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UP: आखिरकार रिंकू सिंह राही जांच से हटे, छह अगस्त तक पार्षदों को देने होंगे शपथपत्र, पोस्ट में लिखी ये बात

Fri, 31 Jul 2026 08:50 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उरई Published by: Himanshu Awasthi Updated Fri, 31 Jul 2026 08:50 AM IST
सार

Orai News: उरई नगर पालिका में वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर चल रहा प्रशासनिक विवाद आखिरकार थम गया है। एडीएम (नमामि गंगे) एवं जांच समिति के अध्यक्ष द्वारा जारी पत्र के बाद एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वह इस जांच समिति का हिस्सा नहीं हैं और आगे की जांच नहीं करेंगे।

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Orai Rinku Singh Rahi finally removed from inquiry councilors must submit affidavits by August 6
रिंकू सिंह राही जांच से हटे - फोटो : amar ujala

विस्तार

उरई नगर पालिका में वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर कई दिनों से चल रहा प्रशासनिक विवाद आखिरकार थमता नजर आ रहा है। एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने एडीएम (नमामि गंगे) एवं जांच समिति के अध्यक्ष का पत्र मिलने के बाद साफ कर दिया है कि अब वह इस जांच को आगे नहीं बढ़ाएंगे। उन्होंने पत्र को अपने फेसबुक पेज पर साझा करते हुए लिखा कि उन्हें जिलाधिकारी से मार्गदर्शन की अपेक्षा थी, लेकिन उन्हें विश्वास है कि एडीएम की ओर से जारी पत्र डीएम की संस्तुति पर ही जारी किया गया होगा।

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दरअसल, नगर पालिका में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों की जांच के लिए जिलााधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने 10 जुलाई को तीन सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति में एडीएम (नमामि गंगे) प्रेमचंद्र मौर्य को अध्यक्ष, तत्कालीन एसडीएम जालौन रिंकू सिंह राही और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अमित सक्सेना को सदस्य बनाया गया था। इसी बीच रिंकू सिंह राही का स्थानांतरण एसडीएम न्यायिक उरई के पद पर हो गया।

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रिंकू सिंह राही अब जांच समिति का हिस्सा नहीं
एडीएम की ओर से जारी पत्र के अनुसार, 17 जुलाई को जिलाधिकारी की संस्तुति पर एसडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी को रिंकू सिंह राही की जगह समिति का सदस्य नामित कर दिया गया। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि रिंकू सिंह राही अब जांच समिति का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए उनके द्वारा जांच किया जाना अपेक्षित नहीं है। इससे पहले 29 जुलाई को रिंकू सिंह राही ने जिलााधिकारी को पत्र लिखकर एडीएम की ओर से जारी आदेश की प्रामाणिकता की पुष्टि कराने का अनुरोध किया था।

सोशल मीडिया पर पत्र साझा कर स्थिति स्पष्ट कर दी
इसकी प्रतिलिपि एडीएम (नमामि गंगे) को भी भेजी गई थी। उसी दिन एडीएम कार्यालय से जवाब जारी किया गया, जो 30 जुलाई को रिंकू सिंह राही के कार्यालय में प्राप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पत्र साझा कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी। उधर, शिकायतकर्ता पार्षदों को भी एडीएम की ओर से पत्र भेजा गया है। इसमें छह अगस्त तक शपथपत्र के साथ जांच के बिंदु उपलब्ध कराने को कहा गया है। पार्षदों का कहना है कि वे एक-दो दिन में बैठक कर शपथपत्र तैयार करेंगे। उनका कहना है कि उनकी प्राथमिकता निष्पक्ष जांच है, जांच कौन करता है इससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। यदि जांच रिपोर्ट से वे संतुष्ट नहीं हुए तो जिलााधिकारी से शिकायत करेंगे और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

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छह अगस्त तक देने होंगे शपथपत्र के साथ जांच बिंदु
जांच समिति के अध्यक्ष एवं एडीएम (नमामि गंगे) प्रेमचंद्र मौर्य ने शिकायतकर्ता पार्षदों को छह अगस्त तक शपथपत्र के साथ अपने आरोपों के बिंदुवार विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद समिति आरोपों की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। पार्षदों का कहना है कि वे तय समय के भीतर सभी बिंदु शपथपत्र सहित प्रस्तुत करेंगे।

सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ, पत्र पर आकर थमा विवाद
नगर पालिका जांच को लेकर विवाद तब बढ़ा, जब एसडीएम न्यायिक रिंकू सिंह राही ने जांच के लिए अभिलेख न मिलने की बात सोशल मीडिया पर सार्वजनिक की। इसके साथ ही 28 जुलाई तक अभिलेख न मिलने पर उन्हें न्यायिक सुरक्षा में लेने की चेतावनी दी। इसके बाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ने भी उन्हें पत्र लिखकर उनकी जांच के अधिकार को चुनौती दे डाली। बुधवार को मोहलत खत्म होने के बाद रिंकू सिंह राही नगर पालिका जांच के लिए पहुंच गए थे। इस दौरान ईओ से उनकी नोकझोंक भी हुई थी। ईओ ने अभिलेख देने से इन्कार किया, पर रिंकू सिंह ने कुछ अभिलेखों की अपने बीस निजी कंप्यूटर ऑपरेटरों की मदद से फोटोग्राफी कराई। अंततः एडीएम की ओर से जारी पत्र में यह स्पष्ट कर दिया गया कि रिंकू सिंह राही पहले ही जांच समिति से प्रतिस्थापित किए जा चुके हैं।

मुझे विश्वास है कि जांच कमेटी के अध्यक्ष की ओर से 17 जुलाई को जारी किया गया पत्र जिलाधिकारी की संस्तुति से ही निर्गत किया होगा। पत्र में स्पष्ट है कि जांच कमेटी का सदस्य अब मैं नहीं हूं। मुझसे जांच अपेक्षित नहीं की गई है।  -रिंकू सिंह राही, एसडीएम न्यायिक

जांच कौन करेगा, इससे ज्यादा जरूरी यह है कि जांच ठीक ढंग से हो। जांच कमेटी को जल्द शपथ पत्र के साथ जांच के बिंदु दिए जाएंगे। जांच रिपोर्ट से संतुष्ट न होने की दशा में डीएम से अपील व न्यायालय का रास्ता रहेगा।  -बिपिन सेठ, शिकायतकर्ता पार्षद

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