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Hardoi News: नवीन गल्ला मंडी में धान भीगने का अंदेशा
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फोटो-07- गल्ला मंडी में बारिश के पानी में भीगा सरकारी धान। संवाद
फोटो-08- मंडी में भीगे धान के ढेरों को देखतीं डिप्टी आरएमओ साथ में अन्य अधिकारी। संवाद
अभी भी सरकारी खरीदी का लाखों मीट्रिक टन धान खुले में रखा है
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बारिश ने नवीन गल्ला मंडी की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण मंडी परिसर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इससे खुले में रखे धान के भीगने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, मंडी प्रशासन ने नगर पालिका की मदद से ट्यूबवेल मंगवाकर पानी निकलवाया और धान के ढेर को पॉलिथीन से ढकवाया।
नवीन गल्ला मंडी में पानी की निकासी व्यवस्था का अभाव है। मंडी के अंदर नाले चोक होने और व्यापारियों के फड़ ऊंचे होने व फुटपाथ के नीचा होने के कारण पानी आसानी से निकल नहीं पाता है। बुधवार सुबह तक हुई बारिश के बाद मंडी परिसर में कई स्थानों पर पानी भर गया।
मंडी में सरकारी खरीद का लाखों मीट्रिक टन धान अभी भी लगा हुआ है। टिनशेडों के नीचे रखा धान तो सुरक्षित है, लेकिन सैकड़ों मीट्रिक टन खुले में रखा है। मंडी सचिव ज्योति जौहरी और डिप्टी आरएमओ निहारिका सिंह ने भरे हुए पानी को ट्यूबवेल से निकलवाने और धान के बोरों को नमी से बचाने के लिए पॉलिथीन से ढकने के निर्देश दिए।
वर्जन
धान को तिरपाल और पॉलिथीन से ढंके हुए थे। ऐसे में कोई विशेष नुकसान नहीं हुआ है। अधिक दिन तक पानी होता तो उपज भीगने की संभावना थी। मिलों का धान लगा हुआ है। 10 से 15 दिनों में धान को भिजवा दिया जाएगा।-ज्योति जौहरी, मंडी सचिव
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फोटो-08- मंडी में भीगे धान के ढेरों को देखतीं डिप्टी आरएमओ साथ में अन्य अधिकारी। संवाद
अभी भी सरकारी खरीदी का लाखों मीट्रिक टन धान खुले में रखा है
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। बारिश ने नवीन गल्ला मंडी की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। जल निकासी के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण मंडी परिसर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इससे खुले में रखे धान के भीगने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, मंडी प्रशासन ने नगर पालिका की मदद से ट्यूबवेल मंगवाकर पानी निकलवाया और धान के ढेर को पॉलिथीन से ढकवाया।
नवीन गल्ला मंडी में पानी की निकासी व्यवस्था का अभाव है। मंडी के अंदर नाले चोक होने और व्यापारियों के फड़ ऊंचे होने व फुटपाथ के नीचा होने के कारण पानी आसानी से निकल नहीं पाता है। बुधवार सुबह तक हुई बारिश के बाद मंडी परिसर में कई स्थानों पर पानी भर गया।
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मंडी में सरकारी खरीद का लाखों मीट्रिक टन धान अभी भी लगा हुआ है। टिनशेडों के नीचे रखा धान तो सुरक्षित है, लेकिन सैकड़ों मीट्रिक टन खुले में रखा है। मंडी सचिव ज्योति जौहरी और डिप्टी आरएमओ निहारिका सिंह ने भरे हुए पानी को ट्यूबवेल से निकलवाने और धान के बोरों को नमी से बचाने के लिए पॉलिथीन से ढकने के निर्देश दिए।
वर्जन
धान को तिरपाल और पॉलिथीन से ढंके हुए थे। ऐसे में कोई विशेष नुकसान नहीं हुआ है। अधिक दिन तक पानी होता तो उपज भीगने की संभावना थी। मिलों का धान लगा हुआ है। 10 से 15 दिनों में धान को भिजवा दिया जाएगा।-ज्योति जौहरी, मंडी सचिव
