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Hardoi News: तेज धूप सूखा रही आंखों की नमी, ड्राई आई सिंड्रोम के बढ़े मामले
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हरदोई। सूरज के तीखे तेवर और आसमान से बरसती आग अब लोगों की आंखों पर भी असर करने लगी है। भीषण गर्मी और लू के कारण आंखों की नमी सूख रही है। आंखों में खुजली, जलन और लालिमा के साथ ही लोग दर्द से पीड़ित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन दिनों आंखों में ड्राई आई सिंड्रोम की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की तादाद में 30 से 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। जांच में लोगों की आंखों में संक्रमण पाया जा रहा है।
वातावरण में बढ़ रही गर्मी के साथ तेज धूप, गर्म हवा और प्रदूषण मिलकर आंखों को बीमार कर रहे हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बाहर काम करने वाले लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है। जब गर्म हवाएं आंखों के संपर्क में आती हैं तो आंसुओं की पतली परत तेजी से सूखने लगती है। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय प्रताप सिंह तोमर ने बताया कि गर्मियों में आंखों की नमी तेजी से कम हो जाती है।
इस कारण ड्राई आई और एलर्जी की समस्या बढ़ जाती है। तेज धूप और लू के संपर्क में आने से आंखों की सतह पर असर पड़ता है। इससे जलन, चुभन जैसी परेशानी हो रही हैं। डॉक्टर ने बताया कि कई मरीज बिना सलाह के आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर लेते हैं इससे स्थिति और बिगड़ जाती है।
डिजिटल स्क्रीन का प्रयोग बढ़ा रहा बीमारी
गर्मी के साथ-साथ मोबाइल और लैपटॉप का बढ़ता स्क्रीन टाइम परेशानी को बढ़ा रहा है। लंबे समय तक बिना पलक झपकाए स्क्रीन देखने से आंखों का लुब्रिकेशन खत्म हो जाता है जिससे डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या पैदा हो रही है। वहीं, आंखों को बार-बार छूना, गंदे हाथों से रगड़ना और साफ-सफाई का ध्यान न रखना भी संक्रमण का बड़ा कारण है। डाॅक्टर वीपीएस तोमर ने बताया कि गर्मी के मौसम में ड्राई आई सिंड्रोम और एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस के मामले भी बढ़ जाते हैं। इसका एक कारण जलवायु परिवर्तन और बढ़ता प्रदूषण है। यह समस्या भविष्य में और गंभीर हो सकती है। ऐसे में सतर्क रहना और समय पर इलाज कराना बेहद जरूरी है।
गर्मी में नेत्र रोग के कारण
गर्म और शुष्क हवा के कारण आंखों की नमी कम होना
धूल, प्रदूषण और एलर्जेन के संपर्क में लगातार रहना
तेज धूप और अल्ट्रावायलेट (यूवी) किरणों का सीधा प्रभाव
आंखों को गंदे हाथों से बार-बार छूना या मलना
लंबे समय तक मोबाइल और स्क्रीन का उपयोग
इस तरह से कर सकते हैं बचाव
धूप में निकलते समय चश्मे का प्रयोग करें
आंखों को ठंडे और साफ पानी से समय-समय पर धोना
पर्याप्त पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखना
मोबाइल चलाते समय हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें
बाइक चलाते समय हेलमेट का वाइजर नीचे रखें ताकि सीधी हवा आंखों में न लगे
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इस कारण ड्राई आई और एलर्जी की समस्या बढ़ जाती है। तेज धूप और लू के संपर्क में आने से आंखों की सतह पर असर पड़ता है। इससे जलन, चुभन जैसी परेशानी हो रही हैं। डॉक्टर ने बताया कि कई मरीज बिना सलाह के आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल कर लेते हैं इससे स्थिति और बिगड़ जाती है।
डिजिटल स्क्रीन का प्रयोग बढ़ा रहा बीमारी
गर्मी के साथ-साथ मोबाइल और लैपटॉप का बढ़ता स्क्रीन टाइम परेशानी को बढ़ा रहा है। लंबे समय तक बिना पलक झपकाए स्क्रीन देखने से आंखों का लुब्रिकेशन खत्म हो जाता है जिससे डिजिटल आई स्ट्रेन की समस्या पैदा हो रही है। वहीं, आंखों को बार-बार छूना, गंदे हाथों से रगड़ना और साफ-सफाई का ध्यान न रखना भी संक्रमण का बड़ा कारण है। डाॅक्टर वीपीएस तोमर ने बताया कि गर्मी के मौसम में ड्राई आई सिंड्रोम और एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस के मामले भी बढ़ जाते हैं। इसका एक कारण जलवायु परिवर्तन और बढ़ता प्रदूषण है। यह समस्या भविष्य में और गंभीर हो सकती है। ऐसे में सतर्क रहना और समय पर इलाज कराना बेहद जरूरी है।
गर्मी में नेत्र रोग के कारण
गर्म और शुष्क हवा के कारण आंखों की नमी कम होना
धूल, प्रदूषण और एलर्जेन के संपर्क में लगातार रहना
तेज धूप और अल्ट्रावायलेट (यूवी) किरणों का सीधा प्रभाव
आंखों को गंदे हाथों से बार-बार छूना या मलना
लंबे समय तक मोबाइल और स्क्रीन का उपयोग
इस तरह से कर सकते हैं बचाव
धूप में निकलते समय चश्मे का प्रयोग करें
आंखों को ठंडे और साफ पानी से समय-समय पर धोना
पर्याप्त पानी पीकर शरीर को हाइड्रेट रखना
मोबाइल चलाते समय हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें
बाइक चलाते समय हेलमेट का वाइजर नीचे रखें ताकि सीधी हवा आंखों में न लगे
