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Hardoi News: फाइलों में कैद है निर्माण प्रभारियों पर कार्रवाई

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2026 11:07 PM IST
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Action against construction in-charges is confined to files
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हरदोई। परिषदीय विद्यालयों के निर्माण कार्य में परिषदीय शिक्षकों, अवर अभियंता व खंड शिक्षा अधिकारियों ने जमकर मनमानी की। इस कारण जिले के 44 विद्यालय 15 वर्ष की आयु सीमा पूरी नहीं कर सके और जर्जर हो गए। जांच कमेटी के आधार पर समय सीमा से पूर्व भवन जर्जर होने पर निर्माण प्रभारी के रूप में कार्य करने वाले 44 शिक्षक, नौ खंड शिक्षा अधिकारी और नौ अवर अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की जानी थी। साथ ही निर्माण प्रभारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर 36 लाख 84 हजार की रिकवरी की जानी थी मगर सिर्फ बीईओ को नोटिस जारी कर फाइल दब गई है।
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जिले में विभिन्न वर्षों में कराए गए निर्माण में 44 विद्यालय भवन, अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, रसोईघर जर्जर हो गए। इसके जिम्मेदार निर्माण प्रभारी शिक्षक, खंड शिक्षा अधिकारी व अवर अभियंता पर कार्रवाई होने थी और उनसे 36 लाख 84 हजार 285 रुपये की रिकवरी की जानी थी मगर पूरी कार्रवाई फाइलों में कैद होकर रह गई। विभागीय जिम्मेदार ने नौ खंड शिक्षा अधिकारियाें को नोटिस जारी कर कार्य की इतिश्री कर ली जो वर्तमान में गैर जनपदों में तैनात हैं।
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जिलाधिकारी की ओर से गठित कमेटी ने मना था दोषी
समय से पूर्व विद्यालय भवन जर्जर होने पर जिलाधिकारी के आदेश पर तीन सदस्यीय तकनीकी समिति ने स्थलीय निरीक्षण किया। जांच में विद्यालय भवन, रसोईघर और बाउंड्रीवॉल को जर्जर घोषित किया गया और उसकी नीलामी की कीमत तय की गई। निर्माण प्रभारी से लेकर निर्माण को पास करने वाले सर्व शिक्षा अभियान के अवर अभियंता और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी तक की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इस पर उन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।


यह है नियम-

परिषदीय विद्यालयों का पूर्व में विभाग की ओर से निर्माण कार्य कराया जाता था जिसमें संबंधित विद्यालय के शिक्षक को निर्माण प्रभारी का दायित्व दिया जाता था और उसकी मॉनिटरिंग खंड शिक्षा अधिकारी करते थे और तकनीकी निगरानी की अवर अभियंता की जिम्मेदारी थी। विभागीय नियमानुसार निर्माण कार्य कराने के साथ ही उसकी आयु सीमा 15 वर्ष निर्धारित कर दी गई थी उससे पूर्व निर्माण कार्य सुरक्षित रहेगा। उसमें गड़बड़ी पर निर्माण प्रभारी के साथ मॉनिटरिंग करने वाले बीईओ व जेई भी जिम्मेदार होंगे। निर्माण प्रभारी से धनराशि की वसूली, एफआईआर दर्ज कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।



यह खंड शिक्षा अधिकारी थे तैनात
बीईओ दिनेश जोशी, ब्लॉक भरावन, वर्तमान में तैनाती जनपद बरेली, उपेंद्र विश्वकर्मा, ब्लॉक टोडरपुर, पिहानी, वर्तमान में जनपद औरैया, मदनलाल वर्मा ब्लॉक हरपालपुर, वर्तमान में जनपद पीलीभीत, सुरेश कुमार मौर्या, ब्लॉक बावन, वर्तमान शाहजहांपुर, नवाब वर्मा, ब्लॉक अहिरोरी व कछौना, वर्तमान इटावा, सुरेश चंद्र ब्लॉक बेंहदर, वर्तामन फर्रुखाबाद, पवन कुमार द्विवेदी ब्लॉक सांडी, वर्तमान जनपद फतेहपुर, राजेंद्र सिंह ब्लाक भरखनी, वर्तमान जनपद गोरखपुर, रमेश चंद्र संडीला, वर्तमान बाराबंकी शामिल हैं।
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