UP: खूनी इश्क या साजिश? सिर मिट्टी में था धंसा, चेहरे पर धारदार वार, दोनों के मोबाइल भी गुम, हरदोई डबल मर्डर
Hardoi Double Murder News: दोहरे हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। फॉरेंसिक टीम को मौके से शराब के पौवे, गिलास और नमकीन के पैकेट मिले हैं, जिससे वहां पार्टी होने की आशंका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक अरुण के शरीर पर नौ और अभिषेक के शरीर पर सात गंभीर चोटें पाई गई हैं।
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हरदोई संडीला कोतवाली क्षेत्र के आटामऊ में तकिया मार्ग पर गैंग्स्टर के आरोपी समेत दो लोगों की गोली और धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। दोनों के शव गांव में जल जीवन मिशन की निर्माणाधीन टंकी से लगभग 200 मीटर दूर मिले। सड़क पर इनकी बाइक खड़ी मिली। जानकारी पर आईजी किरण एस ने घटनास्थल का जायजा लिया। इश्कबाजी में घटना होने की चर्चा है, लेकिन पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। लखनऊ के फैजुल्लागंज निवासी अभिषेक चौरसिया (26) के मौसा कल्लू चौरसिया कछौना कोतवाली क्षेत्र के रैंसो गांव में रहते हैं। अभिषेक पिछले 15 दिन से रैंसो में ही थे। गांव निवासी अरुण चौरसिया (30) खुद का पिकअप चलाते हैं। इन दिनों वह आटामऊ स्थित जल निगम के स्टोर से पाइप की आपूर्ति गांवों में करते थे। परिजन ने बताया कि अभिषेक और अरुण बुधवार सुबह आठ बजे बाइक से घर से निकले थे।
दोनों के मोबाइल स्विच ऑफ मिले
देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजन ने दोनों के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की। मोबाइल स्विच ऑफ मिले। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह दोनों के शव आटामऊ तकिया मार्ग पर सड़क किनारे कुछ ही दूरी पर मिले। यूपी 112 की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों की पहचान कराने की कोशिश की। इस दौरान लोगों ने अरुण को पहचान लिया और फिर अभिषेक की भी पहचान हो गई। अभिषेक का सिर मिट्टी के कीचड़ में धंसा हुआ था, जबकि अरुण का शव सड़क किनारे ही पड़ा था।
माथा चीरते हुए निकल गई गोली
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, एएसपी पूर्वी सुबोध गौतम और सीओ संडीला संतोष सिंह ने घटनास्थल पहुंचकर जायजा लिया। परिजन से भी बातचीत की। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। एक्सरे कराने के बाद पोस्टमार्टम किया गया। सूत्रों के मुताबिक अरुण के बायें गाल में मारी गई गोली माथा चीरते हुए निकल गई साथ ही चेहरे पर भी धारदार हथियार से वार किए गए। अभिषेक के चेहरे और सिर पर धारदार हथियार से वार हुए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। तीन टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही खुलासा करने का दावा किया।
दोनों के मोबाइल गुम, मौके से मिले शराब के पौवे और गिलास
घटनास्थल से पुलिस को दोनों मृतकों के मोबाइल नहीं मिले। हालांकि सर्विलांस समेत अन्य तकनीकों के जरिये पुलिस मोबाइल तलाश कराने में लगी है। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर शराब की बोतल, गिलास और नमकीन के खाली पैकेट बरामद किए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि घटना से पहले मौके पर शराब पार्टी हुई थी। कुछ राहगीरों ने भी बताया कि देर रात यहां कुछ लोग मौजूद थे लेकिन शराबी समझकर किसी ने टोका नहीं। फॉरेंसिक टीम ने कुल 11 नमूने लिए हैं। इनमें खून से सनी मिट्टी, सूखी मिट्टी और मृतकों की चप्पलें भी शामिल हैं।
गैंगस्टर और लूट का आरोपी है अभिषेक
अब तक की जांच में पुलिस को यह पता चला कि अभिषेक के खिलाफ लखनऊ की अलग-अलग कोतवालियों में मामले दर्ज हैं। हसनगंज और वजीरगंज में लूट के मामले दर्ज हैं। चौक में भी उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज है। वजीरगंज कोतवाली से ही वह गैंग्स्टर एक्ट का भी आरोपी है। पुलिस इस बिंदु पर भी पूरे मामले की जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम में देरी पर बिफरे परिजन
पोस्टमार्टम के लिए दोनों शव पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाए गए थे। यहां चिकित्सकों ने गोली मारे जाने की आशंका जताई तो तय किया गया कि एक्सरे के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण दोनों शव हरदोई में 100 शैया भेजने का निर्णय हुआ।
हाईवे जाम करने का किया प्रयास
इस दौरान काफी समय लग जाने पर मृृतकों के परिजन आक्रोशित हो गए। परिजन ने पोस्टमार्टम में देरी करने का आरोप लगाते हुए लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने का भी प्रयास किया। इन लोगों का यह भी कहना था कि आईजी और एसपी पोस्टमार्टम हाउस नहीं आए। इस पर इन लोगों को विधिक प्रक्रिया की जानकारी दी गई तब यह लोग शांत हुए।
...तो अरुण के बाद दौड़ाकर की गई अभिषेक की हत्या
घटनास्थल पर जिस तरह से शव पड़े थे उससे लगता है कि हमलावरों ने पहले अरुण की हत्या कर दी। इसके बाद अभिषेक को मारने दौड़े। दरअसल अभिषेक का शव भागती मुद्रा में पड़ा था। दौड़ता हुआ शख्स जैसे गिरता है वैसे ही वह पड़ा था। हालांकि वास्तविकता तो घटना का खुलासा होने पर ही सामने आएगी।
अरुण के नौ और अभिषेक के मिलीं सात चोटें
पोस्टमार्टम में अरुण के शव पर चोटों के नौ निशान मिले हैं। इनमें दो निशान गोली लगने और निकल जाने के हैं। सात निशान बांके से सिर और चेहरे पर किए गए वार के हैं। इसी तरह अभिषेक के शव पर चोटों के सात निशान मिले हैं। सभी सात निशान धारदार हथियार के हैं और चोटें सिर पर हैं।
बदहवास हुए परिजन
घटना का पता चलने पर अरुण की पत्नी बबली बदहवास हो गई। अरुण के एक पुत्र और एक पुत्री है। अभिषेक तीन भाई बहनों में दूसरे नंबर का था। वह अविवाहित था। उसकी मौत की जानकारी पर मां कुसुमा पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। उन्हें संभालने में परिजनों को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
स्टोर से 6:29 बजे निकले थे दोनों युवक
घटनास्थल के आस पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। इसी क्रम में आटा मऊ में स्थित जल निगम के स्टोर के फुटेज भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक फुटेज में शाम को 6:29 बजे दोनों मृतक बाइक से जाते हुए नजर आ रहे हैं।