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Hardoi News: गैंगस्टर समेत दो की गोली और धारदार हथियार से वार कर हत्या
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संडीला (हरदोई)। कोतवाली क्षेत्र के आटामऊ में तकिया मार्ग पर गैंगस्टर के आरोपी समेत दो लोगों की गोली और धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार की सुबह दोनों के शव गांव में जल जीवन मिशन की निर्माणाधीन टंकी से लगभग 200 मीटर दूर मिले हैं। सड़क पर इनकी बाइक खड़ी मिली। जानकारी पर आईजी किरण एस ने घटनास्थल का जायजा लिया। इश्कबाजी में घटना होने की चर्चा है, लेकिन पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं।
लखनऊ के फैजुल्लागंज निवासी अभिषेक चौरसिया (26) के मौसा कल्लू चौरसिया कछौना कोतवाली क्षेत्र के रैंसो गांव में रहते हैं। अभिषेक पिछले 15 दिन से रैंसो में ही था। रैंसो गांव निवासी अरुण चौरसिया (30) खुद का पिकअप चलाता है। इन दिनों वह आटामऊ स्थित जल निगम के स्टोर से पाइप की आपूर्ति गांवों में करता था। परिजन ने बताया कि अभिषेक और अरुण बुधवार सुबह आठ बजे बाइक से घर से निकले थे। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजन ने दोनों के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की। मोबाइल स्विच ऑफ मिले।
इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह दोनों के शव आटामऊ तकिया मार्ग पर सड़क किनारे कुछ ही दूरी पर मिले। यूपी 112 की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों की पहचान कराने की कोशिश की। इस दौरान लोगों ने अरुण को पहचान लिया और फिर अभिषेक की भी पहचान हो गई। अभिषेक का सिर गीली मिट्टी धंसा था, जबकि अरुण का शव सड़क किनारे ही पड़ा था। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, एएसपी पूर्वी सुबोध गौतम और सीओ संडीला संतोष सिंह ने घटनास्थल पहुंचकर जायजा लिया। परिजन से भी बातचीत की। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। एक्सरे कराने के बाद पोस्टमार्टम किया गया।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक अरुण के बाएं गाल में मारी गई गोली माथा चीरते हुए निकल गई। साथ ही उसके चेहरे पर भी धारदार हथियार से वार किए गए। अभिषेक के चेहरे और सिर पर धारदार हथियार से वार हुए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। तीन टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
दोनों के मोबाइल गुम, मौके से मिले शराब के पौवे और गिलास
घटनास्थल से पुलिस को दोनों मृतकों के मोबाइल नहीं मिले। हालांकि सर्विलांस समेत अन्य तकनीकों के जरिये पुलिस मोबाइल तलाश कराने में लगी है। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर शराब की बोतल, गिलास और नमकीन के खाली पैकेट बरामद किए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि घटना से पहले मौके पर शराब पार्टी हुई थी। कुछ राहगीरों ने भी बताया कि देर रात यहां कुछ लोग मौजूद थे लेकिन शराबी समझकर किसी ने टोका नहीं। फॉरेंसिक टीम ने कुल 11 नमूने लिए हैं। इनमें खून से सनी मिट्टी, सूखी मिट्टी और मृतकों की चप्पलें भी शामिल हैं।
गैंगस्टर और लूट का आरोपी है अभिषेक
अब तक की जांच में पुलिस को यह पता चला कि अभिषेक के खिलाफ लखनऊ की अलग-अलग कोतवालियों में मामले दर्ज हैं। हसनगंज और वजीरगंज में लूट के मामले दर्ज हैं। चौक में भी उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है। वजीरगंज कोतवाली से ही वह गैंगस्टर एक्ट का भी आरोपी है। पुलिस इस बिंदु पर भी पूरे मामले की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम में देरी पर बिफरे परिजन, हाईवे जाम करने का किया प्रयास
पोस्टमार्टम के लिए दोनों शव पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाए गए थे। यहां चिकित्सकों ने गोली मारे जाने की आशंका जताई तो तय किया गया कि एक्सरे के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण दोनों शव हरदोई में 100 शैया भेजने का निर्णय हुआ। इस दौरान काफी समय लग जाने पर मृृतकों के परिजन आक्रोशित हो गए। परिजन ने पोस्टमार्टम में देरी करने का आरोप लगाते हुए लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने का भी प्रयास किया। इन लोगों का यह भी कहना था कि आईजी और एसपी पोस्टमार्टम हाउस नहीं आए। इस पर इन लोगों को विधिक प्रक्रिया की जानकारी दी गई तब यह लोग शांत हुए।
... तो अरुण के बाद दौड़ाकर की गई अभिषेक की हत्या
