{"_id":"697a504fa0d74b32b30eb81d","slug":"students-along-with-teachers-took-to-the-streets-to-protest-against-the-ugc-bill-hardoi-news-c-213-1-hra1004-144068-2026-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: यूजीसी बिल के विरोध में शिक्षकों संग छात्र भी सड़क पर उतरे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: यूजीसी बिल के विरोध में शिक्षकों संग छात्र भी सड़क पर उतरे
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो-05- लखनऊ रोड पर जनाक्रोश मार्च निकालते विद्यार्थी व शिक्षक। संवाद
- सीएसएन काॅलेज के विद्यार्थियों ने कानून को वापस लेने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। यूजीसी बिल-2026 का विरोध अब तेज हो गया है। सड़क पर उतरकर शिक्षक, विद्यार्थी समेत विभिन्न वर्गों के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को सीएसएन डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बिल का विरोध करते हुए पैदल मार्च निकाला। बिल को उच्च शिक्षा के भविष्य के लिए घातक और भेदभाव पूर्ण करार दिया गया।
सीएसएनपीजी कॉलेज के हिंदी विभाग के प्रोफेसर दीपक राय के संयोजन में आयोजित जनाक्रोश मार्च में शहर के कई प्रमुख मार्गों पर विरोध जताया गया। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रोफेसर दीपक राय ने कहा कि यह कानून सामान्य जाति के छात्रों और प्राध्यापकों में भय व अविश्वास पैदा करेगा। इससे समाज में जातीय, वर्गीय और धार्मिक विभाजन गहरा होगा।
अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य प्रो. बीडी शुक्ला ने की। छात्र नेता शत्रुघ्न पांडे ने कहा कि यह कानून शिक्षण संस्थानों में विभेद, विषमता व उत्पीड़न को बढ़ावा देने वाला है। छात्र नेता अक्षय सिंह रानू ने कहा की इस कानून के माध्यम से सामान्य जाति के विद्यार्थियों, प्राध्यापक व कर्मचारियों का उत्पीड़न बढ़ेगा।
छात्रा शाइस्ता बानो ने कहा कि ऐसे कानून देश को पीछे ले जाते हैं। इस दौरान अनुभव मिश्रा, हर्ष मिश्रा, अमन शुक्ला, सूर्यांश प्रताप सिंह, अमरेंद्र विक्रम सिंह मौजूद रहे। उधर दूसरी ओर सवर्ण चेतना महासभा के बैनर तले भी प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट एसके त्रिवेदी को सौंपा गया। ज्ञापन में यूजीसी के प्रावधानों में सुधार किए जाने की मांग की गई।
कहा गया कि नियम बनाते समय सामाजिक संतुलन का ध्यान रखा जाना चाहिए था। यूजीसी का नियम सामान्य वर्ग के उत्पीड़न का हथियार बन सकता है। ज्ञापन देने वालों में सवर्ण चेतना विधिक सभा के जिलाध्यक्ष सुबोध कुमार पांडेय ने की, जिला महासचिव विजय पांडेय, प्रदेश सचिव शिवमोहन शुक्ला, रामजी अवस्थी, रविशंकर पांडेय, बाबूलाल पांडेय, धीरू वाजपेयी, राकेश सिंह आदि शामिल रहे।
Trending Videos
- सीएसएन काॅलेज के विद्यार्थियों ने कानून को वापस लेने की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। यूजीसी बिल-2026 का विरोध अब तेज हो गया है। सड़क पर उतरकर शिक्षक, विद्यार्थी समेत विभिन्न वर्गों के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को सीएसएन डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने बिल का विरोध करते हुए पैदल मार्च निकाला। बिल को उच्च शिक्षा के भविष्य के लिए घातक और भेदभाव पूर्ण करार दिया गया।
सीएसएनपीजी कॉलेज के हिंदी विभाग के प्रोफेसर दीपक राय के संयोजन में आयोजित जनाक्रोश मार्च में शहर के कई प्रमुख मार्गों पर विरोध जताया गया। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रोफेसर दीपक राय ने कहा कि यह कानून सामान्य जाति के छात्रों और प्राध्यापकों में भय व अविश्वास पैदा करेगा। इससे समाज में जातीय, वर्गीय और धार्मिक विभाजन गहरा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य प्रो. बीडी शुक्ला ने की। छात्र नेता शत्रुघ्न पांडे ने कहा कि यह कानून शिक्षण संस्थानों में विभेद, विषमता व उत्पीड़न को बढ़ावा देने वाला है। छात्र नेता अक्षय सिंह रानू ने कहा की इस कानून के माध्यम से सामान्य जाति के विद्यार्थियों, प्राध्यापक व कर्मचारियों का उत्पीड़न बढ़ेगा।
छात्रा शाइस्ता बानो ने कहा कि ऐसे कानून देश को पीछे ले जाते हैं। इस दौरान अनुभव मिश्रा, हर्ष मिश्रा, अमन शुक्ला, सूर्यांश प्रताप सिंह, अमरेंद्र विक्रम सिंह मौजूद रहे। उधर दूसरी ओर सवर्ण चेतना महासभा के बैनर तले भी प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट एसके त्रिवेदी को सौंपा गया। ज्ञापन में यूजीसी के प्रावधानों में सुधार किए जाने की मांग की गई।
कहा गया कि नियम बनाते समय सामाजिक संतुलन का ध्यान रखा जाना चाहिए था। यूजीसी का नियम सामान्य वर्ग के उत्पीड़न का हथियार बन सकता है। ज्ञापन देने वालों में सवर्ण चेतना विधिक सभा के जिलाध्यक्ष सुबोध कुमार पांडेय ने की, जिला महासचिव विजय पांडेय, प्रदेश सचिव शिवमोहन शुक्ला, रामजी अवस्थी, रविशंकर पांडेय, बाबूलाल पांडेय, धीरू वाजपेयी, राकेश सिंह आदि शामिल रहे।
