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डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ भी नहीं होता, वीडियो कॉल से कोई एजेंसी अरेस्ट नहीं करती : अजीत चौहान
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पिहानी। अमर उजाला
के बैनर तले अपराजिता अभियान के तहत साइबर जागरुकता गोष्ठी का आयोजन बुधवार को राजकीय महाविद्यालय में हुआ। इस दौरान साइबर के जानकार सीओ हरियावां अजीत चौहान ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ भी नहीं होता। पुलिस क्या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए किसी को अरेस्ट नहीं करती।
साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर फ्रॉड की जद में आने से बचने के लिए सीओ अजीत चौहान ने छात्राओं को टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी तरह के साइबर फ्रॉड के शिकार हो जाएं तो घबराएं नहीं। तत्काल ही इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें। इसके अलावा साइबर थाने में भी मामला दर्ज कराया जा सकता है। कहा कि सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारियां साझा करने से बचना चाहिए।
अंजान व्यक्ति की फ्रैंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। कोतवाल छोटेलाल ने कहा कि अगर कोई सोशल मीडिया पर परेशान करे या ब्लैकमेल करने की कोशिश करे तो पुलिस को सूचना दें। प्राचार्य डा. गगन कुमार ने डिजिटल दौर में प्रिंट मीडिया के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और इंटरव्यू की तैयारी के लिए अखबार पढ़ने की आदत डालें। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लक्ष्मीनारायण ने किया। इस दौरान डॉ. दयाल शरण समेत महाविद्यालय का पूरा स्टाफ भी मौजूद रहा।
इनसेट
छात्राओं की जिज्ञासाएं भी सीओ ने की शांत
. सवाल : अगर कोई हमारी फोटो का गलत इस्तेमाल करे, तो सबसे पहले क्या करना चाहिए ? - रिंकी यादव
जवाब : तुरंत उसका स्क्रीनशॉट लें और साइबर सेल को सूचित करें। साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी पहचान खोले बिना भी शिकायत की जा सकती है।
. सवाल : कई बार लॉटरी या फ्री गिफ्ट के लिंक आते हैं, क्या उन्हें क्लिक करना सुरक्षित है ? - शाफिया
जवाब : बिल्कुल नहीं। यह फिशिंग लिंक होते हैं। जो एक क्लिक में आपका बैंक खाता खाली कर सकते हैं। अंजान लिंकों से हमेशा बचकर रहना चाहिए।
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के बैनर तले अपराजिता अभियान के तहत साइबर जागरुकता गोष्ठी का आयोजन बुधवार को राजकीय महाविद्यालय में हुआ। इस दौरान साइबर के जानकार सीओ हरियावां अजीत चौहान ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ भी नहीं होता। पुलिस क्या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए किसी को अरेस्ट नहीं करती।
साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर फ्रॉड की जद में आने से बचने के लिए सीओ अजीत चौहान ने छात्राओं को टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी तरह के साइबर फ्रॉड के शिकार हो जाएं तो घबराएं नहीं। तत्काल ही इसकी सूचना हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें। इसके अलावा साइबर थाने में भी मामला दर्ज कराया जा सकता है। कहा कि सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारियां साझा करने से बचना चाहिए।
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अंजान व्यक्ति की फ्रैंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। कोतवाल छोटेलाल ने कहा कि अगर कोई सोशल मीडिया पर परेशान करे या ब्लैकमेल करने की कोशिश करे तो पुलिस को सूचना दें। प्राचार्य डा. गगन कुमार ने डिजिटल दौर में प्रिंट मीडिया के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं और इंटरव्यू की तैयारी के लिए अखबार पढ़ने की आदत डालें। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लक्ष्मीनारायण ने किया। इस दौरान डॉ. दयाल शरण समेत महाविद्यालय का पूरा स्टाफ भी मौजूद रहा।
इनसेट
छात्राओं की जिज्ञासाएं भी सीओ ने की शांत
. सवाल : अगर कोई हमारी फोटो का गलत इस्तेमाल करे, तो सबसे पहले क्या करना चाहिए ? - रिंकी यादव
जवाब : तुरंत उसका स्क्रीनशॉट लें और साइबर सेल को सूचित करें। साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी पहचान खोले बिना भी शिकायत की जा सकती है।
. सवाल : कई बार लॉटरी या फ्री गिफ्ट के लिंक आते हैं, क्या उन्हें क्लिक करना सुरक्षित है ? - शाफिया
जवाब : बिल्कुल नहीं। यह फिशिंग लिंक होते हैं। जो एक क्लिक में आपका बैंक खाता खाली कर सकते हैं। अंजान लिंकों से हमेशा बचकर रहना चाहिए।

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