{"_id":"697b99cc45a880a4f80e3e42","slug":"adampurs-ayushman-temple-is-hidden-in-bushes-doctor-is-missing-hardoi-news-c-213-1-hra1004-144096-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hardoi News: झाड़ियों के बीच कैद आदमपुर का आयुष्मान मंदिर, डॉक्टर नदारद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hardoi News: झाड़ियों के बीच कैद आदमपुर का आयुष्मान मंदिर, डॉक्टर नदारद
विज्ञापन
विज्ञापन
हरदोई/टड़ियावां। ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए भले ही लाख दावे किए जाते हों लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट है। विकास खंड टड़ियावां के आदमपुर गांव का आयुष्मान आरोग्य मंदिर तो एक बानगी मात्र है लेकिन जिले के तमाम गांव में स्थिति ऐसी ही है। जहां न तो चिकित्सक पहुंचते हैं और न ही इलाज होता है। मरीजों को मजबूरन इलाज कराने के लिए शहर या निजी क्लीनिकों पर भागना पड़ रहा है।
जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के बेहतर ढंग से संचालन करने के लिए प्रशासनिक स्तर से काफी प्रयास किया जा रहा है। आयुष्मान मंदिरों पर चिकित्सकों की उपस्थिति की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके बाद भी आयुष्मान आरोग्य मंदिर बदहाली का शिकार हो रहे हैं। आरोग्य मंदिर पर न तो चिकित्सक पहुंच रहे हैं और न ही नियमित रूप से केंद्र का संचालन हो रहा है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
टड़ियावां ब्लॉक के आदमपुर स्थित आयुष्मान मंदिर की स्थिति भी बदहाल है। केंद्रों के चारों ओर घनी झाड़ियां और लंबी घास उग आई है। ग्रामीण जंटर, रजनीश, लालू, राकेश का कहना है कि केंद्र में नियमित सफाई होती है, देखरेख के लिए कोई नहीं आता है। चिकित्सक भी नियमित नहीं आते हैं। झाड़ियों के कारण जहरीले जीव जंतु का खतरा बढ़ गया है। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं देते हैं।
चिकित्सक की अनुपस्थिति से ग्रामीण परेशान
हरदोई। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर चिकित्सकों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाती है। सीएचओ और चिकित्सा अधिकारियों को चेहरा प्रमाणीकरण के साथ लोकेशन, अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार केंद्र पर तैनात डॉक्टर कभी-कभी ही समय पर नहीं आते हैं। इससे ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए दूर जाना पड़ता है। टड़ियावां का आदमपुर आयुष्मान केंद्र तो एक उदाहरण मात्र है लेकिन विभागीय रिपोर्ट की माने तो मल्लावां का एक, टोडरपुर के चार, पिहानी और माधौगंज के पांच-पांच केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है। वहां पर चिकित्सक नहीं पहुंच रहे हैं।
डीएम के निर्देश और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर
हरदोई। एक ओर जिलाधिकारी ने भी आयुष्मान मंदिरों में सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी जमीनी हकीकत कुछ और आदमपुर जैसे केंद्रों की बदहाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है कि हर रविवार को अगर आरोग्य मेलों का संचालन होता है तो अभी टड़ियावां का आदमपुर गांव में कोई मेला लगा भी है या नहीं। फिलहाल स्थिति देखकर तो यही लग रहा है कि यह केंद्र कई महीनों से संचालित नहीं है।
वर्जन
आयुष्मान केंद्र की नियमित मॉनिटरिंग हो रही है और सभी सीएचओ और चिकित्सा अधिकारियों को मरीजों को देखने के निर्देश दिए गए हैं। आदमपुर स्थित आयुष्मान केंद्र अगर बंद है तो उसे दिखवाया जाएगा और नियमित संचालित कराया जाएगा। -डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमओ हरदोई
Trending Videos
जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के बेहतर ढंग से संचालन करने के लिए प्रशासनिक स्तर से काफी प्रयास किया जा रहा है। आयुष्मान मंदिरों पर चिकित्सकों की उपस्थिति की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके बाद भी आयुष्मान आरोग्य मंदिर बदहाली का शिकार हो रहे हैं। आरोग्य मंदिर पर न तो चिकित्सक पहुंच रहे हैं और न ही नियमित रूप से केंद्र का संचालन हो रहा है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
टड़ियावां ब्लॉक के आदमपुर स्थित आयुष्मान मंदिर की स्थिति भी बदहाल है। केंद्रों के चारों ओर घनी झाड़ियां और लंबी घास उग आई है। ग्रामीण जंटर, रजनीश, लालू, राकेश का कहना है कि केंद्र में नियमित सफाई होती है, देखरेख के लिए कोई नहीं आता है। चिकित्सक भी नियमित नहीं आते हैं। झाड़ियों के कारण जहरीले जीव जंतु का खतरा बढ़ गया है। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं देते हैं।
चिकित्सक की अनुपस्थिति से ग्रामीण परेशान
हरदोई। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर चिकित्सकों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जाती है। सीएचओ और चिकित्सा अधिकारियों को चेहरा प्रमाणीकरण के साथ लोकेशन, अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार केंद्र पर तैनात डॉक्टर कभी-कभी ही समय पर नहीं आते हैं। इससे ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए दूर जाना पड़ता है। टड़ियावां का आदमपुर आयुष्मान केंद्र तो एक उदाहरण मात्र है लेकिन विभागीय रिपोर्ट की माने तो मल्लावां का एक, टोडरपुर के चार, पिहानी और माधौगंज के पांच-पांच केंद्रों की स्थिति ठीक नहीं है। वहां पर चिकित्सक नहीं पहुंच रहे हैं।
डीएम के निर्देश और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर
हरदोई। एक ओर जिलाधिकारी ने भी आयुष्मान मंदिरों में सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी जमीनी हकीकत कुछ और आदमपुर जैसे केंद्रों की बदहाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है कि हर रविवार को अगर आरोग्य मेलों का संचालन होता है तो अभी टड़ियावां का आदमपुर गांव में कोई मेला लगा भी है या नहीं। फिलहाल स्थिति देखकर तो यही लग रहा है कि यह केंद्र कई महीनों से संचालित नहीं है।
वर्जन
आयुष्मान केंद्र की नियमित मॉनिटरिंग हो रही है और सभी सीएचओ और चिकित्सा अधिकारियों को मरीजों को देखने के निर्देश दिए गए हैं। आदमपुर स्थित आयुष्मान केंद्र अगर बंद है तो उसे दिखवाया जाएगा और नियमित संचालित कराया जाएगा। -डॉ. भवनाथ पांडेय, सीएमओ हरदोई
