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Hathras News: ट्रैक्टर और तगादे से भड़के भतीजे ने कुल्हाड़ी से की थी ताऊ की हत्या
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
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हाथरस जंक्शन के गांव पहाड़पुर में जगदीश प्रसाद शर्मा की हत्या उनके ही भतीजे ने कर दी थी। चार साल पहले दिलाए गए ट्रैक्टर को वापस लेने तथा रोजाना तगादा करने से आरोपी परेशान था। इसलिए उसने एक बार में ही किस्सा खत्म करने की योजना बनाई।
हत्या वाली रात उसने ताऊ के पैर दबाए थे और जब वे सो गए तो कुल्हाड़ी के एक ही वार से उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक के दामाद लक्ष्मण कुमार निवासी इगलास ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद जगदीश प्रसाद शर्मा गांव में ही रह रहे थे। चार भाइयों में वे सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर के भाई भी स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हैं और ग्वालियर रहते हैं। तीसरे नंबर के भाई राजेंद्र पड़ोस में रहते हैं। चौथे भाई की मृत्यु हो चुकी है, उनका परिवार भी गांव में ही है। आर्थिक रूप से सक्षम होने के कारण जगदीश प्रसाद शर्मा भाइयों की मदद करते रहते थे।
इसी के चलते उन्होंने राजेंद्र के बेटे कपिल शर्मा को तीन साल पहले ट्रैक्टर दिलवाया था। पुलिस के अनुसार कपिल ने सही से काम नहीं किया। इस पर जगदीश ने ट्रैक्टर वापस ले लिया था और पांच लाख रुपये मांग रहे थे। इन्हीं पांच लाख रुपये को लेकर 27 अप्रैल की शाम को जगदीश प्रसाद ने कपिल को डांटा था तथा रुपये मांगे थे। डांटने के दौरान गाली भी दे दी थी। इस पर कपिल ने उन्हें रास्ते से हटाने का मन बना लिया।
एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि हत्या के इरादे से कपिल रात 10 बजे ताऊ के पास पहुंचा तथा चारपाई पर लेटे जगदीश प्रसाद के पैर दबाए। जब वे सो गए तो वह जीने का दरवाजा खोल आया और घर आकर सो गया। देर रात वह जीने के रास्ते घर में घुसा और सिर पर कुल्हाड़ी का प्रहार कर हत्या कर दी। जीने के नीचे ही कुल्हाड़ी छिपा दी। बृहस्पतिवार को एसओ ललित शर्मा ने टीम के साथ कपिल को पहाड़पुर से गिरफ्तार कर लिया।
ताऊ की जमीन व घर पर भी थी नजर
पुलिस छानबीन में सामने आया है कि आरोपी कपिल की नजर ताऊ की जमीन व घर पर भी थी। जगदीश प्रसाद की एक ही बेटी थी, जिसकी 26 वर्ष पहले शादी हो चुकी है। वे समृद्ध परिवार में हैं तथा उनकी ओर से गांव की संपत्ति को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। ऐसे में कपिल को लगा कि ताऊ के मरते ही कर्ज नहीं देना पड़ेगा। घर भी उसका हो जाएगा और खेत भी। इसी लालच व आवेश में आकर उसने घटना को अंजाम दे दिया।
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हत्या वाली रात उसने ताऊ के पैर दबाए थे और जब वे सो गए तो कुल्हाड़ी के एक ही वार से उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी भतीजे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक के दामाद लक्ष्मण कुमार निवासी इगलास ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद जगदीश प्रसाद शर्मा गांव में ही रह रहे थे। चार भाइयों में वे सबसे बड़े थे। दूसरे नंबर के भाई भी स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हैं और ग्वालियर रहते हैं। तीसरे नंबर के भाई राजेंद्र पड़ोस में रहते हैं। चौथे भाई की मृत्यु हो चुकी है, उनका परिवार भी गांव में ही है। आर्थिक रूप से सक्षम होने के कारण जगदीश प्रसाद शर्मा भाइयों की मदद करते रहते थे।
इसी के चलते उन्होंने राजेंद्र के बेटे कपिल शर्मा को तीन साल पहले ट्रैक्टर दिलवाया था। पुलिस के अनुसार कपिल ने सही से काम नहीं किया। इस पर जगदीश ने ट्रैक्टर वापस ले लिया था और पांच लाख रुपये मांग रहे थे। इन्हीं पांच लाख रुपये को लेकर 27 अप्रैल की शाम को जगदीश प्रसाद ने कपिल को डांटा था तथा रुपये मांगे थे। डांटने के दौरान गाली भी दे दी थी। इस पर कपिल ने उन्हें रास्ते से हटाने का मन बना लिया।
एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि हत्या के इरादे से कपिल रात 10 बजे ताऊ के पास पहुंचा तथा चारपाई पर लेटे जगदीश प्रसाद के पैर दबाए। जब वे सो गए तो वह जीने का दरवाजा खोल आया और घर आकर सो गया। देर रात वह जीने के रास्ते घर में घुसा और सिर पर कुल्हाड़ी का प्रहार कर हत्या कर दी। जीने के नीचे ही कुल्हाड़ी छिपा दी। बृहस्पतिवार को एसओ ललित शर्मा ने टीम के साथ कपिल को पहाड़पुर से गिरफ्तार कर लिया।
ताऊ की जमीन व घर पर भी थी नजर
पुलिस छानबीन में सामने आया है कि आरोपी कपिल की नजर ताऊ की जमीन व घर पर भी थी। जगदीश प्रसाद की एक ही बेटी थी, जिसकी 26 वर्ष पहले शादी हो चुकी है। वे समृद्ध परिवार में हैं तथा उनकी ओर से गांव की संपत्ति को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। ऐसे में कपिल को लगा कि ताऊ के मरते ही कर्ज नहीं देना पड़ेगा। घर भी उसका हो जाएगा और खेत भी। इसी लालच व आवेश में आकर उसने घटना को अंजाम दे दिया।
