्ष 2008 में पड़ोसी मुन्ना सिंह की हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विपिन के साथ भाई विकास और साथी अतुल को भी मामले में नामजद किया गया था। पुलिस ने सुनील को गिरफ्तार किया था और न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया था। इसके बाद पांच सितंबर 2013 को विपिन ने भाई विकास और गांव के ही छोटे के साथ मिलकर मुन्ना सिंह के भाई सुनील उर्फ गुड्डू की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से विपिन फरार था। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी।
आईजी ने विपिन पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। शाहाबाद कोतवाली पुलिस टीम के साथ ही एसटीएफ की टीम भी उसकी तलाश में लगी थी। एसटीएफ के उपनिरीक्षक राहुल परमार के नेतृत्व वाली टीम मंगलवार को जिले में थी। दावा है कि इसी दौरान गोपनीय सूचना पर टीम ने आंझी रेलवे स्टेशन के पास से विपिन कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कर उसे शाहाबाद कोतवाली ले जाया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया। सहायक पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायण ने दावा किया कि एसटीएफ की टीम ने शाहाबाद कोतवाली पुलिस की टीम के सहयोग से इनामी की गिरफ्तारी की है।
ससुराल में सुकून से रह रहा था विपिन, रिश्तेदारों से मिलने आया और पकड़ गया
पुलिस महकमे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि गुड्डू की हत्या के बाद से विपिन अपनी ससुराल अयोध्या में रहने लगा था। वह वहां सुकून की जिंदगी गुजार रहा था। दावा यह भी है कि वह त्योहार पर अक्सर अपने रिश्तेदारोें से मिलने आ जाता था लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगती थी। इस बार भी वह होली पर रिश्तेदारों से मिलने शाहाबाद आया था। आंझी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए निकला था लेकिन पहले से ही सतर्क एसटीएफ की टीम ने उसे धर दबोचा।
अपील पर छूटकर आया था और फिर कर दी थी हत्या
पुलिस का दावा है कि वर्ष 2008 में हुई हत्या में विपिन सिंह, विकास और अतुल के साथ जेल गया था। मामले में दो साल बाद ही आजीवन कारावास की सजा हो गई थी। अपील मंजूर होने पर आठ माह बाद जमानत पर तीनों बाहर आ गए थे। इसके बाद पांच सितंबर 2013 को उसने फिर से हत्या कर दी थी। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का भी मामला दर्ज है।
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शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के खेड़ा अजमत खां निवासी विपिन कुमार सिंह के खिलाफ वर्ष 2008 में पड़ोसी मुन्ना सिंह की हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विपिन के साथ भाई विकास और साथी अतुल को भी मामले में नामजद किया गया था। पुलिस ने सुनील को गिरफ्तार किया था और न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया था। इसके बाद पांच सितंबर 2013 को विपिन ने भाई विकास और गांव के ही छोटे के साथ मिलकर मुन्ना सिंह के भाई सुनील उर्फ गुड्डू की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से विपिन फरार था। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी।
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आईजी ने विपिन पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। शाहाबाद कोतवाली पुलिस टीम के साथ ही एसटीएफ की टीम भी उसकी तलाश में लगी थी। एसटीएफ के उपनिरीक्षक राहुल परमार के नेतृत्व वाली टीम मंगलवार को जिले में थी। दावा है कि इसी दौरान गोपनीय सूचना पर टीम ने आंझी रेलवे स्टेशन के पास से विपिन कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कर उसे शाहाबाद कोतवाली ले जाया गया। इसके बाद पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से उसे जेल भेज दिया गया। सहायक पुलिस अधीक्षक आलोक राज नारायण ने दावा किया कि एसटीएफ की टीम ने शाहाबाद कोतवाली पुलिस की टीम के सहयोग से इनामी की गिरफ्तारी की है।
ससुराल में सुकून से रह रहा था विपिन, रिश्तेदारों से मिलने आया और पकड़ गया
पुलिस महकमे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि गुड्डू की हत्या के बाद से विपिन अपनी ससुराल अयोध्या में रहने लगा था। वह वहां सुकून की जिंदगी गुजार रहा था। दावा यह भी है कि वह त्योहार पर अक्सर अपने रिश्तेदारोें से मिलने आ जाता था लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगती थी। इस बार भी वह होली पर रिश्तेदारों से मिलने शाहाबाद आया था। आंझी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के बाद रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए निकला था लेकिन पहले से ही सतर्क एसटीएफ की टीम ने उसे धर दबोचा।
अपील पर छूटकर आया था और फिर कर दी थी हत्या
पुलिस का दावा है कि वर्ष 2008 में हुई हत्या में विपिन सिंह, विकास और अतुल के साथ जेल गया था। मामले में दो साल बाद ही आजीवन कारावास की सजा हो गई थी। अपील मंजूर होने पर आठ माह बाद जमानत पर तीनों बाहर आ गए थे। इसके बाद पांच सितंबर 2013 को उसने फिर से हत्या कर दी थी। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का भी मामला दर्ज है।