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Hardoi News: मेडिकल कॉलेज तक अंडरग्राउंड विद्युत केबल का अधर में काम
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फोटो-03- लखनऊ रोड पर पड़ी विद्युत केबिल। संवाद
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के लिए शुरू किया गया अंडरग्राउंड केबल बिछाने का काम निगम की फाइलों और विभागीय सुस्ती में फंस कर रह गया है। निर्बाध आपूर्ति देने के लिए मन्नापुरवा उपकेंद्र से मेडिकल कॉलेज तक लाइन बिछाई जानी है लेकिन अब काम बंद है। इतना ही नहीं, सांडी रोड उपकेंद्र और औद्योगिक क्षेत्र की विद्युत परियोजनाएं भी अधूरी पड़ी हैं।
मेडिकल कॉलेज बनने और तमाम विभाग और छात्रावास बनने के बाद विद्युत की आवश्यकता अधिक होने लगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में सहूलियत के लिए 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति देने के लिए भी मन्नापुरवा उपकेंद्र से मेडिकल कॉलेज तक अंडरग्राउंड केबल डालने की लिए प्रस्ताव तैयार होता है। रिवैंप योजना के अंतर्गत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये से काम कराया जाना है। काम शुरू भी हुआ और मन्नापुरवा व मेडिकल कॉलेज की तरफ से लाइन डाली जाने लगी। आवास विकास कॉलोनी के पास आकर अब काम बीते छह माह से बंद है। वहीं, मन्नापुरवा की तरफ से भी बीच-बीच में आधा अधूरा काम पड़ा है। विद्युत निगम की तरफ से लगातार लापरवाही बरती जा रही है।
मेडिकल कॉलेज में भी ठप पड़ा काम
मेडिकल कॉलेज में भी लोड बढ़ाने के लिए 1230 केवी के तीन ट्रांसफार्मर रखे जाने हैं। फाउंडेशन बन गए हैं लेकिन अब बीते एक माह से वहां भी काम बंद है जबकि मेडिकल कॉलेज की तरफ से विद्युत निगम को धनराशि भेजी जा चुकी है। पहले तो 9.56 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था लेकिन सामग्री दर बढ़ने के बाद अब करीब 13 करोड़ रुपये का बजट हो गया है। इससे करीब पांच से सात करोड़ रुपये निगम को दिए भी जा चुके हैं। इसके बाद भी काम नहीं कराया जा रहा है।
सांडी रोड उपकेंद्र और औद्योगिक क्षेत्र की परियोजना भी अटकी
सिर्फ मेडिकल कॉलेज ही नहीं, सांडी रोड उपकेंद्र को मन्नापुरवा स्थित प्राथमिक उपकेंद्र से 33 केवी लाइन बिछाने का प्रस्ताव बना। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्र में भी नई लाइन बिछाई जानी है। सभी कार्य रिवैंप योजना के अंतर्गत हैं और इसके लिए भारी भरकम बजट भी दिया गया है लेकिन काम अभी तक अटका है।
परियोजनाओं का काम समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। प्रगति के बारे में उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। जल्द ही गतिरोध दूर कर काम पूरे कराए जाएंगे। -प्रेम प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड द्वितीय
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मेडिकल कॉलेज बनने और तमाम विभाग और छात्रावास बनने के बाद विद्युत की आवश्यकता अधिक होने लगी। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में सहूलियत के लिए 24 घंटे निर्बाध आपूर्ति देने के लिए भी मन्नापुरवा उपकेंद्र से मेडिकल कॉलेज तक अंडरग्राउंड केबल डालने की लिए प्रस्ताव तैयार होता है। रिवैंप योजना के अंतर्गत करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये से काम कराया जाना है। काम शुरू भी हुआ और मन्नापुरवा व मेडिकल कॉलेज की तरफ से लाइन डाली जाने लगी। आवास विकास कॉलोनी के पास आकर अब काम बीते छह माह से बंद है। वहीं, मन्नापुरवा की तरफ से भी बीच-बीच में आधा अधूरा काम पड़ा है। विद्युत निगम की तरफ से लगातार लापरवाही बरती जा रही है।
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मेडिकल कॉलेज में भी ठप पड़ा काम
मेडिकल कॉलेज में भी लोड बढ़ाने के लिए 1230 केवी के तीन ट्रांसफार्मर रखे जाने हैं। फाउंडेशन बन गए हैं लेकिन अब बीते एक माह से वहां भी काम बंद है जबकि मेडिकल कॉलेज की तरफ से विद्युत निगम को धनराशि भेजी जा चुकी है। पहले तो 9.56 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ था लेकिन सामग्री दर बढ़ने के बाद अब करीब 13 करोड़ रुपये का बजट हो गया है। इससे करीब पांच से सात करोड़ रुपये निगम को दिए भी जा चुके हैं। इसके बाद भी काम नहीं कराया जा रहा है।
सांडी रोड उपकेंद्र और औद्योगिक क्षेत्र की परियोजना भी अटकी
सिर्फ मेडिकल कॉलेज ही नहीं, सांडी रोड उपकेंद्र को मन्नापुरवा स्थित प्राथमिक उपकेंद्र से 33 केवी लाइन बिछाने का प्रस्ताव बना। इसी प्रकार औद्योगिक क्षेत्र में भी नई लाइन बिछाई जानी है। सभी कार्य रिवैंप योजना के अंतर्गत हैं और इसके लिए भारी भरकम बजट भी दिया गया है लेकिन काम अभी तक अटका है।
परियोजनाओं का काम समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। प्रगति के बारे में उच्चाधिकारियों को भी जानकारी दी गई है। जल्द ही गतिरोध दूर कर काम पूरे कराए जाएंगे। -प्रेम प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड द्वितीय
