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Hardoi News: साक्ष्य में दिए गए अभिलेखों के सत्यापन के बाद लिया जाएगा निर्णय
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फोटो 32: सीएसएनपीजी कॉलेज में नोटिस पर सुनवाई करते एईआरओ डॉ. रामप्रकाश। संवाद
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हरदोई। विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दूसरे चरण में सुनवाई के साथ ही नोटिस के साथ दिए जाने वाले साक्ष्यों का सत्यापन भी शुरू करा दिया गया है। भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर सुनवाई के दौरान अपलोड किए जाने वाले अभिलेखों का संबंधित विभागों के माध्यम से सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन रिपोर्ट के बाद ही नोटिस पर निर्णय लिया जाएगा।
विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के एसआईआर अभियान के पहले चरण में एसआईआर प्रपत्र पर सही और सटीक जानकारी न दे पाने वाले मतदाता नो मैपिंग श्रेणी में चले गए। जिले के आठ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के 30,19,415 मतदाताओं में से एसआईआर अभियान में करीब 2.26 लाख मतदाता नो मैपिंग की श्रेणी में गए हैं। इन मतदाताओं के नाम या तो खुद का या फिर माता-पिता, दादी-दादा का नाम साल-2003 की मतदाता सूची में नहीं था। कुछ मतदाताओं ने साल-2003 की मतदाता सूची में नाम ही तलाश नहीं कर पाए इससे उनके एसआईआर प्रपत्र अधूरे रह गए थे।
भारत निर्वाचन आयोग ने कोई मतदाता न छूटे के उद्देश्य से नो मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस और इस पर सुनवाई का मौका दिया है। जिले में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तरफ से 225 कैंप लगाकर नोटिस पर सुनवाई की जा रही है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आयोग की व्यवस्था के मुताबिक, 2.26,412 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन पर साक्ष्य सहित नोटिस जारी होने से सात दिन के अंदर जवाब मांगे जा रहे हैं। जवाब में अधिकतर लोग परिवार रजिस्टर की नकल, हाईस्कूल का प्रमाण व अंकपत्र, खतौनी आदि लगा रहे हैं।
वहीं, हरदाेई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के सीएसएन पीजी कॉलेज में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डॉ. रामप्रकाश ने नोटिस पर सुनवाई की। नोटिस पर लाए गए साक्ष्य और संबंधित व्यक्ति की फोटो को आयोग के पोर्टल पर अपलोड कराया। बताया कि साल-2003 की मतदाता सूची से भी लोगों के नाम तलाशने का प्रयास किया जा रहा है ताकि कोई मताधिकार से वंचित न होने पाए।
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फोटो 33 : अनुनय झा। संवाद
एसआईआर के दूसरे चरण में नो मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस दिए जाने के साथ ही तय तारीखों पर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने सुनवाई भी शुरू कर दी है। सुनवाई के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने के लिए नोटिस के साथ साक्ष्य के तौर पर संबंधित व्यक्ति की तरफ से अभिलेख भी दिए जा रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग की व्यवस्था के अनुसार साक्ष्य के तौर पर दिए गए अभिलेखों का सत्यापन भी संबंधित विभाग के अधिकारी के माध्यम से कराया जा रहा है। सत्यापन रिपोर्ट के अनुसार ही नोटिस का निस्तारण किया जाएगा।
-अनुयय झा, जिला निर्वाचन अधिकारी
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भारत निर्वाचन आयोग ने कोई मतदाता न छूटे के उद्देश्य से नो मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस और इस पर सुनवाई का मौका दिया है। जिले में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की तरफ से 225 कैंप लगाकर नोटिस पर सुनवाई की जा रही है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आयोग की व्यवस्था के मुताबिक, 2.26,412 नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन पर साक्ष्य सहित नोटिस जारी होने से सात दिन के अंदर जवाब मांगे जा रहे हैं। जवाब में अधिकतर लोग परिवार रजिस्टर की नकल, हाईस्कूल का प्रमाण व अंकपत्र, खतौनी आदि लगा रहे हैं।
वहीं, हरदाेई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के सीएसएन पीजी कॉलेज में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डॉ. रामप्रकाश ने नोटिस पर सुनवाई की। नोटिस पर लाए गए साक्ष्य और संबंधित व्यक्ति की फोटो को आयोग के पोर्टल पर अपलोड कराया। बताया कि साल-2003 की मतदाता सूची से भी लोगों के नाम तलाशने का प्रयास किया जा रहा है ताकि कोई मताधिकार से वंचित न होने पाए।
फोटो 33 : अनुनय झा। संवाद
एसआईआर के दूसरे चरण में नो मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस दिए जाने के साथ ही तय तारीखों पर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने सुनवाई भी शुरू कर दी है। सुनवाई के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने के लिए नोटिस के साथ साक्ष्य के तौर पर संबंधित व्यक्ति की तरफ से अभिलेख भी दिए जा रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग की व्यवस्था के अनुसार साक्ष्य के तौर पर दिए गए अभिलेखों का सत्यापन भी संबंधित विभाग के अधिकारी के माध्यम से कराया जा रहा है। सत्यापन रिपोर्ट के अनुसार ही नोटिस का निस्तारण किया जाएगा।
-अनुयय झा, जिला निर्वाचन अधिकारी

फोटो 32: सीएसएनपीजी कॉलेज में नोटिस पर सुनवाई करते एईआरओ डॉ. रामप्रकाश। संवाद
