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Hardoi News: यूजीसी के नए अध्यादेश के खिलाफ भड़का रोष, संगठनों ने किया प्रदर्शन

Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 11:02 PM IST
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Anger erupts against UGC's new ordinance, organisations protest
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हरदोई। केंद्र सरकार की तरफ से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) रेगुलेशन के नए अध्यादेश के खिलाफ विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। जिले में बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन और बार एसोसिएशन समेत क्षत्रिय महासभा और अन्य संगठनों ने
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यूजीसी कानून को असंवैधानिक बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की। संगठनों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करने के साथ ही शहर में जुलूस भी निकाला और कानून पर रोक लगाने की मांग की।
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संविधान के उल्लंघन का आरोप
हरदोई। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन की तरफ से जिलाध्यक्ष राजीव सिंह ने कहा कि नया यूजीसी कानून भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता), 19 (स्वतंत्रता) और 21 (जीवन का अधिकार) का सीधा उल्लंघन है। यह कानून उच्च शिक्षा में समरसता और एकता के भाव को समाप्त कर भेदभाव और सामाजिक व आर्थिक असमानता को बढ़ावा दे रहा है। पूर्व सैनिक वेलफेयर फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष अशोक अग्निहोत्री ने कहा कि यूजीसी कानून को तत्काल रद्द किया जाए और इसके स्थान पर एक नया कानून बनाया जाए। क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि इस कानून पर जल्द कार्रवाई की जाए और यूजीसी कानून को रद्द किया जाए। संगठनों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस मौके पर राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री राकेश सिंह, क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह, रविंद्र पाल सिंह, महेंद्र सिंह, राजेश तिवारी, रवि चौहान आदि मौजूद रहे।


बार एसोसिएशन ने अपनाया कड़ा रुख
हरदोई। बार एसोसिएशन ने अध्यादेश को समाज को बांटने और सामान्य वर्ग के अधिकारों का हनन करने वाला बताते हुए महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। बार एसोसिएशन अध्यक्ष जेपी त्रिवेदी एडवोकेट और महामंत्री पंकज कुमार सिंह सोमवंशी एडवोकेट ने संयुक्त रूप से कहा कि नया यूजीसी अध्यादेश शिक्षा व्यवस्था में असंतुलन पैदा करेगा और जानबूझकर सामान्य वर्ग की समान भागीदारी को कमजोर करने का प्रयास है। यह अध्यादेश देश को मजबूत करने के बजाय समाज में वर्ग संघर्ष को बढ़ावा देगा। केंद्र सरकार ने बिना विमर्श के अध्यादेश लागू कर दिया जिससे सामान्य वर्ग के छात्रों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है। इस अध्यादेश की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। बार एसोसिएशन ने धरना-प्रदर्शन और जेल भरो आंदोलन की चेतावनी भी दी।


ज्ञापन देकर कानून वापस लेने की मांग
शाहाबाद। नगर के समाजसेवी डॉ. मुरारीलाल गुप्ता के नेतृत्व में यूजीसी के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अंकित तिवारी को देते हुए कहा कि इस विधेयक से प्रतिभा का हनन संभव है। शिकायतकर्ता को अपनी शिकायत के बारे में साक्ष्य देने की बाध्यता होनी चाहिए। वहीं, प्रतिवादी को अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए। गलत शिकायत पाए जाने पर प्रतिदंड की व्यवस्था होनी चाहिए। शिकायत की जांच पूरी होने तक किसी छात्र के निलंबन जैसी व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। ज्ञापनदाताओं में डॉ. एमएल गुप्ता, डॉ. देवेश मिश्रा, सौरभ द्विवेदी व मीत मिश्रा मौजूद रहे।
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