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Hathras News: एआई वीडियो बता रहा सर्वाइकल कैंसर का खतरा
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राजकीय कन्या इंटर कॉलेज रमनपुर में टीकाकरण करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत : स्वास्थ्
- फोटो : Health Department
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सर्वाइकल कैंसर जैसी घातक बीमारी से बेटियों को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अब पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ तकनीक का सहारा भी ले रहा है। एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए अब एआई आधारित वीडियो के जरिये लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग केवल स्लोगन, बैनर व गली मोहल्लों में लाउडस्पीकर से कराई जाने वाली जागरूकता उदघोषणा तक ही सीमित नहीं है। अब एआई की मदद से वीडियो तैयार किए जा रहे हैं, जो बेहद सरल भाषा में टीके के महत्व और कैंसर के खतरे को समझाते हैं। वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फील्ड वर्क के दौरान अभिभावकों को दिखाया जा रहा है ताकि उनकी शंकाएं दूर हो सकें।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों में पहुंच रही है। स्कूल प्रबंधन के जरिये छात्राओं के अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद स्कूलों में टीका सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही आशा-एनएमएम के जरिये घर-घर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
90 दिन का अभियान, 16,840 टीके
सरकार ने एचपीवी टीके को नियमित टीकाकरण में शामिल करने से पहले 90 दिनों का ट्रायल फेज शुरू किया है। इसके अंतर्गत कोल्ड चेन वाले स्वास्थ्य केंद्रों पर टीके लगाए जाएंगे। जिले में 15 वर्ष की 16,840 किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य है। यू-विन पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 138 किशोरियों को टीके लग सके हैं। लोग स्वयं यू-विन पर पंजीकरण नहीं करा रहे और न ही स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं।
स्कूलों के जरिये अभिभावकों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही एआई वीडियो व सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। प्रारंभिक दौर होने के कारण लोग झिझक रहे हैं। इसी को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।
डाॅ. एमआई आलम, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
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इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग केवल स्लोगन, बैनर व गली मोहल्लों में लाउडस्पीकर से कराई जाने वाली जागरूकता उदघोषणा तक ही सीमित नहीं है। अब एआई की मदद से वीडियो तैयार किए जा रहे हैं, जो बेहद सरल भाषा में टीके के महत्व और कैंसर के खतरे को समझाते हैं। वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फील्ड वर्क के दौरान अभिभावकों को दिखाया जा रहा है ताकि उनकी शंकाएं दूर हो सकें।
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बता दें कि स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों में पहुंच रही है। स्कूल प्रबंधन के जरिये छात्राओं के अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद स्कूलों में टीका सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही आशा-एनएमएम के जरिये घर-घर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
90 दिन का अभियान, 16,840 टीके
सरकार ने एचपीवी टीके को नियमित टीकाकरण में शामिल करने से पहले 90 दिनों का ट्रायल फेज शुरू किया है। इसके अंतर्गत कोल्ड चेन वाले स्वास्थ्य केंद्रों पर टीके लगाए जाएंगे। जिले में 15 वर्ष की 16,840 किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य है। यू-विन पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 138 किशोरियों को टीके लग सके हैं। लोग स्वयं यू-विन पर पंजीकरण नहीं करा रहे और न ही स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं।
स्कूलों के जरिये अभिभावकों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही एआई वीडियो व सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। प्रारंभिक दौर होने के कारण लोग झिझक रहे हैं। इसी को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।
डाॅ. एमआई आलम, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी।