घटनास्थल पर जिस तरह से शव पड़े थे उससे लगता है कि हमलावरों ने पहले अरुण की हत्या कर दी। इसके बाद अभिषेक को मारने दौड़े। दरअसल अभिषेक का शव भागती मुद्रा में पड़ा था। दौड़ता हुआ शख्स जैसे गिरता है, वैसे ही वह पड़ा था। हालांकि वास्तविकता तो घटना का खुलासा होने पर ही सामने आएगी।
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लखनऊ के फैजुल्लागंज निवासी अभिषेक चौरसिया (26) के मौसा कल्लू चौरसिया कछौना कोतवाली क्षेत्र के रैंसो गांव में रहते हैं। अभिषेक पिछले 15 दिन से रैंसो में ही था। रैंसो गांव निवासी अरुण चौरसिया (30) खुद का पिकअप चलाता है। इन दिनों वह आटामऊ स्थित जल निगम के स्टोर से पाइप की आपूर्ति गांवों में करता था। परिजन ने बताया कि अभिषेक और अरुण बुधवार सुबह आठ बजे बाइक से घर से निकले थे। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजन ने दोनों के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की। मोबाइल स्विच ऑफ मिले।
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इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह दोनों के शव आटामऊ तकिया मार्ग पर सड़क किनारे कुछ ही दूरी पर मिले। यूपी 112 की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों की पहचान कराने की कोशिश की। इस दौरान लोगों ने अरुण को पहचान लिया और फिर अभिषेक की भी पहचान हो गई। अभिषेक का सिर गीली मिट्टी धंसा था, जबकि अरुण का शव सड़क किनारे ही पड़ा था। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, एएसपी पूर्वी सुबोध गौतम और सीओ संडीला संतोष सिंह ने घटनास्थल पहुंचकर जायजा लिया। परिजन से भी बातचीत की। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। एक्सरे कराने के बाद पोस्टमार्टम किया गया।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक अरुण के बाएं गाल में मारी गई गोली माथा चीरते हुए निकल गई। साथ ही उसके चेहरे पर भी धारदार हथियार से वार किए गए। अभिषेक के चेहरे और सिर पर धारदार हथियार से वार हुए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। तीन टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
दोनों के मोबाइल गुम, मौके से मिले शराब के पौवे और गिलास
घटनास्थल से पुलिस को दोनों मृतकों के मोबाइल नहीं मिले। हालांकि सर्विलांस समेत अन्य तकनीकों के जरिये पुलिस मोबाइल तलाश कराने में लगी है। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर शराब की बोतल, गिलास और नमकीन के खाली पैकेट बरामद किए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि घटना से पहले मौके पर शराब पार्टी हुई थी। कुछ राहगीरों ने भी बताया कि देर रात यहां कुछ लोग मौजूद थे लेकिन शराबी समझकर किसी ने टोका नहीं। फॉरेंसिक टीम ने कुल 11 नमूने लिए हैं। इनमें खून से सनी मिट्टी, सूखी मिट्टी और मृतकों की चप्पलें भी शामिल हैं।
गैंगस्टर और लूट का आरोपी है अभिषेक
अब तक की जांच में पुलिस को यह पता चला कि अभिषेक के खिलाफ लखनऊ की अलग-अलग कोतवालियों में मामले दर्ज हैं। हसनगंज और वजीरगंज में लूट के मामले दर्ज हैं। चौक में भी उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है। वजीरगंज कोतवाली से ही वह गैंगस्टर एक्ट का भी आरोपी है। पुलिस इस बिंदु पर भी पूरे मामले की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम में देरी पर बिफरे परिजन, हाईवे जाम करने का किया प्रयास
पोस्टमार्टम के लिए दोनों शव पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाए गए थे। यहां चिकित्सकों ने गोली मारे जाने की आशंका जताई तो तय किया गया कि एक्सरे के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण दोनों शव हरदोई में 100 शैया भेजने का निर्णय हुआ। इस दौरान काफी समय लग जाने पर मृृतकों के परिजन आक्रोशित हो गए। परिजन ने पोस्टमार्टम में देरी करने का आरोप लगाते हुए लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने का भी प्रयास किया। इन लोगों का यह भी कहना था कि आईजी और एसपी पोस्टमार्टम हाउस नहीं आए। इस पर इन लोगों को विधिक प्रक्रिया की जानकारी दी गई तब यह लोग शांत हुए।
... तो अरुण के बाद दौड़ाकर की गई अभिषेक की हत्या
घटनास्थल पर जिस तरह से शव पड़े थे उससे लगता है कि हमलावरों ने पहले अरुण की हत्या कर दी। इसके बाद अभिषेक को मारने दौड़े। दरअसल अभिषेक का शव भागती मुद्रा में पड़ा था। दौड़ता हुआ शख्स जैसे गिरता है, वैसे ही वह पड़ा था। हालांकि वास्तविकता तो घटना का खुलासा होने पर ही सामने आएगी।